मोतिहारी | 20 मार्च 2026: बिहार के मोतिहारी जिले का चकिया इलाका इन दिनों गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज रहा है। सिसरहिया गांव में हुए एक भीषण Chakiya Encounter ने पूरे राज्य को दहला कर रख दिया है।
इस मुठभेड़ में बिहार एसटीएफ (STF) के जांबाज जवान श्रीराम कुमार यादव शहीद हो गए। वहीं, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर और उसके साथी प्रियांशु कुमार को मार गिराया है।
‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क आपके लिए इस खूनी मुठभेड़ की पूरी इनसाइड स्टोरी लेकर आई है। जानिए कैसे एक अपराधी की अति-महत्वाकांक्षा और अंधाधुंध फायरिंग ने एक जांबाज की जान ले ली।
“गुंडई क्या होती है, पूरे शहर को दिखा देंगे”
इस Chakiya Encounter से ठीक पहले कुख्यात कुंदन ठाकुर का एक बेहद खौफनाक ऑडियो क्लिप सामने आया था। उसने चकिया के एक व्यवसायी को फोन पर धमकी दी थी।
ऑडियो में कुंदन साफ कहता सुनाई दे रहा था, “पता है अगला न्यूज़ क्या होगा? मुठभेड़ में 10-15 पुलिसकर्मी मारे गए। गुंडई क्या होती है, हम पूरे शहर को दिखा देंगे, आ रहे हैं हम चकिया।”
वह एके-47 (AK-47) और एके-56 (AK-56) जैसे घातक हथियारों से लैस होने का दावा कर रहा था। उसकी इस खुली चुनौती के बाद पुलिस और एसटीएफ की टीम पूरी तरह से अलर्ट हो गई थी।
सिसरहिया गांव में बिछाया गया था एसटीएफ का जाल
गुप्त सूचना के आधार पर मोतिहारी पुलिस और एसटीएफ की टीम ने चकिया के सिसरहिया गांव में घेराबंदी की थी। कुंदन अपने साथियों के साथ वहीं एक घर में छिपा हुआ था।
रात करीब 1:30 बजे जैसे ही पुलिस की टीम दरवाजे पर पहुंची, अचानक घर की बिजली कट गई। अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधियों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
यहीं से उस भयानक Chakiya Encounter की शुरुआत हुई जो करीब डेढ़ घंटे तक चला। अपराधियों ने मोर्चेबंदी कर रखी थी, लेकिन पुलिस के जांबाज पीछे हटने वाले नहीं थे।
एनएसजी ट्रेनिंग से लौटे जवान श्रीराम यादव हुए शहीद
इस मुठभेड़ में एसटीएफ के जांबाज जवान श्रीराम कुमार यादव ने अद्भुत साहस का परिचय दिया। अपराधियों की गोलियां उनके सीने में लगीं, लेकिन उन्होंने अंतिम सांस तक लड़ना नहीं छोड़ा।
रोहतास जिले के रहने वाले श्रीराम यादव 2018 बैच के सिपाही थे। सबसे दुखद बात यह है कि वह महज दो सप्ताह पहले ही एनएसजी (NSG) की कठिन ट्रेनिंग पूरी करके वापस लौटे थे।
शहीद जवान अपने पीछे पत्नी अन्नू कुमारी, 4 साल के बेटे अमन और 6 साल की बेटी अंशिका को छोड़ गए हैं। पुलिस लाइन में उन्हें नम आंखों से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
कुंदन को लगी 5 और प्रियांशु को 4 गोलियां
शहीद श्रीराम यादव की शहादत बेकार नहीं गई। इस Chakiya Encounter में एसटीएफ और पुलिस की जवाबी फायरिंग में कुख्यात कुंदन ठाकुर और उसका साथी प्रियांशु कुमार मौके पर ही ढेर हो गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मुठभेड़ में कुंदन ठाकुर को पांच गोलियां लगीं, जबकि प्रियांशु को चार गोलियां लगी हैं। कुंदन के अन्य सहयोगियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।
अपराध की दुनिया में नाम कमाने की अंधी चाहत ने कुंदन को मौत के मुंह तक पहुंचा दिया। हैरानी की बात यह है कि कुंदन की शादी महज तीन महीने पहले ही हुई थी।
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