वाशिंगटन | 20 मार्च 2026: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के दौरान एक बड़ा कूटनीतिक विवाद सामने आया है। ओवल ऑफिस में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की मेजबानी करते हुए Donald Trump ने एक अजीबोगरीब बयान दे दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने जापान पर ही ताना मार दिया। Donald Trump ने दूसरे विश्व युद्ध (World War II) के दौरान हुए ‘पर्ल हार्बर’ हमले का मजाक उड़ाया, जिससे वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।
दरअसल, गुरुवार को ओवल ऑफिस में एक प्रेस ब्रीफिंग चल रही थी। इस दौरान एक जापानी रिपोर्टर ने अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए अचानक हमले (Surprise Attack) को लेकर एक सीधा और तीखा सवाल पूछ लिया।
रिपोर्टर का सवाल और ईरान पर हमले का जिक्र
रिपोर्टर ने पूछा, “आपने ईरान पर हमला करने से पहले यूरोप, एशिया और जापान के अपने सहयोगी देशों (Allies) को इस युद्ध के बारे में पहले क्यों नहीं बताया?”
इस सवाल पर Donald Trump ने अपने खास अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि जब अमेरिका किसी मिलिट्री ऑपरेशन में जाता है, तो वह अपने प्लान का खुलासा नहीं करता।
उन्होंने बताया कि ईरान पर हमला बहुत जोरदार था और ‘सरप्राइज’ एलिमेंट बनाए रखने के लिए उन्होंने किसी को इसके बारे में पहले से कुछ नहीं बताया।
“सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है?”
अपने जवाब को आगे बढ़ाते हुए Donald Trump ने अचानक जापान के इतिहास पर एक बड़ा ताना मार दिया। उन्होंने जापानी रिपोर्टर को देखते हुए कहा, “सरप्राइज (अचानक हमले) के बारे में जापान से बेहतर भला कौन जानता है?”
शुरुआत में कमरे में इस बात पर थोड़ी हंसी गूंजी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति यहीं नहीं रुके। उन्होंने शरारत भरे अंदाज में आगे पूछा, “आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया था?”
इस आखिरी लाइन के बाद कमरे में छाई हंसी अचानक एक भारी सन्नाटे में बदल गई। वहां बैठी जापानी पीएम सनाए ताकाइची की आंखें हैरानी से फटी रह गईं और वह अपनी कुर्सी पर असहज (Uncomfortable) होकर पहलू बदलने लगीं।
पर्ल हार्बर का वो काला और दर्दनाक इतिहास
आपको बता दें कि Donald Trump जिस पर्ल हार्बर हमले का जिक्र कर रहे थे, वह 7 दिसंबर 1941 को हुआ था। जापान ने हवाई (Hawaii) स्थित अमेरिकी नेवल बेस पर अचानक हमला कर दिया था।
इस भीषण हमले में 2,390 अमेरिकी नागरिक और सैनिक मारे गए थे। इसी घटना के अगले दिन अमेरिका ने जापान के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी थी और दूसरे विश्व युद्ध में प्रवेश कर लिया था।
अगस्त 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराने के बाद ही जापान ने अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण किया था। यह इतिहास आज भी दोनों देशों के रिश्तों में एक बेहद संवेदनशील मुद्दा माना जाता है।
एरिक ट्रंप ने की तारीफ, आलोचकों ने घेरा
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। Donald Trump के बेटे एरिक ट्रंप ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी तारीफ करते हुए लिखा, “इतिहास में किसी पत्रकार को दिया गया यह सबसे बेहतरीन जवाबों में से एक है!”
वहीं, आलोचक इस बयान से बिल्कुल खुश नहीं हैं। मशहूर पत्रकार मेहदी हसन ने लिखा, “माफ कीजिए, लेकिन यह मजाकिया है। अगर वह राष्ट्रपति न होते, तो हम बिना किसी शर्मिंदगी के इस पर हंस सकते थे।”
यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने किसी सहयोगी देश के नेता के सामने विश्व युद्ध का अजीब जिक्र किया हो। पिछले साल जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के सामने भी उन्होंने ‘D-Day’ को लेकर ऐसा ही एक असहज करने वाला बयान दिया था।
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