“Dhanteras 2025: खरीदारी एवं पूजा से कैसे बरसेगा धन और खुशियों का अम्बार”
प्रस्तावना
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हर वर्ष की तरह, इस वर्ष Dhanteras को लेकर लोगों की अपेक्षाएँ और उत्साह बढ़ा हुआ है। यह त्योहार न केवल धन एवं समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि धार्मिक श्रद्धा, पारिवारिक जुड़ाव और सामाजिक सौहार्द का भी अवसर है। मान्यता है कि यदि इस दिन शुभ मुहूर्त में सही वस्तुएँ खरीदी जाएं और पूजा विधि पूरी श्रद्धा से की जाए, तो घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है। इस लेख में हम चर्चा करेंगे कि 2025 में किस समय खरीदारी करनी चाहिए, पूजा कैसे करनी चाहिए, किन वस्तुओं को प्राथमिकता दें, और समाज एवं अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव।
1. समय और मुहूर्त — कब करना शुभ होगा?
धनतेरस की तिथि इस वर्ष 18 अक्टूबर, शनिवार को है। — शुभ मुहूर्त: दोपहर 2:05 बजे से प्रारंभ माना गया है — यानी ज्योतिषीय दृष्टि से इस समय से खरीदारी शुभ मानी जाएगी। — इसके अलावा, दिन में स्थिर लग्न और चर लग्न को विशेष महत्व दिया जाता है। कहा जाता है कि स्थिर लग्न में सोना-सिक्का खरीदना बेहतर रहता है, जबकि चर लग्न में वाहन या चलने वाली वस्तुएँ खरीदना शुभ रहता है। — यदि संभव हो, तो सूर्यास्त के बाद (लेकिन रात के मध्य से पहले) कुछ विशेष पूजा भी की जाती है, जैसे दीप जलाना और लक्ष्मी पूजा।
(ये समय और मुहूर्त विवरण विभिन्न ज्योतिष और धार्मिक वेबसाइटों पर प्रकाशित हैं।)
व्यापार में वृद्धि: त्योहारों के समय, सोना-चांदी और उपहार वस्तुओं की बिक्री बढ़ जाती है।
माइक्रो-उद्योगों को प्रेरणा: स्थानीय शिल्पकार, दीपक निर्माता, रंगोली कलाकार आदि को अवसर मिलता है।
मीडिया कवरेज: प्रत्येक प्रमुख समाचार चैनल इस पर्व पर विशेष रिपोर्ट और लाइव कवरेज करते हैं — पूजा टिप्स, खरीदारी सूची, ज्योतिष सुझाव आदि।
मानव जुड़ाव: परिवार और समाज में त्योहार की भावना बढ़ती है, मेल-मिलाप बढ़ता है।
6. कुछ प्रमुख समाचार चैनलों की दृष्टि
NDTV, Times of India, Hindustan Times, Navbharat Times आदि चैनल और वेबसाइट्स हर वर्ष धनतेरस पर विशेष आलेख और दिशानिर्देश प्रकाशित करते हैं।
इन रिपोर्ट्स में अक्सर “कैसे खारीदें?”, “कौन सा मुहूर्त शुभ?”, “पूजा विधि” आदि विषय शामिल होते हैं।
2025 के लिए भी ये चैनल समय रहते पूजा-सुझावों, विशेषज्ञ ज्योतिषियों की सलाह और बाजार की रिपोर्ट साझा करेंगे।
7. कैसे तैयार हो — आपकी चेकलिस्ट
शुभ मुहूर्त देखें और उसी समय खरीदारी करें।
विश्वसनीय बिक्री स्रोत से खरीदें — hallmark या प्रमाणित विक्रेता।
पूजा सामग्री पहले ही तैयार रखें।
पूजा विधि और मंत्रों का अभ्यास रखें।
शुभ समय पर दीपक जलाएं और पुनः शाम को प्रकाश करें।
परिवार, रिश्तेदारों को निमंत्रण दें और पूजा साझा करें।
निष्कर्ष
धनतेरस सिर्फ एक धार्मिक औपचारिकता नहीं है, यह समृद्धि, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। यदि इस 2025 धनतेरस पर समय का ध्यान रखकर, सही वस्तुएँ खरीदकर, और पूजा विधि श्रद्धा से करके मनाया जाए, तो मान्यता है कि यह दिन आपके घर में धन और खुशियाँ बरसाएगा।
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Khabar Aangan Admin
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