जयपुर, 2 सितंबर 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से ठीक पहले मथुरा-वृंदावन जाने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने राहत की खबर दी है। जन्माष्टमी के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जयपुर और मथुरा के बीच अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया गया है। यह विशेष सेवा 3 सितंबर से 5 सितंबर 2026 तक तीन ट्रिप में संचालित होगी। यानी जन्माष्टमी के आसपास कान्हा की नगरी जाने वाले यात्रियों के पास सामान्य ट्रेनों के अलावा एक अतिरिक्त विकल्प रहेगा।
जन्माष्टमी पर मथुरा और वृंदावन में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में नियमित ट्रेनों पर दबाव बढ़ने की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए जयपुर से सीधे मथुरा के लिए यह विशेष रेलसेवा शुरू की जा रही है। खास बात यह है कि ट्रेन अनारक्षित होगी, इसलिए जिन यात्रियों को आखिरी समय में यात्रा की योजना बनानी पड़ रही है, उनके लिए यह सेवा उपयोगी हो सकती है।
जयपुर से दोपहर में चलेगी ट्रेन, शाम तक मथुरा पहुंचाएगी
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 09721 जयपुर-मथुरा अनारक्षित स्पेशल 3, 4 और 5 सितंबर को जयपुर से चलेगी। ट्रेन जयपुर से दोपहर 1 बजे रवाना होगी और करीब 5 घंटे 50 मिनट की यात्रा के बाद शाम 6:50 बजे मथुरा पहुंचेगी। इस समय का सीधा फायदा उन श्रद्धालुओं को मिल सकता है जो जन्माष्टमी से पहले या पर्व के दौरान मथुरा पहुंचकर आगे वृंदावन जाने की योजना बना रहे हैं।
यात्रा के दौरान ट्रेन कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। जयपुर के बाद गांधीनगर जयपुर, गैटोर जगतपुरा, दौसा, बांदीकुई, राजगढ़, मालाखेड़ा और अलवर समेत कई स्टेशनों को इसके ठहराव में शामिल किया गया है। इसके आगे रामगढ़, गोविंदगढ़, बृजनगर, डीग और गोवर्धन होते हुए ट्रेन मथुरा पहुंचेगी। इस रूट से राजस्थान के कई शहरों और कस्बों के यात्रियों को भी मथुरा जाने का विकल्प मिलेगा।
मथुरा से रात में लौटेगी स्पेशल ट्रेन
सिर्फ जयपुर से मथुरा जाने की सुविधा ही नहीं, वापसी के लिए भी विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 09722 मथुरा-जयपुर अनारक्षित स्पेशल 3 से 5 सितंबर तक मथुरा से रात 8 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन रात करीब 2:35 बजे जयपुर पहुंचेगी। इस तरह श्रद्धालुओं को मथुरा में दर्शन और धार्मिक कार्यक्रमों के बाद वापस लौटने के लिए भी अतिरिक्त रेल विकल्प मिलेगा।
रेलवे ने इस विशेष सेवा में कुल 17 डिब्बे रखने की जानकारी दी है। इनमें 15 साधारण श्रेणी के कोच और 2 गार्ड डिब्बे शामिल होंगे। ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित होने के कारण यात्रियों को आरक्षित सीट की सुविधा नहीं मिलेगी। इसलिए जन्माष्टमी के आसपास संभावित भीड़ को देखते हुए स्टेशन पहुंचने और यात्रा की योजना में पर्याप्त समय रखना बेहतर रहेगा।
जन्माष्टमी पर मथुरा जाने वालों के लिए क्यों खास है यह ट्रेन
इस बार जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। कृष्ण जन्मोत्सव के कारण मथुरा और वृंदावन में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसी दौरान रेलवे ने दिल्ली से मथुरा समेत कई धार्मिक मार्गों पर भी अतिरिक्त विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। इससे साफ है कि त्योहार के दौरान बढ़ने वाले यात्री दबाव को संभालने के लिए अतिरिक्त रेल सेवाओं पर जोर दिया जा रहा है।
जयपुर-मथुरा स्पेशल की टाइमिंग भी इसे खास बनाती है। दोपहर में जयपुर से निकलने वाली ट्रेन शाम तक मथुरा पहुंच जाएगी, जबकि वापसी सेवा रात 8 बजे रवाना होगी। हालांकि यात्रियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह अनारक्षित स्पेशल ट्रेन है और त्योहार के दौरान इसमें भी काफी भीड़ हो सकती है। यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति, प्लेटफॉर्म और संचालन संबंधी ताजा जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जांच लेना उचित रहेगा।
यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
जन्माष्टमी के दौरान मथुरा और वृंदावन में सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ काफी बढ़ सकती है। रेलवे स्टेशन से मंदिरों तक पहुंचने में भी अतिरिक्त समय लग सकता है। इसलिए केवल ट्रेन के समय को देखकर यात्रा की योजना न बनाएं, बल्कि मथुरा पहुंचने के बाद स्थानीय परिवहन, दर्शन व्यवस्था और भीड़ को ध्यान में रखकर पूरा कार्यक्रम बनाना बेहतर होगा।
Disclaimer – ट्रेन के समय और संचालन में रेलवे की ओर से अंतिम समय पर बदलाव संभव है। यात्रा से पहले आधिकारिक रेलवे माध्यमों से ताजा शेड्यूल और रनिंग स्टेटस की पुष्टि जरूर करें।
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