मधुबनी, 24 सितंबर 2026: मधुबनी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर ‘जीवछ नदी’ को एक बार फिर से जीवित और स्वच्छ बनाने के लिए गुरुवार को शहर में एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के तहत जीवछ नदी और मुक्ति धाम के कायाकल्प के लिए एक विशाल स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस महा-अभियान में जिले के बड़े प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर आम जनता, सफाई कर्मी और युवाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर नदी की सफाई की और श्रमदान किया।

यह भव्य आयोजन मधुबनी नगर निगम, जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (LSBA) के संयुक्त प्रयास से किया गया। सुबह होते ही नदी घाटों पर लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। कार्यक्रम की शुरुआत उप विकास आयुक्त (DDC) तुषार कुमार ने वहां मौजूद सभी लोगों को पर्यावरण बचाने और जलस्रोतों को साफ रखने की शपथ दिलाकर की। शपथ के तुरंत बाद सभी ने हाथों में ग्लव्स पहने, चेहरे पर मास्क लगाया और नदी, घाटों व आस-पास की सड़कों की सफाई में जुट गए।
नदी से निकाली गई जलकुंभी और गंदगी
इस सामूहिक श्रमदान के दौरान लोगों ने नदी के अंदर फैली जलकुंभी, विसर्जित की गई मूर्तियों के बचे हुए अवशेष और कूड़े-कचरे को बाहर निकाला। अधिकारियों और आम लोगों ने मिलकर जिस तरह से साफ-सफाई की, उससे घाट का पूरा नजारा ही बदल गया। अभियान में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाने के लिए नदी तट पर एक ‘हस्ताक्षर पटल’ (सिग्नेचर बोर्ड) भी लगाया गया था, जहां लोगों ने हस्ताक्षर करके इस अभियान को अपना समर्थन दिया। इसके अलावा घाट किनारे बना ‘सेल्फी प्वाइंट’ युवाओं के बीच काफी मशहूर रहा, जहां लोगों ने स्वच्छता का संदेश देते हुए तस्वीरें खिंचवाईं।
“स्वच्छता एक दिन का काम नहीं, यह हमारी जिम्मेदारी है”

- उप विकास आयुक्त तुषार कुमार ने इस मौके पर कहा कि जीवछ नदी मधुबनी की प्राकृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक धरोहर है। इसे बचाने के लिए सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम जनता की भागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि यह लगातार चलने वाली सामूहिक जिम्मेदारी है।
- नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने स्पष्ट किया कि जब तक जीवछ नदी पूरी तरह से गंदगी मुक्त नहीं हो जाती, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। भविष्य में भी जनसहयोग से ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से होते रहेंगे।
- सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) चंदन कुमार झा ने लोगों से अपील की कि वे नदी को साफ रखने की इस मुहिम से लगातार जुड़े रहें और अपने आस-पास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें।

इस महा-स्वच्छता अभियान में डीआरडीए निदेशक सैय्यद सरफराजुद्दीन, राघवेंद्र कुमार, नमामि गंगे के डीपीओ आनंद अंकित, एलएसबीए के जिला समन्वयक संजीव कुमार और स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन समेत भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। टी-शर्ट और टोपी पहने इन हजारों लोगों के सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया कि मधुबनी की जनता जीवछ नदी को बचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।



