मधुबनी, 5 अक्टूबर 2026। समाहरणालय में आयोजित ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ जनसुनवाई में उस वक्त प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई, जब प्रसिद्ध ठाकुर मुरली मनोहर ट्रस्ट की संपत्ति पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जे और बाबूबरही प्रखंड कार्यालय में गंभीर वित्तीय धांधली के मामले सामने आए। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने फरियादियों की समस्याओं को सीधे सुनते हुए भूमि अतिक्रमण, प्रशासनिक फर्जीवाड़े और सार्वजनिक रास्तों पर कब्जे से जुड़ी शिकायतों में त्वरित जांच व कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
‘सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली’ के तहत समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए लोगों ने कुल 18 आवेदन सौंपे। जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की बात को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित अंचलाधिकारियों, प्रखंड विकास अधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को तलब कर पारदर्शी ढंग से मामलों के निपटारे का आदेश दिया।
जनसुनवाई के दौरान ठाकुर मुरली मनोहर ट्रस्ट मंदिर के अध्यक्ष नीलेंद्र नाथ चौधरी और सचिव अरुण कुमार चौधरी ने ज्ञापन सौंपकर मंदिर की भूमि, पोखरा, भिंडा और श्मशान घाट पर फर्जी कागजात बनाकर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया। वहीं, बाबूबरही प्रखंड के शंभू कुमार ने प्रखंड कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी मोहम्मद तैयब और अन्य की संलिप्तता से हो रही वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और प्रतिनियुक्ति रद्द करने की मांग रखी, जिस पर डीएम ने जांच का भरोसा दिया।
घोघरडीहा अंचल से भी दबंगई और भूमि विवाद की कई शिकायतें दर्ज कराई गईं। क्षेत्र के छेदी कामत ने बासगीत पर्चा वाली जमीन और आवासीय मकान पर जबरन कब्जे का आरोप लगाया, जबकि महेश कुमार यादव ने अपनी रैयती जमीन पर अवैध बाउंड्री वॉल और घर निर्माण रोकने का आवेदन दिया। इसी प्रखंड के विनोद ठाकुर ने मुख्य रास्ते पर कचरा और लकड़ी फेंककर आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध करने की समस्या प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखी।
लखनौर अंचल के पीतांबर ठाकुर ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी निजी हिस्सेदारी वाली जमीन पर विरोधी पक्ष द्वारा जबरन शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है और विरोध करने पर जान से मारने व खून-खराबा करने की धमकियां दी जा रही हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों के अधिकारों के हनन और प्रशासनिक लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और शिकायतों का निष्पादन समयबद्ध तरीके से हो।
नागरिकों को सहूलियत देने और प्रशासनिक प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने ऑनलाइन सहयोग शिविर पोर्टल (RTMS) का लाभ उठाने की अपील की है। सरकार द्वारा हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ का संचालन किया जा रहा है। आम नागरिक घर बैठे ही sahyog.bihar.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसका अनिवार्य रूप से 30 दिनों की निर्धारित सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
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