मधुबनी, 6 अक्टूबर 2026। क्या आप छोटे-छोटे सरकारी कामों, जैसे जन्म प्रमाण पत्र या जमीन के कागजात के लिए बार-बार प्रखंड या अनुमंडल कार्यालय के चक्कर काटकर थक चुके हैं? अगर हाँ, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। मधुबनी जिला प्रशासन ने आम जनता को दफ्तरों की दौड़-भाग से मुक्ति दिलाने के लिए एक नई और प्रभावी शुरुआत की है, जहां अधिकारी खुद आपके गांव और पंचायत पहुंचकर आपकी समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान कर रहे हैं।

इसी कड़ी में मंगलवार को लदनिया प्रखंड की एकहरी पंचायत में एक विशेष ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। इस शिविर की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिलाधिकारी (DM) आनंद शर्मा और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) योगेंद्र कुमार खुद दल-बल के साथ जनता के बीच मौजूद रहे। अधिकारियों ने न सिर्फ ग्रामीणों की शिकायतें पूरे इत्मीनान से सुनीं, बल्कि संबंधित विभाग के अफसरों को तय समय सीमा के भीतर कानूनी कार्रवाई करने का सख्त निर्देश भी दिया।
प्रशासन के इस महाभियान का सबसे बड़ा हथियार बिहार सरकार का ‘सहयोग पोर्टल’ साबित हो रहा है। जिलाधिकारी ने आंकड़ों के साथ बताया कि मधुबनी जिले में अब तक इस पोर्टल के जरिए 25,172 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 22,893 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। प्रशासन ने पारदर्शिता के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है—अगर कोई शिकायतकर्ता अपने समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो वह उसी पोर्टल पर अपील भी कर सकता है, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही पूरी तरह तय हो गई है और शिकायतों को अब ठंडे बस्ते में नहीं डाला जा सकता।
शिविर में सिर्फ बातें नहीं हुईं, बल्कि इसका सीधा असर भी जमीन पर दिखा। ‘अभियान बसेरा’ के तहत वर्षों से अपनी जमीन का आसरा देख रहे चार भूमिहीन परिवारों को डीएम के हाथों ‘वासगीत पर्चा’ (जमीन का कागज) सौंपा गया। इसके अलावा पांच ग्रामीणों को मौके पर ही जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब वासगीत पर्चे के लिए जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं है, पंचायत स्तर पर ही इसके आवेदन और जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
गांव की समस्याओं को गांव में ही सुलझाने के लिए पंचायत सरकार भवन को ‘मिनी सचिवालय’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। शिविर में डीएम के निर्देश पर पंचायत स्तरीय सभी कर्मचारियों ने जनता के बीच खड़े होकर अपना नाम, पद और मोबाइल नंबर साझा किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी पंचायत कर्मी नियमित रूप से अपने मुख्यालय में उपस्थित रहेंगे, ताकि ग्रामीणों का काम समय पर हो और उनका कीमती वक्त और पैसा बच सके।
आम लोगों को कानूनी पचड़ों से बचाने के लिए प्रशासन ने एक खास सलाह भी दी। डीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे छोटे-मोटे आपसी विवादों को थाने या कोर्ट ले जाने के बजाय ‘ग्राम कचहरी’ के माध्यम से सुलझाएं। शिविर का समापन एक बेहद सकारात्मक संदेश के साथ हुआ, जहां अधिकारियों ने पंचायत सरकार भवन परिसर में पौधारोपण किया और सभी अभिभावकों से अपने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने का संकल्प दिलाया।
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