मुंबई, 27 सितंबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने रविवार को दावा किया कि मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। दीपके ने कहा कि यदि उन्हें विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो गांधी जयंती के दिन मुंबई में जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मामले में मुंबई पुलिस ने भी अपना पक्ष रखा है। पुलिस के मुताबिक, शिवाजी पार्क में किसी सभा के लिए अनुमति देने का अधिकार उसके पास नहीं है। पुलिस ने इसके लिए बॉम्बे हाई कोर्ट के 4 जनवरी 2013 के फैसले और उसके बाद महाराष्ट्र सरकार के 20 जनवरी 2016 के आदेश का हवाला दिया है। पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों को मुंबई में किसी दूसरे स्थल की तलाश कर वहां अनुमति के लिए आवेदन करने की सलाह दी है।
प्रदर्शन को लेकर क्या है CJP की योजना
CJP ने पहले घोषणा की थी कि यदि ज्ञानेश कुमार 26 सितंबर तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से मुंबई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संगठन ने इस अभियान को चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर उठाई गई आपत्तियों से जोड़ा है। CJP की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा SIR पर रोक और जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने जैसी मांगें भी रखी गई हैं।
CJP ने SIR के दौरान लिए गए फैसलों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की है। संगठन का दावा है कि SIR प्रक्रिया के कारण 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रारूप मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक वैध नाम बाहर हुए हैं। यह संख्या और इससे जुड़े आरोप CJP के दावे हैं; इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं बल्कि संगठन के आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।
अनुमति को लेकर पुलिस और दीपके के दावे अलग
मुंबई पुलिस के अनुसार, शिवाजी पार्क में सार्वजनिक सभा के लिए अनुमति देने की उसकी अधिकार-सीमा नहीं है। पुलिस ने आवेदनकर्ता अजिंक्य शिंदे को वैकल्पिक स्थल तलाशने और वहां आवश्यक अनुमति के लिए आवेदन करने की बात कही है। इसके जवाब में अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि यदि शिवाजी पार्क में अनुमति का अधिकार नहीं है तो वहां पहले अन्य राजनीतिक कार्यक्रमों को अनुमति कैसे मिली।
दीपके ने पुलिस के फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि प्रदर्शन के अधिकार से रोका गया तो CJP गांधी जयंती पर जेल भरो आंदोलन शुरू करेगा। उनके बयान के मुताबिक यह आंदोलन मुंबई से शुरू किया जाएगा।
फिलहाल विवाद का केंद्र 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन और उसके लिए स्थल की अनुमति है। पुलिस ने वैकल्पिक स्थान पर आवेदन करने का रास्ता बताया है, जबकि CJP ने अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है।
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