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Muzaffarpur Police Firing: पुलिस की गोली से जगतवीर की मौत के बाद भड़का जनाक्रोश, क्या तेजस्वी के दौरे से बढ़ेगी नीतीश सरकार की मुश्किलें?

मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र में पुलिस छापेमारी के दौरान हुई फायरिंग में एक ग्रामीण की मौत से बिहार की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है।
Ashutosh Kumar Jha Published on: 24 मार्च 2026
Muzaffarpur Police Firing: पुलिस की गोली से जगतवीर की मौत के बाद भड़का जनाक्रोश, क्या तेजस्वी के दौरे से बढ़ेगी नीतीश सरकार की मुश्किलें?
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मुजफ्फरपुर | 24 मार्च 2026: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में खाकी की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में पुलिस छापेमारी के दौरान भड़की हिंसा और उसके बाद हुई Muzaffarpur Police Firing में एक ग्रामीण की मौत ने पूरे सूबे की सियासत में जबरदस्त उबाल ला दिया है।

पुलिस की गोली लगने से जान गंवाने वाले जगतवीर राय की मौत के बाद से ही चोरनिया गांव पुलिस छावनी में तब्दील है। स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और अब यह मामला पूरी तरह से एक बड़ा राजनीतिक रूप ले चुका है।

छापेमारी के दौरान आखिर क्या हुआ था?

घटना के बारे में मिल रही शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गायघाट पुलिस की एक टीम किसी मामले की जांच या वारंटी को पकड़ने के लिए चोरनिया गांव में छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प और पत्थरबाजी में बदल गई।

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हालात बेकाबू होने पर पुलिस को बचाव में बल प्रयोग करना पड़ा। इसी हंगामे के बीच गोली चली, जो सीधे जगतवीर राय को जा लगी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस Muzaffarpur Police Firing की घटना के बाद से गांव में तनाव इतना गहरा गया है कि प्रशासन को ऐहतियातन भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात करना पड़ा है।

तेजस्वी यादव का दौरा और सुलगती सियासत

बिहार में जब भी पुलिस की कार्रवाई में किसी आम इंसान की जान जाती है, तो विपक्ष को सरकार को घेरने का एक बड़ा राजनीतिक हथियार मिल जाता है। इस Muzaffarpur Police Firing कांड में भी बिल्कुल ऐसा ही देखने को मिल रहा है।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस गंभीर मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है। वह बुधवार, 25 मार्च को अपनी पूरी टीम के साथ सीधे चोरनिया गांव पहुंच रहे हैं, जहां वे पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। राजनीतिक जानकारों का साफ मानना है कि तेजस्वी का यह दौरा राज्य सरकार के लिए ‘लॉ एंड ऑर्डर’ (Law and Order) के मोर्चे पर गहरी मुश्किलें खड़ी कर सकता है। वे इस घटना को ‘पुलिसिया जुल्म’ करार देकर सदन से लेकर सड़क तक कड़ा प्रहार करने की तैयारी में हैं।

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