मुजफ्फरपुर : 2 महीने से इंसाफ के लिए तड़प रही आंगनबाड़ी सेविका! बेटे की खौफनाक मौत पर पुलिस के हाथ खाली, अब डीआईजी के दरबार पहुंचा मामला
मुजफ्फरपुर के बेनीवाद थाना क्षेत्र में 2 महीने पहले सूखे तालाब में मिले आयान के शव के मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। एफएसएल रिपोर्ट न मिलने और पुलिस की लापरवाही से परेशान मां ने डीआईजी से इंसाफ की मांग की है।
मुजफ्फरपुर | 11 अप्रैल 2026: एक मां के लिए अपनी आंखों के सामने जवान बेटे का शव देखना दुनिया का सबसे बड़ा दुख होता है, लेकिन उससे भी बड़ा दर्द तब होता है जब सिस्टम और पुलिस उसे इंसाफ देने के बजाय आरोपियों को बचाने में लग जाए।
बेनीवाद थाना क्षेत्र के शिवदहा बरेल गांव से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक आंगनबाड़ी सेविका अपने बेटे ‘आयान’ की मौत के दो महीने बाद भी न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क ने इस दर्दनाक घटना और पुलिस की घोर लापरवाही की पूरी जमीनी हकीकत का जायजा लिया है। आइए जानते हैं कि आखिर उस मनहूस दिन क्या हुआ था और पीड़ित परिवार को अब बड़े अधिकारियों के पास क्यों जाना पड़ रहा है।
इस खौफनाक घटना की शुरुआत आज से ठीक दो महीने पहले हुई थी। जानकारी के मुताबिक, गांव का रहने वाला आयान अचानक एक दिन रहस्यमयी तरीके से लापता हो गया था। परिवार वालों ने उसे हर जगह ढूंढा लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
पूरे चार दिन की लंबी और दर्दनाक तलाश के बाद, घर के ही बगल में मौजूद एक सूखे तालाब से आयान का शव बरामद हुआ था। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया था और तभी से पीड़ित परिवार अपने बेटे के कातिलों को सजा दिलाने की जंग लड़ रहा है।
आयान की मौत को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन बेनीवाद पुलिस की जांच अभी तक सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। थक हारकर पीड़ित परिवार ने अब न्याय की आस में सीधे डीआईजी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है।
डीआईजी से मुलाकात के दौरान पीड़ित मां ने स्थानीय पुलिस पर कई बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं:
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घटना के दो महीने बाद भी पुलिस ने इस संगीन मामले में अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है।
पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि स्थानीय पुलिस आरोपियों के साथ मिली हुई है और जानबूझकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
मौत की असली वजह साफ करने वाली एफएसएल की रिपोर्ट भी अब तक पीड़ित परिवार को नहीं सौंपी गई है।
हमारा निष्कर्ष
‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क प्रशासन से यह सीधा सवाल पूछना चाहती है कि आखिर एक गरीब आंगनबाड़ी सेविका को न्याय के लिए और कितने दिन बड़े अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ेंगे?
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जब तक पुलिस अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं करती, तब तक गांव वालों में पुलिस प्रशासन के प्रति गुस्सा और अविश्वास बना रहेगा। डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद अब इस मामले में क्या नया मोड़ आता है, इससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर हम आप तक पहुंचाते रहेंगे।
Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क द्वारा पीड़ित परिवार के बयानों और स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार की गई है। हम पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की अपील करते हैं।
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Ashutosh Kumar Jha Admin
Ashutosh Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।