रोहतास, 6 अक्टूबर 2026। रोहतास की ऐतिहासिक और ऐतिहासिक धरती के विकास को एक नया आयाम देते हुए मंगलवार को बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने जिले को ₹400 करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं की भव्य सौगात दी। शिवसागर प्रखंड के करूप पंचायत स्थित पी०एम०श्री केंद्रीय विद्यालय परिसर में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित अत्याधुनिक खगोल विज्ञान प्रयोगशाला (Astronomy Lab) का औपचारिक उद्घाटन किया। उद्घाटन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से सीधा संवाद किया, उनके द्वारा बनाए गए विज्ञान के नए-नए मॉडलों को देखा और उनका हौसला बढ़ाया। बच्चों ने भी अंतरिक्ष और विज्ञान के इन मॉडलों की कार्यप्रणाली को मुख्यमंत्री के सामने बड़े उत्साह के साथ प्रस्तुत किया।

रोहतास और पड़ोसी जिले औरंगाबाद के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष मार्च से पहले सासाराम और औरंगाबाद शहरों तक सोन नदी का शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। सोन नदी के जल बंटवारे से जुड़े ऐतिहासिक समझौते का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब बिहार को सोन के पानी का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा प्राप्त हुआ है, जिसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का विशेष आभार प्रकट किया। इसके साथ ही रोहतास की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देते हुए उन्होंने ऐलान किया कि क्षेत्र में बसने वाली नई आधुनिक टाउनशिप का नाम ‘रोहतास’ रखा जाएगा, जबकि बनारस-रांची मार्ग के निर्माण में पहाड़ों को काटकर रास्ता बनाने के दूरगामी प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता और जनता के काम तय समय सीमा में पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया। 6 से 8 अक्टूबर तक चलने वाले तीन दिवसीय ‘सेवा सेतु अभियान’ और महीने में दो बार लगने वाले ‘सहयोग शिविर’ का उद्घाटन करते हुए उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी—अगर सहयोग शिविर में आए किसी भी नागरिक के आवेदन पर निर्णय लेने में संबंधित अधिकारी या कर्मचारी 30 दिन से अधिक का समय लगाता है, तो उसे सीधे निलंबित (Suspend) कर दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और जीविका दीदियों से आह्वान किया कि वे हर गांव और टोले तक पहुंचकर ‘न्याय के साथ विकास’ और ‘सबका साथ, सबके विकास’ के संकल्प को धरातल पर उतारें।

महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुआ जीविका अभियान आज एक विशाल आर्थिक वटवृक्ष बन चुका है। साल 2005 में बिहार में महिलाओं के हाथ में जो बाजार महज ₹5,000 करोड़ का था, वह आज बढ़कर रिकॉर्ड ₹1.36 लाख करोड़ हो गया है। राज्य में अब तक 50 लाख से अधिक ‘लखपति दीदियां’ बनाई जा चुकी हैं और 40 लाख महिलाओं को ‘पशु सखी’ के रूप में रोजगार से जोड़ा गया है। इसके अलावा, राज्य से पलायन को हमेशा के लिए रोकने के लिए अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं, ताकि 2030 से पहले बिहार के किसी भी गरीब व्यक्ति को रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में मजदूरी न करनी पड़े।
शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बुनियादी बदलावों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के होनहार बच्चों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा, दिल्ली या मुंबई भटकने की जरूरत नहीं है। ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ के जरिए बच्चों को देर रात भी ऑनलाइन शिक्षकों से मार्गदर्शन मिल रहा है, जबकि कोटा के प्रतिष्ठित शिक्षकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़कर जेईई (JEE) और नीट (NEET) की तैयारी प्रखंड स्तर पर कराई जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि उच्च शिक्षा का विस्तार करते हुए 15 जुलाई को एक साथ 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोले गए, जिससे राज्य में डिग्री कॉलेजों की संख्या 272 से काफी आगे निकल चुकी है और इनमें देश भर के विख्यात संस्थानों के शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है।
ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर बिहार की उपलाब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में राज्य में बड़ा परिवर्तन आया है। आज बिहार के 1 करोड़ 93 लाख परिवारों के पास बिजली कनेक्शन उपलब्ध है। सबसे राहत की बात यह है कि इनमें से लगभग 1 करोड़ 70 लाख परिवारों का पिछले एक साल से बिजली बिल शून्य (Zero Bill) रहा है। सरकार का मुख्य ध्येय आम नागरिक के जीवन को सुगम बनाना और राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी व देशी निवेश लाकर स्थानीय स्तर पर उद्योग धंधों को बढ़ावा देना है।
रोहतास को बिहार का प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए सरकार ने एक मेगा प्लान तैयार किया है। मां ताराचंडी मंदिर, गुप्ता धाम, मां तुतला भवानी धाम, यक्षिणी भवानी धाम और चौरासन धाम जैसे पवित्र स्थलों के एकीकृत विकास के लिए पर्यटन, वन, सिंचाई और जल संसाधन विभाग को एक साथ काम पर लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में इन धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर सालाना लगभग 50 हजार श्रद्धालु आते हैं, जिसे अगले 5 वर्षों में बढ़ाकर कम से कम 5 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
कानून-व्यवस्था और सुशासन को और अधिक पुख्ता करने के लिए राज्य में 5,000 ‘पुलिस दीदियों’ की विशेष टीम गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और हर आपराधिक घटना पर पुलिस को 24 घंटे के भीतर सख्त व प्रभावी कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प और ‘समृद्ध बिहार’ के सपने को पूरा करने में रोहतास की ऐतिहासिक भूमि अहम भूमिका निभाएगी।
इस भव्य समारोह में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अशोक चौधरी, खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, सांसद श्री उपेन्द्र कुशवाहा, स्थानीय विधायकगण—श्री मुरारी प्रसाद गौतम, श्रीमती स्नेहलता, श्री आलोक सिंह, श्री बशिष्ठ सिंह, श्री नागेन्द्र चंद्रवंशी, श्री राजीव रंजन सिंह, श्री विशाल प्रशांत के अलावा मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव सह पर्यटन सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, पथ निर्माण सचिव श्री पंकज कुमार पाल, डीजीपी श्रीमती प्रीता वर्मा, शाहाबाद डीआईजी श्री सत्यप्रकाश, डीएम श्री दीपक कुमार मिश्रा और एसपी श्री मिस्टर राज समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
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