पटना | 24 मार्च 2026: बिहार में ‘सुशासन’ के दावों के बीच भ्रष्ट अधिकारियों पर राज्य सरकार का हथौड़ा लगातार चल रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार सुबह-सुबह स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने शिवहर के उप विकास आयुक्त (DDC) बृजेश कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। आय से अधिक संपत्ति के इस हाई-प्रोफाइल मामले में हुई इस ताबड़तोड़ SVU Raid से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
निगरानी विभाग को लंबे समय से डीडीसी की काली कमाई के इनपुट मिल रहे थे। पुख्ता सबूतों के आधार पर एसवीयू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कांड संख्या 11/2026 दर्ज कर यह बड़ी कार्रवाई की है।
ससुराल से लेकर पैतृक गांव तक पहुंची जांच की आंच
एसवीयू की यह कार्रवाई केवल शिवहर तक सीमित नहीं रही। टीम ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत मंगलवार सुबह करीब 8:15 बजे एक साथ कई अलग-अलग स्थानों पर धावा बोला।
- शिवहर: पहली टीम ने डीडीसी बृजेश कुमार के सरकारी आवास और समाहरणालय (Collectorate) स्थित उनके दफ्तर को खंगाला।
- बेतिया (पूर्वी चंपारण): दूसरी टीम उनके पैतृक गांव जितवारपुर (गोविंदगंज थाना क्षेत्र) पहुंची, जहां उनके पुश्तैनी घर की सघन तलाशी ली गई।
- सीतामढ़ी: जांच की आंच सीतामढ़ी स्थित उनके ससुराल (मेहसौल गुमटी के पास) तक भी जा पहुंची। गौरतलब है कि शिवहर से पहले बृजेश कुमार सीतामढ़ी में ही पदस्थापित थे।
1.84 करोड़ की अवैध संपत्ति और नोट गिनने की मशीन
शुरुआती जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। निगरानी विभाग के सूत्रों के अनुसार, डीडीसी बृजेश कुमार पर अपने पद का दुरुपयोग कर लगभग 1 करोड़ 84 लाख 32 हजार 900 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है।
छापेमारी के दौरान शिवहर स्थित आवास का मुख्य द्वार अंदर से बंद कर दिया गया था और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर सख्त पाबंदी थी। खबर लिखे जाने तक अंदर से कई महत्वपूर्ण जमीन के दस्तावेज, निवेश के कागजात और भारी मात्रा में आभूषण बरामद होने की बात सामने आई है। इतना ही नहीं, कैश की बरामदगी इतनी ज्यादा होने की आशंका है कि टीम को अंदर ‘नोट गिनने की मशीन’ तक ले जानी पड़ी।
