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Patna में बड़ा साइबर फर्जीवाड़ा: ग्रामीणों के नाम पर खोले 360 ‘ठगी के खाते’, 3.50 करोड़ का ट्रांजेक्शन; बैंककर्मी समेत 3 गिरफ्तार

पटना पुलिस ने एक बड़े साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। सरकारी योजना का झांसा देकर 360 ग्रामीणों के बैंक खाते खुलवाए गए और उनसे 3.50 करोड़ की ठगी की रकम का लेन-देन हुआ। इस खेल में बैंक कर्मचारी भी शामिल था।
Ashutosh Kumar Jha Published on: 22 मार्च 2026
Patna में बड़ा साइबर फर्जीवाड़ा: ग्रामीणों के नाम पर खोले 360 ‘ठगी के खाते’, 3.50 करोड़ का ट्रांजेक्शन; बैंककर्मी समेत 3 गिरफ्तार
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Patna | 22 मार्च 2026: बिहार की राजधानी Patna में साइबर अपराधियों के एक बड़े और बेहद शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह ने भोले-भाले ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके नाम पर सैकड़ों फर्जी बैंक खाते खुलवाए और उन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की काली कमाई मंगाने के लिए किया।

सालिमपुर थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए केनरा बैंक के एक कर्मचारी समेत कुल तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पिछले महज छह महीनों के भीतर इन 360 फर्जी खातों से करीब 3.50 करोड़ रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन किया गया है।

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इस खुलासे के बाद बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और बैंक अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

शौचालय निर्माण के नाम पर दिया गया झांसा

इस महाठगी की शुरुआत पिछले साल अगस्त महीने में हुई थी। शातिर अपराधियों ने Patna के ग्रामीण इलाकों में लोगों को यह कहकर झांसा दिया कि सरकार उन्हें शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये और पुराने शौचालय की मरम्मत के लिए 6 हजार रुपये की अनुदान राशि दे रही है।

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इस फर्जी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर नरौली गांव के एक मैरिज हॉल में बाकायदा एक कैंप लगाया गया। इस कैंप में बड़ी संख्या में ग्रामीणों को बुलाकर उनके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लिए गए तथा विभिन्न बैंकों में उनके खाते खुलवाए गए।

जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधियों ने कुछ स्थानीय लोगों की मदद से बख्तियारपुर के विदुपुर, सैदपुर, नरौली, मुरादपुर और सालिमपुर इलाकों में करीब 360 ग्रामीणों के नाम पर बैंक खाते खुलवा लिए।

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पासबुक और एटीएम कार्ड खुद रख लिए, बदल दिया मोबाइल नंबर

खाते खुलवाने की प्रक्रिया में सबसे बड़ी धोखाधड़ी यह की गई कि शातिरों ने बैंक खाते से ग्रामीणों का मोबाइल नंबर हटाकर अपना खुद का नंबर दर्ज करा दिया। इसके अलावा, सभी 360 खातों के पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड ग्रामीणों को देने के बजाय गिरोह के सदस्यों ने अपने पास ही रख लिए।

छह महीने तक ग्रामीणों को इस बात की बिल्कुल भनक नहीं लगी कि उनके नाम पर खुले बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसे मंगाने और निकालने के लिए किया जा रहा है। गिरोह के सदस्य देश भर से ठगी गई रकम को इन खातों में ट्रांसफर करवाते थे और एटीएम के जरिए तुरंत निकाल लेते थे।

ऐसे खुला राज और पुलिस की कार्रवाई

इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ जब कुछ ग्रामीण अपने खाते का स्टेटस पता करने के लिए सीधे बैंक पहुंच गए। वहां उन्हें पता चला कि उनके खाते में लगातार बड़ी-बड़ी रकमें आ रही हैं और तुरंत निकाली भी जा रही हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सालिमपुर थाने में तुरंत प्राथमिकी दर्ज की गई। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन करीब 100 महिला-पुरुष ग्रामीणों को थाने पर बुलाया जिनके नाम पर खाते खुले थे। उनसे कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस ने छापेमारी शुरू की।

इस मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है:

  • धीरेंद्र कुमार: केनरा बैंक का कर्मचारी।
  • चंदन कुमार: नरौली गांव के उस मैरिज हॉल का संचालक जहां कैंप लगाया गया था।
  • अवध राय: मुरादपुर का निवासी, जिसने स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को झांसा देकर कैंप तक लाने का काम किया था।

बैंक मैनेजर की लापरवाही और कई बैंकों की संलिप्तता

इस पूरे प्रकरण में केनरा बैंक के मैनेजर की भारी लापरवाही सामने आई है। बिना उचित सत्यापन के इतनी बड़ी संख्या में खाते खुलना और महीनों तक करोड़ों का संदिग्ध ट्रांजेक्शन होना बैंक की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली की पोल खोलता है।

अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि केनरा बैंक के अलावा बैंक ऑफ इंडिया, ग्रामीण बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक में भी इसी तर्ज पर फर्जी खाते खुलवाए गए हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, और भी कई बैंकों के नाम तथा पीड़ित ग्रामीणों की संख्या सामने आने की आशंका है।

साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई भी इस हाई-प्रोफाइल मामले की समानांतर जांच कर रही है। विभाग ने आम जनता की सहूलियत के लिए एक आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 9031829067 जारी किया है। यदि किसी भी ग्रामीण को लगता है कि सरकारी योजना के नाम पर उनका खाता धोखे से खुलवाया गया है, तो वे तुरंत इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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Ashutosh Kumar Jha

Ashutosh Kumar Jha Admin

Ashutosh Kumar Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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