“मुझे मेरी मां तक का वोट नहीं मिला” : EVM Rigging का बड़ा आरोप
‘प्लूरल्स पार्टी’ की प्रमुख पुष्पम प्रिया चौधरी ने बिहार चुनाव में EVM Rigging का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास गड़बड़ी के सबूत हैं। उन्होंने अपनी मां का वोट भी न मिलने का दावा किया।
सूचना से सच्चाई तक
‘प्लूरल्स पार्टी’ की प्रमुख पुष्पम प्रिया चौधरी ने बिहार चुनाव में EVM Rigging का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास गड़बड़ी के सबूत हैं। उन्होंने अपनी मां का वोट भी न मिलने का दावा किया।
बिहार चुनाव 2025 के Exit Poll ने NDA को स्पष्ट बहुमत दिया है। रिकॉर्ड महिला मतदान और ‘जंगल राज’ की स्मृति ने महागठबंधन के बेरोजगारी के नैरेटिव को कैसे काट दिया? 122 के आंकड़े से काफी आगे NDA। पढ़िए राजनीतिक स्थिरता, युवा शक्ति और बाहुबल की छाया में हुआ मतदान का गहन विश्लेषण।
Bihar विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में रिकॉर्डतोड़ मतदान ने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को हिला दिया है। 65.08% से अधिक मतदाता-भागीदारी Bihar राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे ऊंची है और यह सवाल उठाता है—क्या यह ऊंचा मतदान सचमुच सत्ता परिवर्तन का संकेत है, या मौजूदा सरकार की वापसी का संघर्ष और तेज करेगा?
Bihar Election 2025 के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होने जा रहा है, जिसमें प्रदेश के 20 जिलों की 122 सीटों पर जनता अपनी सरकार चुनने के लिए वोट डालेगी। यह चरण न सिर्फ उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने वाला है, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।
बिहार चुनाव में वायरल भोजपुरी गानों ने जाति आधारित राजनीति को नई हवा दी है। “RJD सरकार बनतो, यादव रंगदार बनतो” जैसे गीतों से राजनीतिक ध्रुवीकरण, सोशल मीडिया प्रभाव और जनता की मनोवैज्ञानिक सोच में भारी बदलाव आ रहा है। पढ़िए एक विश्लेषण जो राजनीति, समाज और संस्कृति को एक साथ जोड़ता है।
Bihar Election 2025 के पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। इस चरण में मतदाताओं ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऐतिहासिक मतदान दर्ज कराया, जो लोकतंत्र के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है।
जब आप बिना सोचे-समझे, सिर्फ पार्टी या जाति देखकर वोट डालते हैं, तो यह केवल एक VOTE नहीं — यह पाँच साल की नीतियों, एक परिवार की तकलीफ और समाज की दिशा तय करने जैसा होता है। इसलिए सोच-समझकर और समझदारी से वोट करें
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में विकास बनाम जातीय समीकरण की जंग तेज़ हो गई है। जानिए कौन से मुद्दे जनता के बीच चर्चा में हैं और किस ओर झुकाव दिखा रही है बिहार की जनता।
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने बिहार की राजनीति में एक नाटकीय मोड़ के साथ प्रवेश किया है। पहले अपनी पत्नी चंदा देवी को छपरा से राजद उम्मीदवार बनाने की घोषणा और फिर अंतिम समय में “तकनीकी खामी” के कारण खुद मैदान में उतरने का फैसला, यह तेजस्वी यादव का एक बड़ा रणनीतिक दांव माना जा रहा है। यह लेख खेसारी के इस कदम के पीछे की राजनीति, राजद की भाजपा के सेलिब्रिटी चेहरों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई और बिहार चुनाव पर इसके गहरे प्रभावों का विश्लेषण करता है।