Bihar विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में रिकॉर्डतोड़ मतदान ने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को हिला दिया है। 65.08% से अधिक मतदाता-भागीदारी Bihar राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे ऊंची है और यह सवाल उठाता है—क्या यह ऊंचा मतदान सचमुच सत्ता परिवर्तन का संकेत है, या मौजूदा सरकार की वापसी का संघर्ष और तेज करेगा?
रिकॉर्ड मतदाता टर्नआउट:ऐतिहासिक महत्व
6 नवंबर 2025 को 18 जिलों की 121 सीटों पर पड़े मतों की संख्या और प्रतिशत (65.08%) आजादी के बाद Bihar के किसी भी विधानसभा या लोकसभा चुनाव से अधिक रही है। पिछला रिकॉर्ड 1998 के लोकसभा चुनाव (64.6%) और 2000 के विधानसभा चुनाव (62.57%) में था, जिसे 2025 के इस चुनाव ने पीछे छोड़ दिया।
रिकॉर्ड क्यों टूटा? टर्नआउट में उछाल के 5 बड़े कारण
•स्पेशल समरी रिवीजन (SIR): वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण में 47 लाख नाम हटाए गए, मृत और डुप्लिकेट नाम हटाए जाने से कुल वोटर संख्या घटी लेकिन प्रतिशत बड़ा दिखा।
•महागठबंधन बनाम NDA: दोनों पक्षों ने अपने कोर वोटर्स को पूरी तरह एक्टिवेट किया; सोशल मीडिया और ग्राउंड कैंपेन ने युवा, महिला और नए वोटर्स तक सीधा अपील किया।
•आउटमाइग्रेंट्स और छठ पर्व: छठ के चलते बाहर से लौटे लोगों ने चुनाव को प्राथमिकता दी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मतदाता वृद्धि देखी गई।
