पुणे, 31 अगस्त 2026: महाराष्ट्र के पुणे में सोमवार को एक सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS नेता अमित ठाकरे कॉलेज के दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान प्रिंसिपल के कार्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के साथ प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगी देखकर उन्होंने आपत्ति जताई। इसके बाद उनके साथ मौजूद MNS कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री की तस्वीर वहां से हटा दी।
छात्रों की समस्याएं जानने कॉलेज पहुंचे थे अमित ठाकरे
अमित ठाकरे इन दिनों पुणे के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में वह शिवाजीनगर स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचे थे। दौरे के दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत की और कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं तथा विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कैंटीन और हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर भी कॉलेज प्रशासन से सवाल किए और प्रिंसिपल से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
कॉलेज दौरे के दौरान अमित ठाकरे प्रिंसिपल के कार्यालय में पहुंचे। यहीं उनकी नजर दीवार पर लगी तस्वीरों पर गई। वहां छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी लगी हुई थी। इस तस्वीर की स्थिति को लेकर अमित ठाकरे ने आपत्ति जताई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने साथ मौजूद कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने को कहा, जिसके बाद MNS कार्यकर्ता ने फोटो वहां से निकाल दी।
शिवाजी महाराज के साथ PM मोदी की तस्वीर पर जताई आपत्ति
इस पूरे घटनाक्रम का केंद्र प्रिंसिपल कार्यालय में लगी तस्वीरों की व्यवस्था रही। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वहां सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी और छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीरें ही नहीं थीं, बल्कि डॉ. बीआर आंबेडकर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तस्वीरें भी लगी थीं। इसके बावजूद अमित ठाकरे ने खास तौर पर शिवाजी महाराज के साथ लगी प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर आपत्ति जताई।
मामले को लेकर अमित ठाकरे की ओर से यह सवाल उठाया गया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के बगल में प्रधानमंत्री की तस्वीर क्यों लगाई गई है। इसके बाद फोटो हटाए जाने का वीडियो और घटना की जानकारी सोशल मीडिया तथा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में कॉलेज प्रशासन की ओर से इस तस्वीर को लगाने के पीछे दी गई कोई विस्तृत आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।
BJP ने फोटो हटाने पर जताई आपत्ति
प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर हटाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस कदम की आलोचना की गई। पुणे नगर निगम में BJP के नेता गणेश बिडकर ने कहा कि सरकारी संस्थानों में राष्ट्रीय नेताओं और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की तस्वीरें निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार लगाई जाती हैं। उन्होंने MNS कार्यकर्ताओं की ओर से तस्वीर हटाए जाने को राजनीतिक अपरिपक्वता बताया।
BJP की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला सिर्फ कॉलेज परिसर में तस्वीर लगाने और हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया। एक तरफ MNS की ओर से शिवाजी महाराज की तस्वीर के साथ प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगाए जाने पर आपत्ति जताई गई, वहीं BJP ने इसे सरकारी संस्थानों में लागू प्रोटोकॉल से जोड़कर सवाल उठाया है।
आखिर कॉलेज में क्या हो रहा था
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब अमित ठाकरे पुणे के विभिन्न कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों की समस्याएं सुन रहे हैं। उनके दौरे का उद्देश्य कॉलेजों में छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं, हॉस्टल, कैंटीन और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेना बताया गया है। सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में भी उन्होंने प्रशासन से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। इसी दौरान तस्वीर को लेकर विवाद सामने आया।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमित ठाकरे पुणे में कुल सात कॉलेजों का दौरा कर छात्रों से संवाद करने वाले हैं। इस दौरान वह शिक्षा व्यवस्था, कॉलेज की बुनियादी सुविधाओं और विद्यार्थियों की समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, शिवाजी महाराज और प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर से जुड़ा विवाद उनके इस दौरे का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है।
तस्वीर हटाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा
सरकारी कॉलेज के कार्यालय से प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर हटाए जाने के बाद MNS और BJP के बीच राजनीतिक बयानबाजी की संभावना बढ़ गई है। घटना इसलिए भी संवेदनशील हो गई है क्योंकि इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर, प्रधानमंत्री की तस्वीर और सरकारी संस्थान का संदर्भ एक साथ जुड़ा है। BJP ने जहां इसे सरकारी प्रोटोकॉल का मामला बताया है, वहीं अमित ठाकरे की आपत्ति तस्वीरों की placement को लेकर थी।
फिलहाल इस मामले में सबसे स्पष्ट तथ्य यही है कि अमित ठाकरे ने पुणे के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल कार्यालय में शिवाजी महाराज के साथ लगी प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर आपत्ति जताई और उनके साथ मौजूद MNS कार्यकर्ता ने तस्वीर हटा दी। इसके बाद BJP की ओर से इस कार्रवाई पर विरोध दर्ज कराया गया है। मामले को लेकर आगे दोनों दलों की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
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