नई दिल्ली | 5 अप्रैल 2026: देश में चल रहे चुनावी माहौल के बीच एक नए और बड़े विवाद ने राजनीति को पूरी तरह से गरमा दिया है। कांग्रेस पार्टी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर कई बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
रविवार को नई दिल्ली में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी पर भारत के अलावा तीन अन्य देशों के पासपोर्ट गैरकानूनी तरीके से रखने का भारी और संगीन आरोप लगाया है।
इस बड़े और अचानक हुए राजनीतिक हमले के बाद असम से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है। ‘खबर आंगन’ की पॉलिटिकल डेस्क ने इस पूरे विवाद और दोनों पक्षों की कड़वी दलीलों का बहुत ही गहराई से विश्लेषण किया है।
कांग्रेस के सनसनीखेज दावे और विदेशी संपत्तियों का जिक्र
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मीडिया के सामने कुछ अहम विदेशी दस्तावेज पेश करते हुए अपनी बात बेहद मजबूती से रखी। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और एंटीगुआ-बरबूडा जैसे तीन देशों के नागरिक दस्तावेज मौजूद हैं।
खेड़ा ने यह तीखा और बड़ा सवाल उठाया कि भारत के कानून में दोहरी नागरिकता का कोई भी प्रावधान बिल्कुल नहीं है। ऐसे में किसी भी सम्मानित भारतीय नागरिक के पास विदेशी देशों के तीन अलग-अलग पहचान पत्र होना पूरी तरह से कानून का एक बहुत बड़ा उल्लंघन है।
इसके साथ ही कांग्रेस ने यह भी दावा किया है कि रिंकी भुइयां सरमा की दुबई में दो बड़ी और बेहद महंगी संपत्तियां भी मौजूद हैं। इसके अलावा अमेरिका के वायोमिंग राज्य में बावन हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट वाली एक कंपनी भी उनके नाम पर दर्ज बताई गई है।
चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने का गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की राजनीतिक ईमानदारी पर भी सीधा और कड़ा हमला बोला। विपक्षी पार्टी का साफ कहना है कि किसी भी चुनाव में प्रत्याशी को अपनी और अपनी पत्नी की सभी संपत्तियों का पूरा और सही ब्योरा देना होता है।
लेकिन कांग्रेस के कड़े दावों के अनुसार मुख्यमंत्री ने अपने हालिया चुनावी हलफनामे में पत्नी की इन सभी विदेशी संपत्तियों की कोई भी जानकारी जनता को नहीं दी है। चुनाव आयोग के सख्त नियमों के मुताबिक किसी भी संपत्ति या अहम जानकारी को जानबूझकर छिपाना एक बहुत बड़ा चुनावी अपराध माना जाता है।
खेड़ा ने इस पूरे संगीन मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल के गठन की सख्त मांग केंद्र सरकार से की है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि चुनाव हारने के डर से कुछ नेता अब विदेशों में अपने छिपने का सुरक्षित इंतजाम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का कड़ा और सीधा पलटवार
कांग्रेस के इस भारी राजनीतिक हमले के कुछ ही देर बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी अपना कड़ा और तीखा जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इन सभी गंभीर आरोपों को पूरी तरह से मनगढ़ंत, झूठा और राजनीति से प्रेरित बताया।
सरमा ने कांग्रेस द्वारा मीडिया को दिखाए गए सभी दस्तावेजों को पूरी तरह से फर्जी और डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किया हुआ करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कागजातों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और जन्मतिथि से जुड़ी कई भारी और साफ गलतियां मौजूद हैं जो इसके फर्जी होने का पक्का सबूत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विपक्षी पार्टी की भारी हताशा का सीधा नतीजा है क्योंकि वह अपनी निश्चित चुनावी हार को सामने देख रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका परिवार किसी भी तरह के अवैध विदेशी नागरिकता दस्तावेज या अघोषित संपत्ति से बिल्कुल भी नहीं जुड़ा है।
कांग्रेस नेता पर मानहानि का केस दर्ज करने की सख्त चेतावनी
असम के मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले को लेकर एक बेहद सख्त और बड़ा कानूनी कदम उठाने का साफ ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह और उनकी पत्नी अगले अड़तालीस घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी मानहानि का कड़ा मुकदमा दर्ज कराएंगे।
सरमा ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाकर उनकी और उनके परिवार की बेदाग छवि को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने देश की न्यायपालिका पर अपना पूरा और अटूट भरोसा जताते हुए कहा कि सच्चाई बहुत जल्द देश की जनता के सामने आ जाएगी।
उनका पक्का दावा है कि झूठ फैलाने के इस भारी जुर्म के लिए कांग्रेस नेता को हर हाल में जल्द ही जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा। इस कड़े और सीधे पलटवार के बाद अब यह राजनीतिक लड़ाई सीधे कानूनी अदालतों की तरफ मुड़ती हुई साफ दिखाई दे रही है।
हमारा निष्कर्ष
‘खबर आंगन’ की पॉलिटिकल डेस्क का यह स्पष्ट रूप से मानना है कि चुनाव के समय ऐसे गंभीर आरोप और प्रत्यारोप राजनीतिक माहौल को और ज्यादा तीखा बना देते हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस ने विदेशी पासपोर्ट और भारी विदेशी संपत्ति का बड़ा मुद्दा उठाकर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की है।
वहीं दूसरी तरफ असम के मुख्यमंत्री ने भी सख्त कानूनी कार्रवाई की सीधी चेतावनी देकर इस राजनीतिक विवाद को एक नया और बड़ा मोड़ दे दिया है। लोकतंत्र में देश की जनता के सामने पूरी और निष्पक्ष सच्चाई आना बेहद जरूरी है जो अब केवल एक निष्पक्ष जांच से ही पूरी तरह संभव हो पाएगा।
इस पूरे और गरमाए हुए राष्ट्रीय मामले में आगे जो भी नए सबूत या बड़े राजनीतिक बयान सामने आएंगे, हम आप तक सबसे पहले पहुंचाते रहेंगे। राजनीति के इस बदलते और बेहद दिलचस्प घटनाक्रम पर देश भर के आम लोगों की भी बहुत पैनी और गहरी नजर बनी हुई है।
Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की पॉलिटिकल डेस्क द्वारा कांग्रेस की आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश किए गए दावों और असम के मुख्यमंत्री के सार्वजनिक बयानों के आधार पर पूरी तरह से निष्पक्ष और तटस्थ रूप से तैयार की गई है।
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