दरभंगा | 10 मार्च 2026: बिहार के ग्रामीण इलाकों में आज भी आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का पहुंचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। आर्थिक तंगी और बड़े शहरों की दूरी के कारण गांव के गरीब लोग अक्सर गंभीर बीमारियों का सही समय पर इलाज नहीं करा पाते हैं।
लेकिन, Darbhanga जिले के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद सकारात्मक और उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। यहां के कोर्थू गांव में एक विशाल और नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया है।
इस मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन क्षेत्रीय विधायक मैथिली ठाकुर के विशेष सौजन्य और प्रयासों से किया गया। इस शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें राजधानी पटना के प्रतिष्ठित ‘पारस अस्पताल’ (Paras Hospital) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने गांव आकर अपनी सेवाएं दीं।
‘खबर आंगन’ की हेल्थ और रीजनल डेस्क आपके लिए ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होने वाली इस बेहतरीन पहल की विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट लेकर आई है। हम जानेंगे कि कैसे यह कैंप सैकड़ों ग्रामीणों के लिए संजीवनी साबित हुआ।
कोर्थू गांव में अहले सुबह से उमड़ा मरीजों का जनसैलाब
मंगलवार की सुबह से ही अलीनगर के कोर्थू गांव स्थित शिविर स्थल पर ग्रामीणों का भारी तांता लगना शुरू हो गया था। सिर्फ कोर्थू ही नहीं, बल्कि आसपास के कई अन्य गांवों से भी लोग भारी संख्या में इस शिविर में पहुंचे।
इस स्वास्थ्य शिविर में अपनी जांच कराने के लिए मुख्य रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की भारी भीड़ देखी गई। लोगों के चेहरों पर इस बात की स्पष्ट राहत थी कि उन्हें अब अपना इलाज कराने के लिए किसी बड़े शहर के महंगे अस्पताल का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के उस अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक आधुनिक चिकित्सा परामर्श पहुंचाना था, जो दूरी या आर्थिक तंगी के कारण Darbhanga शहर या पटना के सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों तक पहुंचने में पूरी तरह से असमर्थ हैं।
पारस अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने संभाला मोर्चा
पटना का ‘पारस अस्पताल’ अपने आधुनिक इलाज और बेहतरीन चिकित्सा सुविधाओं के लिए पूरे बिहार में जाना जाता है। इस प्रतिष्ठित अस्पताल के अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक पूरी टीम अपने मेडिकल उपकरणों के साथ कोर्थू गांव पहुंची थी।
डॉक्टरों की इस टीम ने कतार में लगे हर एक मरीज का बेहद गहनता और संवेदनशीलता के साथ शारीरिक परीक्षण किया। मरीजों की बीमारियों को गंभीरता से सुना गया और उन्हें उचित मेडिकल परामर्श दिया गया।
इस विशाल स्वास्थ्य शिविर के दौरान मरीजों के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित महत्वपूर्ण जांचें बिल्कुल नि:शुल्क की गईं:
- लाइफस्टाइल जांच: ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) और ब्लड शुगर (मधुमेह) की सटीक जांच।
- सामान्य परीक्षण: मौसमी बीमारियों और शारीरिक कमजोरी से जुड़ा सामान्य शारीरिक परीक्षण।
- गंभीर परामर्श: हृदय रोग (Cardiac diseases) एवं अन्य गंभीर बीमारियों से संबंधित विशेष चिकित्सकीय परामर्श।
लाइफस्टाइल बीमारियों पर डॉक्टरों की गंभीर चेतावनी
शिविर में मौजूद पारस अस्पताल के विशेषज्ञों ने मरीजों को केवल दवाइयां ही नहीं लिखीं, बल्कि उनके लिए एक बेहद जरूरी ‘काउंसलिंग सेशन’ भी आयोजित किया। डॉक्टरों ने ग्रामीणों को उनके खान-पान और दिनचर्या को लेकर कई अहम सलाह दीं।
विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी ‘लाइफस्टाइल’ से जुड़ी खतरनाक बीमारियां बहुत तेजी से पैर पसार रही हैं। डायबिटीज (मधुमेह) और हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) जैसी साइलेंट किलर बीमारियां अब गांवों के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी हैं।
डॉक्टरों ने ग्रामीणों को चेतावनी देते हुए कहा कि इन बीमारियों का सही समय पर पता चलना बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने ग्रामीणों को नियमित व्यायाम करने, अपनी थाली में संतुलित आहार शामिल करने और समय-समय पर अपना रूटीन मेडिकल चेकअप कराते रहने के प्रति जागरूक किया।
विधायक मैथिली ठाकुर की पहल की हो रही प्रशंसा
अपने गांव की चौखट पर पटना के इतने बड़े डॉक्टरों से मुफ्त इलाज और दवाइयां पाकर कोर्थू और आसपास के ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे। स्थानीय लोगों ने अलीनगर की विधायक मैथिली ठाकुर और पारस अस्पताल के इस साझा और सफल प्रयास की मुक्त कंठ से जमकर प्रशंसा की।
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि एक गरीब किसान या मजदूर के लिए पटना जाकर पारस जैसे बड़े अस्पताल की फीस भरना और वहां ठहरना किसी सपने जैसा होता है। ऐसे में गांव के अंदर ही मुफ्त ओपीडी (OPD) और जांच की सुविधा मिलना एक बेहद सराहनीय और ऐतिहासिक कदम है।
राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी इस बात की काफी चर्चा है कि जनप्रतिनिधि अगर चाहें, तो वे स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सीधे तौर पर जनता को बड़ा लाभ पहुंचा सकते हैं।
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