दरभंगा, 3 सितंबर 2026: दरभंगा में बढ़ते यातायात दबाव और एयरपोर्ट की बढ़ती अहमियत के बीच शहर की सड़क कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर तेजी लाने की मांग उठी है। दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने रिंग रोड और एयरपोर्ट से जुड़ी सड़क परियोजनाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री से पहल करने का आग्रह किया है। उनका जोर ऐसी कनेक्टिविटी तैयार करने पर है, जिससे शहर के भीतर का दबाव घटे और एयरपोर्ट तक पहुंच भी आसान हो।
दरभंगा में पिछले कुछ वर्षों में एयरपोर्ट, एम्स और दूसरे बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स के कारण यातायात की जरूरत तेजी से बदली है। इसी पृष्ठभूमि में रिंग रोड को शहर के लिए महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। दूसरी ओर, एयरपोर्ट की क्षमता और सुविधाओं के विस्तार के साथ उसके आसपास बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत भी बढ़ रही है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मई 2026 में दरभंगा एयरपोर्ट परियोजना समेत प्रमुख विकास कार्यों की समीक्षा भी हो चुकी है।
रिंग रोड से शहर के यातायात को मिल सकती है बड़ी राहत
दरभंगा शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। शहर के भीतर से गुजरने वाले यातायात को बाहरी मार्गों की ओर मोड़ने के लिए रिंग रोड जैसी परियोजना महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे शहर के मुख्य बाजार और व्यस्त सड़कों पर अनावश्यक वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है और आसपास के इलाकों के बीच आवागमन का वैकल्पिक रास्ता तैयार हो सकता है।

रिंग रोड का महत्व केवल शहर के ट्रैफिक तक सीमित नहीं है। दरभंगा को आसपास के प्रखंडों, राष्ट्रीय राजमार्गों और बड़े विकास केंद्रों से जोड़ने वाले सड़क नेटवर्क में इसका योगदान हो सकता है। पहले भी दरभंगा में रिंग रोड के साथ कई सड़क और आरओबी परियोजनाओं को लेकर सांसद की ओर से केंद्र और राज्य स्तर पर मांग उठाई जाती रही है।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी पर भी बढ़ा दबाव
दरभंगा एयरपोर्ट अब शहर की कनेक्टिविटी का अहम हिस्सा बन चुका है। एयरपोर्ट के नए टर्मिनल और अन्य सुविधाओं के विस्तार के साथ सड़क संपर्क को मजबूत करना भी जरूरी हो गया है। मई में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में दरभंगा एयरपोर्ट परियोजना की समीक्षा हुई थी, जिसमें परियोजना की प्रगति पर अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण दिया था।
सितंबर के पहले सप्ताह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के दरभंगा दौरे की तैयारियों को लेकर भी एयरपोर्ट प्रशासनिक स्तर पर सक्रिय रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि एयरपोर्ट को लेकर आने वाले चरण में बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं पर ध्यान बढ़ने वाला है। ऐसे में एयरपोर्ट तक सुगम और व्यवस्थित सड़क पहुंच का मुद्दा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो जाता है।
रिंग रोड और एयरपोर्ट लिंक साथ आए तो बदल सकती है कनेक्टिविटी
अगर रिंग रोड और एयरपोर्ट से जुड़ी प्रमुख सड़कों का विकास एक-दूसरे से बेहतर तरीके से जोड़ा जाता है, तो इसका असर शहर के यातायात पर व्यापक हो सकता है। बाहर से आने वाले वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग मिल सकते हैं, जबकि एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भी अधिक सीधा और व्यवस्थित संपर्क मिल सकेगा।
दरभंगा में पहले से कई सड़क परियोजनाएं प्रस्तावित या निर्माण और निविदा जैसी अलग-अलग प्रक्रियाओं में हैं। हाल की परियोजनाओं में एयरपोर्ट अप्रोच रोड, एलिवेटेड रोड और कई रेलवे ओवरब्रिज से जुड़े काम शामिल हैं। इसका मतलब है कि शहर की कनेक्टिविटी एक अकेली सड़क परियोजना से नहीं, बल्कि कई आपस में जुड़े प्रोजेक्ट्स के नेटवर्क से बदलने वाली है।
सांसद पहले भी उठा चुके हैं सड़क परियोजनाओं का मुद्दा
दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर इससे पहले भी रिंग रोड, आरओबी और विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष मांग रख चुके हैं। 2022 में उन्होंने दरभंगा में पांच आरओबी के निर्माण के साथ रिंग रोड और कई अन्य सड़क संपर्क परियोजनाओं को लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री के सामने मुद्दा उठाया था। उन्होंने सकरी से कुशेश्वरस्थान-खगड़िया प्रस्तावित सड़क को दरभंगा के लिंक रोड से जोड़ने का सुझाव भी दिया था।
अब एक बार फिर राज्य स्तर पर तेजी की मांग ऐसे समय उठी है जब दरभंगा का शहरी विस्तार और परिवहन जरूरतें दोनों बढ़ रही हैं। एम्स, एयरपोर्ट और दूसरे बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ शहर में आने-जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सड़क परियोजनाओं को समय पर पूरा करना केवल विकास का विषय नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की यातायात व्यवस्था के लिए भी अहम माना जा सकता है।
असली चुनौती अब रफ्तार और जमीन पर काम की है
परियोजनाओं की घोषणा या मांग के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण उनका धरातल पर समयबद्ध क्रियान्वयन होता है। रिंग रोड, एयरपोर्ट लिंक और अन्य संपर्क सड़कों के मामले में जमीन, स्वीकृति, निविदा, निर्माण और आपसी समन्वय जैसे कई चरण पूरे करने होते हैं। इसलिए सांसद की मांग के बाद अब निगाह इस बात पर रहेगी कि संबंधित परियोजनाओं को प्रशासनिक स्तर पर कितनी तेजी मिलती है और कौन-कौन से काम अगले चरण में पहुंचते हैं।
दरभंगा के लिए तस्वीर अब पहले जैसी नहीं है। एयरपोर्ट शहर की पहचान बदल रहा है, एम्स और दूसरे बड़े प्रोजेक्ट नई जरूरतें पैदा कर रहे हैं और इसी के साथ सड़क नेटवर्क पर दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में दरभंगा रिंग रोड अगर एयरपोर्ट और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से प्रभावी तरीके से जुड़ता है, तो यह आने वाले वर्षों में शहर की यातायात व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।
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