दरभंगा, 3 सितंबर 2026: दरभंगा के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने पटना में लगातार दो महत्वपूर्ण बैठकों में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के सामने क्षेत्र की जरूरतें रखीं। एक बैठक में उच्च शिक्षा के विस्तार और युवाओं के अवसरों पर चर्चा हुई, जबकि दूसरी में दरभंगा संसदीय क्षेत्र की रेल परियोजनाओं, स्टेशनों के विकास और यात्री सुविधाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई।
इन दोनों बैठकों से यह संकेत मिलता है कि दरभंगा में विकास की चर्चा अब केवल नई परियोजनाओं की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबित कामों को गति देने, संस्थानों का विस्तार करने और समयसीमा में परिणाम हासिल करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सांसद ने शिक्षा और रेलवे को क्षेत्र के युवाओं तथा आम यात्रियों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के रूप में सामने रखा।
उच्च शिक्षा के विस्तार का मुद्दा प्रमुखता से उठा
सांसद गोपाल जी ठाकुर ने बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन से पटना में मुलाकात कर दरभंगा में उच्च शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में दूरस्थ शिक्षा व्यवस्था को दोबारा शुरू करने का विषय प्रमुखता से रखा गया।
दूरस्थ शिक्षा व्यवस्था शुरू होने से उन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ सकते हैं, जो नियमित पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं ले पाते हैं। इसके साथ नए पाठ्यक्रम शुरू करने, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और दरभंगा को उच्च शिक्षा, शोध तथा नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
सांसद ने दरभंगा की पुरानी शैक्षणिक और बौद्धिक पहचान का उल्लेख करते हुए इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र का कोई भी युवा केवल अवसरों की कमी के कारण उच्च शिक्षा से दूर न रहे। उन्होंने शिक्षा के विस्तार को युवाओं के भविष्य और क्षेत्र के व्यापक विकास से जोड़कर देखा।
गोपाल जी ठाकुर की संसद में भी शिक्षा और दरभंगा से जुड़े विषयों पर सक्रियता रही है। संसदीय रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने अगस्त 2026 में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को वित्तीय सहायता से संबंधित प्रश्न भी उठाया था।
रेलवे परियोजनाओं की भी हुई उच्चस्तरीय समीक्षा
दूसरी महत्वपूर्ण बैठक पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के नवनियुक्त महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग के साथ हुई। डिम्पी गर्ग ने 1 सितंबर 2026 को पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक का पदभार संभाला है।

बैठक में दरभंगा जंक्शन के पुनर्विकास के साथ शिशो और काकरघट्टी स्टेशन के विकास पर चर्चा हुई। इसके अलावा बननी में रेलवे की जमीन से जुड़े विषय, ROB और RUB, दरभंगा–समस्तीपुर रेलखंड के दोहरीकरण तथा क्षेत्र में महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव का मुद्दा भी सामने रखा गया।
नई और अतिरिक्त रेल सेवाओं के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। सांसद ने दरभंगा को मिथिला के प्रमुख क्षेत्रीय रेल हब के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई और लंबित परियोजनाओं को मिशन मोड में तय समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।
सवाल सिर्फ परियोजनाओं का नहीं, समय पर काम पूरा होने का
दरभंगा में रेलवे से जुड़ी कई मांगें पहले भी सांसद द्वारा संसद में उठाई जाती रही हैं। संसदीय रिकॉर्ड में दरभंगा रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण और शिशो रेलवे स्टेशन पर मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स तथा कोच वाशिंग पिट परियोजना से जुड़े उनके सवाल दर्ज हैं।
ऐसे में हाल की समीक्षा बैठक का महत्व केवल नई मांगों में नहीं है। असली चुनौती यह है कि जिन परियोजनाओं पर लंबे समय से चर्चा चल रही है, उनमें जमीन, प्रशासनिक प्रक्रिया, तकनीकी स्वीकृति और क्रियान्वयन से जुड़ी अड़चनें कितनी जल्दी दूर होती हैं। सांसद ने बैठक में जिम्मेदारी, समयसीमा और परिणाम सुनिश्चित करने को प्राथमिकता बताया।
शिक्षा और रेल दोनों का सीधा असर युवाओं और आम लोगों पर
उच्च शिक्षा की बेहतर व्यवस्था युवाओं के लिए पढ़ाई, कौशल और रोजगार के नए रास्ते खोल सकती है, वहीं मजबूत रेल नेटवर्क दरभंगा को दूसरे शहरों से जोड़ने के साथ व्यापार, रोजगार और आवागमन को आसान बना सकता है। यही वजह है कि दोनों क्षेत्रों की परियोजनाएं दरभंगा के दीर्घकालिक विकास में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
गोपाल जी ठाकुर इससे पहले भी दरभंगा के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी से जुड़े कई विषय संसद में उठाते रहे हैं। हाल के संसदीय रिकॉर्ड में दरभंगा एयरपोर्ट के विकास, शहरी आधारभूत ढांचे और शिक्षा सहित कई स्थानीय विषय दर्ज हैं।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि बैठकों में उठाए गए मुद्दों में से किन प्रस्तावों पर विभागीय स्तर पर अगली कार्रवाई शुरू होती है और दरभंगा के विद्यार्थियों तथा रेल यात्रियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ कब दिखाई देता है।
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