मुजफ्फरपुर, 2 अक्टूबर 2026। जिले में लगातार मंडरा रहे बाढ़ और जलजमाव के खतरे को देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे को टालने के लिए जिलाधिकारी (DM) श्री कुमार गौरव ने खुद कमान संभाल ली है। उन्होंने साहेबगंज प्रखंड के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले माधोपुर हजारी रिंग बांध और माधोपुर हजारी मुख्य बांध का ‘ग्राउंड जीरो’ पर उतरकर सघन निरीक्षण किया।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वार्ड नंबर-01 में स्थित रिंग बांध की वर्तमान भौगोलिक स्थिति, पानी के बढ़ते दबाव और तटबंध की सुरक्षा का बारीकी से जायजा लिया। मौके पर मौजूद प्रशासनिक पदाधिकारियों और जल संसाधन विभाग के अभियंताओं (इंजीनियर्स) के साथ उन्होंने बांध की मजबूती को लेकर गहन चर्चा की। अधिकारियों से स्थानीय जलस्तर और संभावित जोखिम वाले इलाकों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई ताकि किसी भी संभावित आपदा से समय रहते निपटा जा सके।
संवेदनशील जगहों पर स्टॉक होंगे बालू के बोरे, तुरंत होगा बचाव कार्य
तटबंधों की सुरक्षा में कोई भी प्रशासनिक चूक न हो, इसके लिए DM कुमार गौरव ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अभियंताओं को स्पष्ट हिदायत दी है कि बांध के जिन संवेदनशील स्थलों (Vulnerable Points) पर पानी का दबाव ज्यादा हो सकता है, उनकी पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी अनहोनी या रिसाव को रोकने के लिए इन जगहों पर पहले से ही पर्याप्त संख्या में बालू भरे बोरे, मिट्टी और बचाव से जुड़ी अन्य सभी आवश्यक सामग्रियों का भरपूर स्टॉक सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी का सख्त आदेश है कि बचाव सामग्री की उपलब्धता में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की रणनीति यह है कि यदि अचानक जलस्तर में तेजी आती है या बांध पर दबाव बढ़ता है, तो आवश्यकता पड़ने पर बिना एक पल भी गंवाए वहां तत्काल सुरक्षात्मक कार्य (Protection Work) शुरू किया जा सके।
24 घंटे निगरानी के आदेश, ‘अलर्ट मोड’ पर रहेंगे सभी अधिकारी
नदियों के मिजाज और पल-पल बदलते जलस्तर पर पैनी नजर रखने के लिए डीएम ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों को ‘अलर्ट मोड’ में रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रिंग बांध और जलस्तर की स्थिति की 24 घंटे लगातार निगरानी (मॉनिटरिंग) सुनिश्चित की जाए। किसी भी आपात परिस्थिति के उत्पन्न होने पर अधिकारी तुरंत त्वरित कार्रवाई (Quick Response) के लिए तत्पर रहें।
निरीक्षण का समापन करते हुए जिलाधिकारी ने यह बिल्कुल स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आम जनमानस की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके और किसी भी परिस्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तरह से प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
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