पटना, 2 अक्टूबर 2026। पटना जिले में हालिया बाढ़ और मूसलाधार बारिश के कारण बदहाल हुई सड़कों को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सड़कों पर बने खतरनाक गड्ढों और टूट-फूट से आम जनता को हो रही भारी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी (DM) श्री कुंदन कुमार ने अधिकारियों को कड़ा फरमान सुनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले भर की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम ‘मिशन मोड’ में पूरा किया जाए और इसके लिए अगले पूरे एक सप्ताह तक सड़क अनुरक्षण एवं मरम्मत पर विशेष फोकस रखा जाए।

समीक्षा भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीण कार्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल (NHAI), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और सभी नगर निकायों के आला अधिकारियों के साथ स्थिति की गहन समीक्षा की। इस बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) श्री शुभम कुमार, ट्रैफिक एसपी श्री सागर कुमार, सभी कार्यपालक अभियंता, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी और अनुमंडल अधिकारी (SDO) मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने साफ किया कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बाढ़ व बारिश से जर्जर हुई सड़कों की तत्काल सूची तैयार की जाए और प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू किया जाए।
सड़क क्षति का तुरंत मिलेगा अपडेट, चलेंगी ‘रोड एम्बुलेंस’
सड़क मरम्मत में अक्सर होने वाली देरी को खत्म करने के लिए जिलाधिकारी ने एक चाक-चौबंद इफेक्टिव मैकेनिज्म (त्वरित सूचना एवं कार्रवाई तंत्र) विकसित करने का आदेश दिया है। इसके तहत जैसे ही किसी सड़क के क्षतिग्रस्त होने की खबर मिलेगी, बिना किसी प्रशासनिक विलंब के तुरंत निरीक्षण और मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पूरे तंत्र में अफसरों की जवाबदेही तय की जाएगी ताकि काम में कोई ढिलाई न बरती जा सके।
इसके साथ ही, सड़कों की त्वरित मरम्मत के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को पर्याप्त संख्या में ‘रोड एम्बुलेंस’ तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। यह रोड एम्बुलेंस तत्काल मौके पर पहुंचकर गड्ढों की भराई और पैच वर्क का काम करेंगी, जिससे हादसों की आशंका को खत्म किया जा सके।
ठेकेदारों पर कसेगा शिकंजा, मेंटेनेंस वाली सड़कें तुरंत होंगी ठीक
बैठक में उन सड़कों की स्थिति पर भी कड़ा रुख अपनाया गया जो वर्तमान में संवेदकों (ठेकेदारों) की गारंटी व अनुरक्षण (मेंटेनेंस) अवधि के अंतर्गत आती हैं। DM कुंदन कुमार ने कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि ऐसी सड़कों की मरम्मत नियमानुकूल संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से अविलंब कराई जाए। सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना ठेकेदारों की जवाबदेही तय करते हुए सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा।
अभियंताओं को हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार फील्ड विजिट करें और निरीक्षण के दौरान जहां भी सड़क क्षतिग्रस्त मिले, उसकी तत्काल मरम्मत सुनिश्चित कराएं। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मेट्रो और गैस पाइपलाइन एजेंसियों की बढ़ी जवाबदेही, राजेंद्र नगर पर नजर
शहर में चल रहे विकास कार्यों से आम लोगों को हो रही परेशानी पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने पटना मेट्रो और गैस पाइपलाइन बिछाने वाली एजेंसियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिस भी इलाके में पाइपलाइन या मेट्रो निर्माण के लिए सड़क खोदी जाती है, काम पूरा होते ही संबंधित एजेंसी को अपने खर्च पर तुरंत गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण करना होगा।
विशेष रूप से राजेंद्र नगर टर्मिनस के पास खोदी गई और बदहाल हुई सड़क को लेकर पटना मेट्रो को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वहां की सड़क को अविलंब ठीक किया जाए। इसके अलावा मेट्रो को अपनी देखरेख वाली सभी सड़कों की निरंतर चेकिंग करने और गड्ढे मिलते ही तुरंत ठीक करने की हिदायत दी गई है।
फुट ओवर ब्रिज बनेंगे, बंद होंगी अवैध क्रॉसिंग और हटेगा अतिक्रमण
पैदल चलने वाले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले में आवश्यक स्थानों पर नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाने के लिए स्थलों की सूची तैयार करने को कहा गया है। इसके साथ ही, सड़कों और ओवरब्रिजों पर खराब पड़े एस्केलेटरों को तुरंत चालू करने का आदेश दिया गया है।
बैठक में मौजूद ट्रैफिक एसपी श्री सागर कुमार ने सड़क सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक साबित हो रही सभी अनधिकृत (अवैध) क्रॉसिंग को चिन्हित कर तुरंत बंद करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, सड़कों के किनारे बने फुटपाथों (पैदल पथ) को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान चलाया जाएगा ताकि पैदल यात्रियों को चलने के लिए सुरक्षित रास्ता मिल सके।
अनुमंडल अधिकारी करेंगे मॉनिटरिंग, निर्बाध रहेगा ट्रैफिक
ट्रैफिक एसपी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सड़क पर किसी वाहन के खराब होने, अचानक पेड़ गिरने या किसी अन्य दुर्घटना के कारण यातायात बाधित होने पर सभी विभाग आपसी तालमेल से तुरंत मौके पर पहुंचेंगे। सड़क से बाधा को तत्काल हटाकर ट्रैफिक को फिर से सुचारु कराया जाएगा ताकि आम जनता को जाम की समस्या से न जूझना पड़े।
पूरे अभियान को धरातल पर उतारने के लिए सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) को अपने-अपने अनुमंडल में कार्यों की नियमित समीक्षा और अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) करने का जिम्मा सौंपा गया है। जिलाधिकारी ने अंत में दोहराया कि त्वरित कार्रवाई, काम की उच्च गुणवत्ता और नागरिकों के लिए सुगम व सुरक्षित सफर ही जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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