आरा, 1 अक्टूबर 2026। भोजपुर और सारण क्षेत्र में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ के हालात, राहत और बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा के लिए गुरुवार (1 अक्टूबर) को भोजपुर के जिलाधिकारी (DM) श्री मनेश कुमार मीणा ने अधिकारियों के साथ ज़ूम (Zoom) के माध्यम से एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक की।
एफसीडी (FCD), बड़हरा से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, सुबह 10:00 बजे गंगा नदी खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर प्रवाहित हो रही थी। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और आम जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
DM ने आम जनता से की यह खास अपील
तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- जलमग्न इलाकों में न जाएं: अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने या पानी से घिरे इलाकों में जाने से पूरी तरह बचें।
- सड़क पार करने का जोखिम न लें: जिन सड़कों या संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है, वहां पैदल या वाहन से पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। आवागमन के लिए सिर्फ सुरक्षित नाव का ही इस्तेमाल करें।
- बच्चों और बुजुर्गों का रखें ध्यान: बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग जनों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्हें बाढ़ के पानी या नदी के किनारे जाने से रोकें।
- अफवाहों से बचें: किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। गंगा के जलस्तर और प्रशासन की सूचनाओं पर नजर रखें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या ‘आपदा नियंत्रण कक्ष’ से संपर्क करें।
अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी और ‘State of Readiness’ का निर्देश
बैठक में DM मनेश कुमार मीणा ने सभी संबंधित विभागों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखें। सभी विभागों को पर्याप्त संसाधनों, मानवबल और नावों के साथ ‘स्टेट ऑफ रेडीनेस’ (पूरी तैयारी) की स्थिति में रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी किए त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
इस ऑनलाइन समीक्षा बैठक में अपर समाहर्त्ता (आपदा), प्रभारी पदाधिकारी (आपदा), सिविल सर्जन, कार्यपालक अभियंता (जल संसाधन विभाग एवं PHED) और संबंधित अंचल अधिकारियों (CO) सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
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