भोजपुर, 27 सितंबर 2026। जिले की सभी 226 ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। इस बार शिविर की मुख्य थीम ‘आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा युक्त ग्राम पंचायत’ रही। पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में आमजन, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। शिविरों के माध्यम से पंचायती राज विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देने के साथ स्थानीय विकास और लोगों की समस्याओं पर सीधे संवाद किया गया।
बिहार सरकार की पहल के तहत प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य पंचायतों के समग्र विकास को लेकर संवाद स्थापित करना, सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना तथा लोगों की समस्याओं और सुझावों को पंचायत स्तर पर सुनना है।
जिला पदाधिकारी भोजपुर मनेश कुमार मीणा के निर्देश पर जिले की सभी 226 पंचायतों में एक साथ शिविर लगाए गए। पंचायतवार शिविरों में जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। अधिकारियों ने संबंधित पंचायतों में पहुंचकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद किया तथा योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय जरूरतों की जानकारी ली।
शिविरों में लोगों को पंचायती राज विभाग समेत विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में बताया गया। योजनाओं के साथ पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों, उपलब्ध सुविधाओं और स्थानीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव पदाधिकारियों के समक्ष रखे, जिस पर उन्हें आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया।
‘आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा युक्त ग्राम पंचायत’ की थीम के तहत पंचायतों में उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं और जनसुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर रहा। स्थानीय स्तर पर बेहतर सेवाओं की उपलब्धता और विकास कार्यों को सुदृढ़ करने से जुड़े विषयों पर भी लोगों को जानकारी दी गई। पंचायत विकास दिवस को ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद के मंच के रूप में उपयोग किया गया।
बिहार सरकार के अनुसार, पंचायत विकास दिवस का आयोजन प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को करने का उद्देश्य पंचायतों के विकास और ग्रामीणों की सीधी भागीदारी को बढ़ावा देना है। जून 2026 में इसकी शुरुआत करते हुए राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में इस आयोजन की घोषणा की गई थी।
आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।



