आरा, 6 अक्टूबर 2026। सरकारी दफ्तरों में बाबूओं के चक्कर काटना और अपने ही हक के लिए हफ्तों इंतजार करना—आम आदमी की इस सबसे बड़ी परेशानी को खत्म करने के लिए भोजपुर प्रशासन अब सीधे जनता के मोहल्ले और गांवों तक पहुंच रहा है। बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान “सबका सम्मान, जीवन आसान” के तहत मंगलवार को भोजपुर जिले में एक साथ बड़े स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मकसद फाइलों को अटकाना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करना था।
इस महाभियान का दायरा इतना बड़ा था कि एक ही दिन में जिले के सभी 14 प्रखंडों की 27 पंचायतों और 7 नगर निकाय (शहरी) क्षेत्रों में इन विशेष शिविरों को लगाया गया। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर के वार्डों तक, हर जगह अधिकारियों की टीम पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद दिखी। आम दिनों में जिन अधिकारियों से मिलने के लिए लोगों को समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) या ब्लॉक के चक्कर काटने पड़ते हैं, वे अधिकारी खुद इन शिविरों में बैठकर जनता से सीधे उनके आवेदन ले रहे थे।
जनता के बीच इन शिविरों को लेकर कितना उत्साह और जरूरत थी, इसका अंदाजा आंकड़ों से साफ लगाया जा सकता है। दिन भर चले इन शिविरों में कुल 1307 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1007 मामले ग्रामीण क्षेत्रों (27 पंचायतों) से आए, जबकि 300 आवेदन शहरी क्षेत्रों (7 नगर निकायों) से प्राप्त हुए। यह भारी संख्या बताती है कि जब प्रशासन जनता के द्वार पहुंचता है, तो लोग बेझिझक अपनी शिकायतें और मांगे सरकार के सामने रखते हैं।
शिविरों की हकीकत परखने के लिए जिले के वरीय (सीनियर) अधिकारियों ने भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया कि ये आवेदन सिर्फ कागजों का ढेर बनकर नहीं रहने चाहिए। अधिकारियों ने सख्त हिदायत दी है कि शिविर में मिले हर एक आवेदन का तुरंत ‘डिजिटाइजेशन’ (कम्प्यूटरीकरण) किया जाए। इसके बाद विभागवार तरीके से इनकी समीक्षा कर तय समय-सीमा के भीतर इनका निपटारा करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि फरियादी को दोबारा भटकना न पड़े।
इन शिविरों का फायदा सिर्फ शिकायत दर्ज कराने तक सीमित नहीं था। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों को सरकार की उन तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी, जिनसे वे अब तक अनजान थे। जो लोग मौके पर ही इन योजनाओं के पात्र पाए गए, उन्हें तत्काल लाभान्वित करने और उनके आवेदन आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।
भोजपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर कोताही और संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने जिलेवासियों से खास अपील भी की है कि वे आगे भी इन सहयोग शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। अपनी समस्याओं को बेझिझक अधिकारियों के सामने रखें और बिना किसी बिचौलिए के सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठाएं।
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