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Bhagalpur News: 5वीं ‘मंजूषा हटिया’ में दिखी अंग प्रदेश की समृद्ध लोककला, 20 हजार की हुई बिक्री, DM ने भी खरीदी बच्चों की पेंटिंग

अंग प्रदेश की लोकचित्रकला 'मंजूषा कला' को बढ़ावा देने के लिए भागलपुर में 5वीं मंजूषा हटिया का आयोजन किया गया। कला मेले में पारंपरिक कलाकृतियों के साथ मंजूषा प्रिंटेड टी-शर्ट और बैग की जमकर बिक्री हुई।
Ashutosh Kumar Jha Wednesday, 7 October 2026, 12:36 AM
Bhagalpur News: 5वीं ‘मंजूषा हटिया’ में दिखी अंग प्रदेश की समृद्ध लोककला, 20 हजार की हुई बिक्री, DM ने भी खरीदी बच्चों की पेंटिंग
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भागलपुर, 6 अक्टूबर 2026। अंग प्रदेश की गौरवशाली पहचान और प्राचीन लोकचित्रकला ‘मंजूषा कला’ को सहेजने तथा स्थानीय कलाकारों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने की अनूठी पहल अब रंग ला रही है। भागलपुर संग्रहालय परिसर में आयोजित पांचवीं ‘मंजूषा हटिया सह लोक कला प्रदर्शनी’ में मंगलवार को स्थानीय कला, हुनर और रोजगार का अद्भुत संगम देखने को मिला। दिनभर चले इस कला मेले में कला प्रेमियों और युवाओं की भारी भीड़ जुटी, जिसमें 20 हजार रुपये से अधिक मूल्य की मंजूषा कलाकृतियों और हस्तनिर्मित सामग्रियों की हाथों-हाथ बिक्री हुई।

Bhagalpur News 5वीं \'मंजूषा हटिया\' में दिखी अंग प्रदेश की
Photo: Bhagalpur News

इस भव्य आयोजन का विधिवत उद्घाटन भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पाण्डेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस बार की मंजूषा हटिया में सबसे खास बात यह रही कि कलाकारों ने पारंपरिक कला को आधुनिक जीवनशैली के साथ बड़ी खूबसूरती से जोड़ दिया है। लोगों ने कैनवास के अलावा मंजूषा कला से सजे टी-शर्ट, स्क्रीन प्रिंटिंग वाले कपड़े, जूट के क्राफ्ट वर्क, साड़ियां, दुपट्टे, रुमाल, बैग और सजावटी पंखों की जमकर खरीदारी की। यह नवाचार साबित करता है कि अगर पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार के अनुरूप ढाला जाए, तो यह रोजगार का एक बड़ा साधन बन सकती है।

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इस प्रदर्शनी का सबसे भावुक और विशेष आकर्षण उन बच्चों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां थीं, जो इन दिनों बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे हैं। विषम परिस्थितियों के बावजूद इन बच्चों ने अपनी रचनात्मकता को मंजूषा कला के जरिए कैनवास पर उतारा था। बच्चों की इस अद्भुत प्रतिभा और हौसले को देखकर जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय भी खुद को रोक नहीं पाईं और उन्होंने एक बच्चे द्वारा बनाई गई मंजूषा कलाकृति को नकद राशि देकर स्वयं खरीदा। डीएम की इस पहल ने न सिर्फ बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि कला किसी भी मुश्किल वक्त में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकती है।

कलाकारों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने प्रशासन की इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोककला को केवल प्रदर्शनियों की शोभा बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे कलाकारों की स्थायी आजीविका से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने आधुनिक बाजार की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि मंजूषा कलाकारों और उनके उत्पादों को अब डिजिटल मार्केट और ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ने की सख्त जरूरत है, ताकि दुनिया भर के ग्राहक इन बेहतरीन उत्पादों को सीधे खरीद सकें और कलाकारों को उनकी मेहनत का सही आर्थिक लाभ मिल सके।

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मंजूषा हटिया सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए एक बड़ा मंच बन चुका है। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने बताया कि वैसे तो इसका आयोजन हर महीने के पहले रविवार को होता है, लेकिन जितिया पर्व के कारण इस बार इसे मंगलवार को आयोजित किया गया। यह आयोजन वरिष्ठ और युवा कलाकारों के लिए एक ‘गेट-टुगेदर’ बन गया है, जहां वे अपने अनुभव साझा करते हैं। इस बार कलाकारों के बीच गजब की आत्मीयता देखने को मिली; कई कलाकारों ने अपने साथी कलाकारों की पेंटिंग्स और उत्पाद खरीदकर यह संदेश दिया कि कला के संरक्षण की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन या खरीदारों की नहीं, बल्कि खुद कलाकार समुदाय की भी है।

आयोजन में सांस्कृतिक रंगों की भी कोई कमी नहीं रही। आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र, भागलपुर के बच्चों ने अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले रंगकर्मियों को भी प्रशासन ने खास सम्मान दिया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत टाउन हॉल में शानदार नाटक की प्रस्तुति देने वाले 35 रंगमंच कलाकारों को जिला प्रशासन की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे स्थानीय कलाकारों का उत्साह दोगुना हो गया।

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इस पांचवीं मंजूषा हटिया को सफल बनाने में पर्दे के पीछे से अहम भूमिका निभाने वाली वरिष्ठ मंजूषा कलाकार सह संयोजक कुमारी श्वेता और युवा संयोजक सुरभि सुमन को जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने विशेष रूप से सम्मानित किया। इन दोनों के प्रयासों से कई नए युवा कलाकार इस मंच से जुड़े हैं। इस पूरे आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि भागलपुर की मंजूषा कला सिर्फ इतिहास के पन्नों में दर्ज रहने वाली कला नहीं है, बल्कि यह नए बाजार, नए प्रयोगों और नई पीढ़ी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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Ashutosh Kumar Jha

Ashutosh Kumar Jha Admin

Ashutosh Kumar Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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