भागलपुर, 6 अक्टूबर 2026। भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल में आगामी दुर्गा पूजा-2026 को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को मुंगेर प्रमंडल-सह-भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त (Commissioner) श्री प्रेम सिंह मीणा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अहम बैठक में भागलपुर के आईजी (IG), मुंगेर और बेगूसराय के डीआईजी (DIG) समेत दोनों प्रमंडलों के सभी जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि आस्था के इस महापर्व में खलल डालने वालों और माहौल बिगाड़ने वालों से प्रशासन पूरी सख्ती से निपटेगा।
पंडालों के निर्माण और सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश
शहर और ग्रामीण इलाकों में बनने वाले पूजा पंडालों की सुरक्षा को लेकर कड़े मानक तय किए गए हैं। सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने थानाध्यक्षों के माध्यम से पूजा पंडालों का तत्काल भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराएं। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी पंडाल का निर्माण सड़क घेरकर न किया जाए, जिससे आम आवागमन या ट्रैफिक बाधित हो। इसके अलावा, पंडालों के ऊपर या आसपास से गुजरने वाले बिजली के ढीले तारों को तुरंत दुरुस्त कराने और अग्निशमन (Fire Safety) की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। पंडाल कमेटियों के लिए बिजली, भवन और अग्निशमन विभाग से एनओसी (NOC) लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
भीड़ प्रबंधन को आसान बनाने के लिए हर बड़े पूजा पंडाल में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसकी मॉनिटरिंग लगातार पुलिस कंट्रोल रूम से की जाएगी। महिलाओं और पुरुषों के लिए पंडालों में प्रवेश और निकास (Entry/Exit) के अलग-अलग द्वार बनाए जाएंगे। पंडाल की व्यवस्था संभालने वाले सभी स्वयंसेवकों (Volunteers) और समिति सदस्यों को अपना पहचान-पत्र (ID Card) पहनना अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनकी आसानी से पहचान हो सके और बाहरी असामाजिक तत्व भीड़ में घुसकर कोई फायदा न उठा सकें।
डीजे, भड़काऊ झांकी और जबरन चंदे पर पूर्ण प्रतिबंध
त्योहार के दौरान विधि-व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी पूजा पंडाल में साम्प्रदायिक भावनाओं को आहत करने वाले या भड़काऊ कार्टून और झांकी लगाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके साथ ही, तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर और डीजे (DJ) पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर किसी ने जबरन चंदा वसूली की कोशिश की, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनसे पहले ही बांड (Bond) भरवाने की प्रिवेंटिव कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर साइबर पेट्रोलिंग और शहर में चेकिंग
सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी अफवाह को रोकने के लिए पुलिस की ‘साइबर पेट्रोलिंग’ टीम 24 घंटे एक्टिव मोड में रहेगी। किसी भी आपत्तिजनक या भ्रामक पोस्ट शेयर करने वाले एडमिन या व्यक्ति पर तुरंत कार्रवाई होगी। इसके अलावा, शहर की सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करते हुए सभी होटलों, लॉज, मुसाफिरखानों, साइबर कैफे, मॉल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर संदिग्ध लोगों की चेकिंग के लिए अचानक छापेमारी की जाएगी। किराये पर रहने वाले संदिग्ध लोगों और जेलों में बंद कैदियों की गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
मूर्ति विसर्जन और घाटों पर SDRF की तैनाती
विसर्जन और जुलूस को लेकर भी सख्त नियम तय किए गए हैं। प्रशासन द्वारा जारी लाइसेंस में मूर्ति विसर्जन की तारीख और रूट का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य है। चूंकि इस समय नदियों का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, इसलिए विसर्जन घाटों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पिछले दिनों राज्य में हुई डूबने की घटनाओं से सबक लेते हुए, सभी घाटों पर सुरक्षित जलस्तर तक रस्सियों की बैरिकेडिंग की जाएगी। गोताखोरों के साथ-साथ एनडीआरएफ/एसडीआरएफ (NDRF/SDRF) की टीमों को भी मुस्तैद रखा जाएगा, ताकि कोई भी श्रद्धालु गहरे पानी में न जाए और हर हाल में डूबने जैसी अप्रिय घटनाओं को टाला जा सके।
रावण वध और शांति समितियों की भूमिका
विजयादशमी के दिन रावण वध और मेलों में उमड़ने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर प्रवेश और निकास द्वारों को अभी से सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मेला स्थलों के पास रेलवे क्रॉसिंग है, वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। त्योहार को भाईचारे के साथ मनाने के लिए थाना, अनुमंडल और जिला स्तर पर शांति समितियों की बैठकें लगातार आयोजित की जा रही हैं। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों और फायर ब्रिगेड को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अनुमंडल स्तर पर विशेष ‘क्यूआरटी’ (QRT) टीमों का गठन किया गया है।
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