भागलपुर, 6 अक्टूबर 2026। भागलपुर जिले के पिछड़े ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने और आम लोगों तक सरकारी सुविधाओं का सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। नीति आयोग द्वारा संचालित ‘आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम’ (Aspirational Block Programme) के तहत भागलपुर के पांच चुनिंदा प्रखंडों—जगदीशपुर, सबौर, सन्हौला, पीरपैंती और सुल्तानगंज में विकास की रफ्तार तेज की जाएगी।

मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि और मूलभूत ढांचे से जुड़े कुल 38 संकेतकों (Indicators) की गहन समीक्षा की और अफसरों को धरातल पर काम दिखाने की सख्त हिदायत दी।
स्वास्थ्य के मोर्चे पर ग्रामीण महिलाओं और नवजात शिशुओं की सेहत में सुधार को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र के 07 प्रमुख मानकों पर चर्चा करते हुए निर्देश दिया गया कि गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीकरण (ANC Registration) के लिए आशा (ASHA) और एएनएम (ANM) कार्यकर्ता घर-घर जाकर सर्वे करेंगी।
इसके अलावा, कम वजन वाले बच्चों (Low Birth Weight) की संख्या घटाने के लिए किशोर अवस्था में गर्भावस्था (Teenage Pregnancy) को रोकने, एनीमिया की समय पर पहचान करने और जरूरतमंद माताओं तक पोषण आहार पहुँचाने पर विशेष जोर रहेगा। वहीं, टीबी, हाइपरटेंशन और डायबिटीज की स्क्रीनिंग का दायरा भी गांव-गांव तक बढ़ाया जाएगा।
बच्चों के बेहतर भविष्य और शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए शिक्षा विभाग के 11 मानकों पर सख्त रणनीति बनाई गई है। अक्सर बीच में पढ़ाई छोड़ देने (Drop Out) वाले छात्र-छात्राओं को अब टोला सेवकों के माध्यम से ट्रैक किया जाएगा और उन्हें वापस स्कूल लाया जाएगा। इतना ही नहीं, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के प्रदर्शन और सीखने की क्षमता (Learning Based Outcome) में सुधार के लिए विद्यालयों में एक्स्ट्रा क्लासेस (Extra Classes) और हर महीने टेस्ट (Monthly Test) आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण बच्चों की नींव मजबूत हो सके।
किसानों और कृषि क्षेत्र को समृद्ध बनाने के लिए 05 अहम संकेतकों के तहत पीएम-किसान (PM-Kisan) सम्मान निधि योजना की समीक्षा की गई। जिला प्रशासन ने कृषि विभाग को निर्देश दिया है कि जिले के जिन भी पात्र और योग्य किसानों को अब तक पीएम-किसान योजना का लाभ नहीं मिल सका है, उन्हें चिन्हित कर तत्काल इस योजना से जोड़ा जाए। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खेती-किसानी के लिए समय पर आर्थिक सहयोग मिल सकेगा।
गाँव-गाँव तक बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के 05 संकेतकों पर ठोस कदम उठाने को कहा गया है। हर घर नल का जल योजना से जो टोले अब भी वंचित रह गए हैं, उनका तत्काल सर्वे कर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ‘लाइव भारत नेट’ परियोजना की समीक्षा हुई। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने प्रखंडों में बीएसएनएल (BSNL) के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर हर पंचायत में हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा तुरंत चालू कराएं।
बैठक के अंत में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का कागजी कोरम पूरा करने के बजाय धरातल पर उसकी गुणवत्ता दिखनी चाहिए। जिला योजना पदाधिकारी, सिविल सर्जन, डीआरडीए निदेशक, जिला कृषि पदाधिकारी, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (PHED) के कार्यपालक अभियंता और जीविका के डीपीएम समेत सभी संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि वे सतत निगरानी रखें, ताकि नीति आयोग के इन सभी मानकों पर भागलपुर का प्रदर्शन राज्य भर में मिसाल बन सके।
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