भागलपुर, 5 अक्टूबर 2026। अगर आपका कोई सरकारी काम बिना वजह लटका है या अंचल कार्यालयों में फाइलों को बेवजह दबाया जा रहा है, तो भागलपुर जिला प्रशासन अब इसे बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। सोमवार को समीक्षा भवन में आयोजित जिलाधिकारी के जनता दरबार में जब एक ऐसा ही मामला सामने आया, तो डीएम ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए महज 7 दिन के भीतर समस्या का समाधान करने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया।

“सात निश्चय-3” के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस जनता दरबार में जिले भर से आए फरियादियों ने सीधे जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्याएं रखीं। डीएम ने एक-एक कर कुल 68 मामलों की सुनवाई की। इन शिकायतों में सबसे ज्यादा मामले जमीनी विवाद और दाखिल-खारिज से जुड़े थे। इसके अलावा लंबे समय से रुकी हुई पेंशन, शिक्षा व पुलिस विभाग की शिकायतें, खनन, भू-अर्जन, स्वास्थ्य सेवा और जेपी सम्मान योजना से जुड़े कई गंभीर मामले भी डीएम के सामने रखे गए।
जनता दरबार में सबसे प्रमुख शिकायत नवगछिया के गोपालपुर निवासी गुड़िया देवी की रही। उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि संबंधित कार्यालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी उनका काम जानबूझकर नहीं किया गया है। आम नागरिक की इस परेशानी को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तुरंत भूमि सुधार उप समाहर्त्ता (DCLR) नवगछिया और गोपालपुर के अंचलाधिकारी (CO) को पूरे मामले की जांच कर एक सप्ताह के अंदर काम पूरा करने का स्पष्ट निर्देश दिया।
इसके अलावा दो अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर भी ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई की गई। कहलगांव के शिवनारायणपुर निवासी चौकीदार शेख हमीद ने एसीपी (ACP) का लाभ न मिलने की शिकायत की, जिसे डीएम ने त्वरित निष्पादन के लिए जिला सामान्य शाखा को सौंप दिया। वहीं, सुलतानगंज के सुशील कुमार ने भू-अर्जन (Land Acquisition) से जुड़ा अपना पुराना मामला उठाया, जिसे संबंधित विभाग को तुरंत आवश्यक कार्रवाई के लिए ट्रांसफर कर दिया गया।
68 मामलों की सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि आम जनता की शिकायतों को फाइलों में उलझाने के बजाय उनका नियम के अनुसार और जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि फरियादियों को न्याय और अपने जायज हक के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
जन समस्याओं के त्वरित समाधान के इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी के साथ अपर समाहर्त्ता राकेश रंजन, सदर डीसीएलआर अपेक्षा मोदी, सदर अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अशोक कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी चंदन कुमार और जिला जन शिकायत कोषांग की प्रभारी पदाधिकारी सुभाषिनी प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें मामलों के त्वरित निष्पादन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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