भोजपुर, 6 अक्टूबर 2026। भोजपुर जिले के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए एक बड़ी और सुविधाजनक खबर है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जिले की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को डिजिटल और हाईटेक बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहत अब जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज कराने आने वाले हर मरीज का रजिस्ट्रेशन ‘आभा कार्ड’ (ABHA ID) के जरिए किया जाएगा। इससे मरीजों को पुरानी पर्चियां संभालने के झंझट से मुक्ति मिलेगी और उनका पूरा मेडिकल इतिहास एक ही डिजिटल खाते में सुरक्षित रहेगा।
जिन लोगों का अभी तक आभा कार्ड नहीं बन सका है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। प्रशासन ने ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उनका कार्ड बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा है। अब आशा कार्यकर्ता सीधे आपके घर तक पहुँचकर आभा और आयुष्मान कार्ड बनाने में सहयोग करेंगी। अभियान को तेजी देने के लिए सरकार की ओर से प्रत्येक आयुष्मान कार्ड बनाने पर आशा कार्यकर्ताओं को 15 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जिससे शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को इस योजना से जोड़ा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, भोजपुर जिले में अब तक लगभग 17 लाख लोगों का आभा कार्ड बनाया जा चुका है, जबकि 10 लाख 90 हजार से अधिक लोग आयुष्मान कार्ड से आच्छादित हो चुके हैं। अब बचे हुए लोगों को जोड़ने के लिए ‘भव्या पोर्टल’ का सहारा लिया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में मरीज के निबंधन से लेकर जांच, डॉक्टर की सलाह और दवाओं की रिपोर्ट भव्या पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज होगी। इससे भविष्य में किसी भी अस्पताल में इलाज कराने पर डॉक्टर एक क्लिक में मरीज की पुरानी बीमारी और दवाओं की पूरी हिस्ट्री देख सकेंगे।
आभा आईडी बनाने के इस अभियान को केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रखकर जिला प्रशासन ने इसे जन-अभियान का रूप दे दिया है। इसके लिए आधा दर्जन से अधिक विभागों को स्पष्ट लक्ष्य सौंपे गए हैं। शिक्षा विभाग सरकारी व निजी स्कूलों के शिक्षकों और विद्यार्थियों की आभा आईडी बनाएगा। वहीं, जन वितरण प्रणाली (PDS) की सभी राशन दुकानों को ‘क्रिएशन प्वाइंट’ बनाया गया है, जहाँ राशन उठाने आने वाले हर लाभार्थी का कार्ड बनेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सरकार भवनों में कार्यपालक सहायक लोगों का निबंधन करेंगे।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक इस योजना का लाभ पहुँचाने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। जिला कल्याण विभाग के विकास मित्र महादलित टोलों में घर-घर जाकर आभा आईडी का निर्माण करेंगे। इसके अतिरिक्त, जीविका दीदियों को अपने समूह की सभी महिलाओं और उनके परिजनों को जोड़ने का जिम्मा दिया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर टेक होम राशन (THR) वितरण के दिन धात्री माताओं और बच्चों के अभिभावकों का कार्ड बनाया जाएगा। इस व्यापक कार्य में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों को जिला क्रियान्वयन इकाई द्वारा विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जिला स्तरीय को-ऑर्डिनेशन मीटिंग में जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त ने इन सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में नगर आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और स्टेट PMU-ABDM की टीम मौजूद रही। उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड प्रणाली आम जनता के लिए वरदान साबित होगी, इसलिए सभी विभाग आपस में बेहतर तालमेल बनाकर निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना सुनिश्चित करें।
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