मुजफ्फरपुर, 2 अक्टूबर 2026। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश ने मुजफ्फरपुर जिले की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंडक और बागमती नदियों के उफान पर आने से जिले के चार प्रखंडों की 22 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हालात की गंभीरता और अफवाहों के बाज़ार को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) कुमार गौरव ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। वे वरीय अधिकारियों के साथ सीधे प्रभावित इलाकों में कैंप कर रहे हैं और ‘ग्राउंड जीरो’ से राहत और बचाव कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

गंडक ने तोड़ा रिकॉर्ड, लेकिन स्थिति नियंत्रण में
गंडक नदी इस बार अपने सबसे उग्र रूप में है। रेवा घाट स्थित गेज स्थल पर 1 अक्टूबर की सुबह 6 बजे नदी का जलस्तर 55.60 मीटर दर्ज किया गया, जो कि 54.41 मीटर के खतरे के निशान से काफी ऊपर है। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी और तटबंधों की लगातार निगरानी के बीच दोपहर 3 बजे तक पानी घटकर 55.40 मीटर पर आ गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि युद्धस्तर पर काम कर तटबंधों को सुरक्षित कर लिया गया है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जल्द ही नदियों के जलस्तर में कमी देखने को मिलेगी।
21 हजार लोगों तक पहुँचा भोजन, उतारी गईं 62 नावें
बाढ़ से जिले के साहेबगंज (7 पंचायतें), पारू (6), गायघाट (6) और कटरा (3 पंचायतें) मुख्य रूप से प्रभावित हैं। इन इलाकों में प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए 46 सामुदायिक रसोइयां चालू करवा दी हैं। अब तक इन रसोइयों के जरिए 21,443 बाढ़ पीड़ितों को भोजन कराया जा चुका है।
पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और आवागमन बहाल रखने के लिए पूरे इलाके में 62 सरकारी नावें उतार दी गई हैं। इसके अलावा प्रशासन ने 12,425 पॉलीथिन शीट्स और 5,000 सूखा राशन के पैकेट भी बांटे हैं। मवेशियों के लिए सिर्फ कटरा क्षेत्र में 22 क्विंटल से ज्यादा पशुचारा वितरित किया गया है।
NDRF-SDRF की तैनाती और प्रशासन की ‘नो पैनिक’ अपील
आपात स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए साहेबगंज और पारू में NDRF और SDRF की एक-एक टीम मुस्तैद कर दी गई है। इसके साथ ही मेडिकल चेकअप और स्वच्छ पेयजल का इंतजाम भी किया गया है। लोगों से सीधा संवाद करते हुए DM कुमार गौरव ने सख्त अपील की है कि बाढ़ को लेकर पैनिक न हों और किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह पर ध्यान न दें। पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र 24 घंटे एक्टिव है और लोग सिर्फ प्रशासन की जारी की गई जानकारी पर ही भरोसा करें।
बाढ़ से जुड़ी किसी भी आपात सहायता के लिए इमरजेंसी नंबर:
- जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र: 0621-2212007
- राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष (पटना): 0612-2294204 / 0612-2294205
- टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1070
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