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Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में घटने लगा नदियों का जलस्तर, अब बीमारी रोकने और सड़क-फसल नुकसान के मुआवजे पर फोकस, DM ने दिए SOP निर्देश

मुजफ्फरपुर जिले में बाढ़ का पानी घटने के बाद DM कुमार गौरव ने SOP के तहत काम तेज करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य कैंप, सड़क मरम्मत और 7 दिनों में फसल नुकसान सर्वे पर फोकस है।
Ashutosh Kumar Jha Tuesday, 6 October 2026, 12:24 AM
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में घटने लगा नदियों का जलस्तर, अब बीमारी रोकने और सड़क-फसल नुकसान के मुआवजे पर फोकस, DM ने दिए SOP निर्देश
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मुजफ्फरपुर, 5 अक्टूबर 2026। नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक और बागमती नदियों में आए उफान का असर अब मुजफ्फरपुर जिले में तेजी से कम होने लगा है। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आने के बाद जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलजमाव हटने के साथ ही पुनर्वास, स्वास्थ्य सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की बहाली का काम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत जल-जनित बीमारियों की रोकथाम, सड़कों की मरम्मत और नुकसान के आकलन का कड़ा निर्देश जारी किया है।

बाढ़ का पानी उतरते ही महामारी और जल-जनित संक्रमण न फैले, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और पीएचईडी को विशेष अलर्ट पर रखा गया है। सिविल सर्जन को प्रभावित इलाकों में जलजमाव वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर, चूना के छिड़काव और फॉगिंग कराने का जिम्मा सौंपा गया है।

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इसके साथ ही डायरिया, त्वचा रोग, बुखार, लेप्टोस्पायरोसिस और सर्पदंश जैसी स्थितियों से निपटने के लिए जगह-जगह मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं। पीएचईडी विभाग सभी चापाकलों की क्लोरीन से सफाई और पेयजल की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित कर रहा है, जबकि प्रशासन ने स्थानीय लोगों से पानी उबालकर पीने की अपील की है।

पानी उतरने के साथ ही क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। ग्रामीण कार्य विभाग, पथ निर्माण विभाग और एनएचएआई के कार्यपालक अभियंताओं को बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण और मुख्य सड़कों की तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से कटरा, गायघाट, जयमल डुमरी और हुस्सेपुर जैसे अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन सुचारू बनाने के लिए त्वरित सड़क मरम्मत पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही बिजली विभाग को निर्देश दिया गया है कि आपूर्ति बहाल करने से पहले पोल, तार और ट्रांसफार्मर की सुरक्षा जांच पूरी की जाए।

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बाढ़ से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए जिला प्रशासन ने सर्वे की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे बाढ़ प्रभावित पंचायतों में फसल क्षति का विस्तृत सर्वे कराकर 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपें। वहीं अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन और अंचल अधिकारियों के माध्यम से क्षतिग्रस्त मकानों और संपत्ति का आकलन कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी प्रावधानों के अनुरूप सभी प्रभावित परिवारों को अनुग्रह अनुदान और सहायता राशि बिना किसी देरी के प्रदान की जाएगी।

मवेशियों के स्वास्थ्य और उनके चारे की व्यवस्था को लेकर पशुपालन विभाग को सक्रिय कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मवेशियों के लिए विशेष पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहाँ बीमारियों से बचाव के टीके और दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा सूखा राशन, कुट्टी-भूसा और पशु चारे का वितरण जारी रखा गया है ताकि पशुपालकों को पानी उतरने के इस संक्रमण काल में किसी अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

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उल्लेखनीय है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में नेपाल में हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया था। 30 सितंबर को रेवा घाट पर जलस्तर 55.68 मीटर दर्ज किया गया, जिसने वर्ष 2020 के 55.46 मीटर के उच्चतम रिकॉर्ड (एचएफएल) को भी पीछे छोड़ दिया था। इसके चलते जिले के साहेबगंज, पारू, कटरा और गायघाट प्रखंडों की कुल 23 पंचायतें गंभीर रूप से प्रभावित हुई थीं, जहाँ एनडीआरएफ व एसडीआरएफ टीमों और सामुदायिक रसोई के जरिए राहत कार्य संचालित किए गए थे।

अब रेवा घाट और बेनीबाद गेज स्थलों पर नदियों का पानी लगातार नीचे आ रहा है और स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। जिलाधिकारी स्वयं वरीय अधिकारियों के साथ क्षेत्रों में कैंप कर राहत कार्यों और जन-प्रतिनिधियों से मिले फीडबैक का अनुश्रवण कर रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जलस्तर घटने के अगले चरण में सड़कों की बहाली, स्वास्थ्य रक्षा और मुआवजा वितरण का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाए ताकि जनजीवन पूरी तरह पटरी पर लौट सके।

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Ashutosh Kumar Jha

Ashutosh Kumar Jha Admin

Ashutosh Kumar Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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