मुजफ्फरपुर, 8 अक्टूबर 2026। बिहार विधान परिषद के आगामी तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन-2026 को लेकर मुजफ्फरपुर सहित चारों जिलों (मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली) में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव को हर हाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त (कमिश्नर) सह-निर्वाची पदाधिकारी श्री गिरिवर दयाल सिंह ने प्रशासन की नकेल कस दी है। उनका सख्त फरमान है कि चुनाव में किसी भी स्तर पर आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन या धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गड़बड़ी करने वालों पर सीधा एक्शन होगा।
गुरुवार को प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रमंडल स्तर पर सक्रिय 11 विभिन्न कोषांगों (सेल्स) के वरीय नोडल पदाधिकारियों के साथ एक मैराथन समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि मतदान प्रक्रिया की शुद्धता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों को ‘चुनाव का गुर’ सिखाते हुए आयुक्त ने एक बेहद अहम बात कही—”अधिकारियों को सिर्फ अपने काम में पारदर्शी रहना ही नहीं है, बल्कि जनता की नजरों में उन्हें पारदर्शी दिखना भी चाहिए।”
चुनावी गड़बड़ियों, खासकर धन-बल के इस्तेमाल और मतदाताओं को डराने-धमकाने की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाले सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 84 फ्लाइंग स्क्वॉड (Flying Squads) तैनात किए गए हैं (प्रति विधानसभा 3 स्क्वॉड)। ये विशेष दस्ते चुनाव की तारीख की घोषणा के दिन से ही एक्टिव हैं और मतदान खत्म होने तक 24 घंटे काम करेंगे। अवैध शराब, हथियार, भारी मात्रा में नकदी बांटने या मतदाताओं को प्रलोभन देने की किसी भी गुप्त सूचना पर ये दस्ते ‘क्विक रिस्पांस’ के तहत तुरंत कार्रवाई करेंगे।
मतदान और मतगणना की तैयारियों का भी बारीकी से जायजा लिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को याद दिलाया कि 9 अक्टूबर नाम वापसी की आखिरी तारीख है, जिसके बाद 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी। इसके बाद 27 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर के एमआईटी (MIT) प्रशासनिक भवन में मतगणना (वोटों की गिनती) कराई जाएगी। एमआईटी कैंपस में ही चारों जिलों (मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, और वैशाली) की मतपेटियों (Ballot Boxes) को सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत स्ट्रॉन्ग रूम (वज्रगृह) बनाया गया है, जिसकी सुरक्षा चुनाव आयोग के सख्त प्रोटोकॉल के तहत की जाएगी।
चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों पर नजर रखने के लिए भी कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। बिना एमसीएमसी (MCMC) की पूर्व अनुमति के कोई भी उम्मीदवार अपने प्रचार के लिए ऑडियो-वीडियो या पोस्टर का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। साथ ही, सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली फेक न्यूज, भ्रामक प्रचार या भड़काऊ पोस्ट पर प्रशासन की पैनी नजर है। ऐसी किसी भी हरकत पर आईटी एक्ट (IT Act-2000) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार पूरे क्षेत्र में धारा-163 (बीएनएसएस) के तहत निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) लागू है। आम मतदाता किसी भी तरह की शिकायत, धांधली की सूचना या चुनाव से जुड़ी जानकारी के लिए प्रमंडल स्तरीय कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0621-2213962 या जिले के टॉल-फ्री नंबर 1950 पर कॉल कर सकते हैं। शिकायत मिलने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
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