Darbhanga में दबंगई: कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश, पीड़िता ने थाने में लगाई गुहार
दरभंगा के महुवार गांव में दबंगों ने कानून को ताक पर रखकर एक महिला की पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है। विरोध करने पर पूरे परिवार को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई, लेकिन पुलिस ने इस मामले में क्या बड़ा एक्शन लिया है?
दरभंगा | 12 मार्च 2026: बिहार के ग्रामीण इलाकों में भूमि विवाद और दबंगई के मामले लगातार कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद भू-माफिया और दबंग लोग कानून को अपने हाथ में लेने से बिल्कुल भी नहीं हिचक रहे हैं।
ताजा और सनसनीखेज मामला Darbhanga जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां महुवार गांव में एक पीड़ित महिला की पुश्तैनी जमीन पर दिनदहाड़े जबरन और अवैध कब्जा करने की गंभीर कोशिश की गई है।
पीड़ित महिला ने अब न्याय पाने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। उसने घनश्यामपुर थाने में गांव के ही कुछ दबंगों के खिलाफ नामजद लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की गुहार लगाई है।
पुलिस को दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, महुवार गांव की रहने वाली रंजू देवी का अपनी पुश्तैनी जमीन को लेकर एक पुराना विवाद चल रहा है। यह विवादित जमीन गांव के ही एक महत्वपूर्ण हिस्से में स्थित है।
रंजू देवी ने पुलिस को बताया है कि इस पुश्तैनी जमीन का मालिकाना हक तय करने के लिए पहले से ही कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। वर्तमान में यह पूरा मामला बिरौल स्थित सक्षम न्यायालय (Court) में विचाराधीन (Sub-judice) है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत, जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक किसी भी पक्ष को विवादित जमीन की स्थिति बदलने या उस पर कब्जा करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं होता है। लेकिन दबंगों ने अदालत के इस नियम को ताक पर रख दिया।
न्यायालय के सम्मान और कानून की परवाह किए बिना, गांव के ही कुछ लोगों ने एक संगठित साजिश के तहत इस जमीन को हड़पने का प्रयास किया। यह घटना 23 फरवरी 2025 की बताई जा रही है, जब आरोपित पूरे दल-बल के साथ विवादित स्थल पर पहुंच गए।
पीड़िता रंजू देवी के अनुसार, आरोपितों ने जबरन उस जमीन पर ट्रैक्टर चलवाकर जोताई शुरू कर दी। उनका मुख्य मकसद रातों-रात जमीन की जोताई कर वहां अपनी स्थायी घेराबंदी (Fencing) स्थापित करना था, ताकि वे अदालत के फैसले से पहले ही जमीन पर अपना भौतिक कब्जा साबित कर सकें।
इस अवैध कब्जे की कोशिश में शामिल मुख्य आरोपितों के नाम पीड़िता ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से दर्ज कराए हैं:
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देवानंद झा: गांव का ही निवासी, जिसे इस पूरे विवाद में मुख्य रूप से शामिल बताया गया है।
शंभू झा: अवैध कब्जे की इस साजिश और घटनास्थल पर दबंगई में शामिल दूसरा आरोपित।
दिलीप झा: जमीन की जबरन घेराबंदी और जोताई के दौरान वहां मौजूद रहकर पीड़ित परिवार को डराने वाला आरोपित।
विरोध करने पर मिली जान से मारने की खौफनाक धमकी
जब पीड़िता रंजू देवी और उनके परिवार के सदस्यों को इस अवैध कब्जे की भनक लगी, तो वे तुरंत अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोपितों की इस गैर-कानूनी हरकत का कड़ा विरोध किया और उन्हें अदालत के लंबित मामले की याद दिलाई।
लेकिन दबंगई पर उतारू आरोपितों ने उनकी एक नहीं सुनी। विरोध करने पर आरोपितों का रवैया और ज्यादा उग्र हो गया और उन्होंने बीच सड़क पर महिला के साथ भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया।
पीड़िता का गंभीर आरोप है कि आरोपितों ने उन्हें सरेआम जान से मारने की खौफनाक धमकियां दीं। साथ ही यह भी धमकी दी गई कि अगर उन्होंने जमीन पर अपना दावा नहीं छोड़ा, तो पूरे परिवार को किसी झूठे और संगीन आपराधिक मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाएगा।
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पुलिस ने शुरू की मामले की सघन जांच
इस घटना के बाद से पीड़िता और उसका पूरा परिवार भारी दहशत के साये में जीने को मजबूर है। खौफजदा रंजू देवी ने किसी तरह घनश्यामपुर थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई।
अपने आवेदन में महिला ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि वह तुरंत इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अवैध कब्जे की इस कार्रवाई को रुकवाए। इसके साथ ही, दबंगों की धमकियों को देखते हुए पीड़ित परिवार को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की गई है।
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इस पूरे मामले पर घनश्यामपुर के थानाध्यक्ष (SHO) आलोक कुमार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित महिला रंजू देवी का लिखित आवेदन थाने को प्राप्त हो चुका है।
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थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने इस संवेदनशील भूमि विवाद की तकनीकी और जमीनी जांच शुरू कर दी है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत बिल्कुल नहीं देगी।
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