दरभंगा, 18 सितंबर 2026। जिले में नशीले पदार्थों की बिक्री और आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। दरभंगा NCORD समिति की बैठक में शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 500 मीटर की परिधि को ड्रग फ्री क्षेत्र के रूप में सख्ती से लागू करने के साथ दवा दुकानों, ड्रग हॉटस्पॉट, होटल-लॉज, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय NCORD समिति की बैठक में नशा उन्मूलन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, मद्यनिषेध और औषधि विभाग के अधिकारी शामिल हुए। कुछ सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास 500 मीटर का क्षेत्र होगा ड्रग फ्री
बैठक में जिलाधिकारी ने शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग फ्री क्षेत्र के रूप में सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य स्कूल-कॉलेजों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री और उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगाना है।

इसके लिए संबंधित विभागों को केवल कार्रवाई के बाद रिपोर्ट तैयार करने के बजाय लगातार निगरानी रखने और स्थानीय स्तर पर सूचना जुटाने पर भी जोर दिया गया। 500 मीटर ड्रग फ्री जोन का प्रावधान राष्ट्रीय स्तर के NCORD तंत्र से जुड़े निर्देशों में भी शामिल है।
इन इलाकों पर रहेगी लगातार नजर
वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले के पहले से चिन्हित ड्रग हॉटस्पॉट पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। इसमें नगर थाना, विश्वविद्यालय थाना, सदर, बहेड़ा, लहेरियासराय, बहादुरपुर, कोतवाली, बिशनपुर और बिरौल क्षेत्र शामिल हैं।
संबंधित थानाध्यक्षों को इन क्षेत्रों में लगातार छापेमारी करने को कहा गया है, ताकि नशीले पदार्थों की बिक्री और आपूर्ति से जुड़ी गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
होटल, लॉज और रेलवे स्टेशन भी निगरानी के दायरे में
ड्रग्स की आपूर्ति रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी का दायरा संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों तक बढ़ाने का फैसला किया है। होटल और लॉज, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख स्थानों और एनएच किनारे स्थित होटलों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका मकसद ऐसे स्थानों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाना और जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसियों के साथ कार्रवाई करना है।
दवा दुकानों की होगी औचक जांच
जिलाधिकारी ने सहायक औषधि नियंत्रक और सभी औषधि निरीक्षकों को लगातार निरीक्षण करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर दवा दुकानों की औचक जांच करने और नशीली टैबलेट, कफ सिरप सहित अन्य नशीले पदार्थों से संबंधित जानकारी जुटाने को कहा गया।
आम लोगों और अनुज्ञप्ति प्राप्त दवा दुकानों से भी सूचना एकत्र करने पर जोर दिया गया है। किसी सूचना के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया।
पुलिस, मद्यनिषेध और GST अधिकारियों के साथ होगी संयुक्त कार्रवाई
बैठक में औषधि निरीक्षकों को आवश्यकता के अनुसार मद्यनिषेध विभाग और पुलिस के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी करने को कहा गया। इसके अलावा GST अधिकारियों के साथ संयुक्त जांच और छापेमारी कराने का भी निर्देश दिया गया।
इससे नशे से जुड़ी गतिविधियों की जांच में अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर साफ दिखाई देता है। जिला स्तरीय NCORD व्यवस्था का उद्देश्य भी विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए नशीले पदार्थों की आपूर्ति और खपत पर नियंत्रण मजबूत करना है।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी, सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
Disclaimer – यह खबर प्रशासनिक बैठक में दिए गए निर्देशों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। किसी व्यक्ति, दुकान या प्रतिष्ठान के विरुद्ध कार्रवाई से संबंधित अंतिम तथ्य जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर निर्धारित होंगे।
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