मधुबनी, 18 सितंबर 2026। भूमिहीन परिवारों को वासगीत या बंदोबस्त पर्चा मिलने की सूचना के बाद शुक्रवार को मधुबनी समाहरणालय परिसर में अचानक 300 से 400 महिलाओं की भीड़ जुट गई। प्रशासन के अनुसार महिलाओं के बीच ऐसी सूचना पहुंची थी कि जिलाधिकारी समाहरणालय में भूमिहीन परिवारों को पर्चा वितरित करेंगे। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित किया और मामले में कार्रवाई शुरू कर दी।
समाहरणालय परिसर में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने से कुछ समय के लिए प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ आवागमन और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की स्थिति बनी। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए अनधिकृत रूप से भीड़ जुटाने और गलत अथवा भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सात नामजद, अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी
मामले में नगर थाना में सात नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। नामजद लोगों में बाबूबरही के चिंटू कुमार, झंझारपुर के मोहन कुमार, खुरौना के मोहम्मद एजाज, बेनीपट्टी के सेतु कुमार, बासोपट्टी के छेदू साफी, पंडौल के मिथिलेश और हरलाखी के राकेश कुमार शामिल हैं।
प्रशासन के अनुसार समाहरणालय पहुंची कुछ महिलाओं से पूछताछ के दौरान इन लोगों के नाम सामने आए। इसके बाद मामले की जांच के आधार पर प्राथमिकी की कार्रवाई की गई। आरोप है कि महिलाओं के बीच भ्रामक सूचना और अफवाह फैलाकर उन्हें समाहरणालय पहुंचने के लिए प्रेरित किया गया।
फिलहाल प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले में आरोपों की जांच कर रही है। किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
क्या है अभियान बसेरा में पर्चा मिलने की प्रक्रिया?
प्रशासन ने साफ किया है कि अभियान बसेरा के तहत वासगीत पर्चा अथवा बंदोबस्त पर्चा हासिल करने के लिए आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय में जमा करना होता है। आवेदन मिलने के बाद उसकी जांच की जाती है और नियमानुसार पात्र एवं योग्य पाए जाने वाले लाभुकों को संबंधित अंचल स्तर से ही पर्चा उपलब्ध कराया जाता है।
यानी इसके लिए भूमिहीन परिवारों को समाहरणालय पहुंचकर सामूहिक रूप से पर्चा लेने की कोई निर्धारित प्रक्रिया नहीं है। प्रशासन ने लोगों से सरकारी योजनाओं और लाभ से जुड़ी किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले संबंधित कार्यालय से उसकी पुष्टि करने की अपील की है।
सूचना फैलते ही अलग-अलग गांवों से पहुंची महिलाएं
शुक्रवार को अलग-अलग क्षेत्रों और गांवों से महिलाएं समाहरणालय परिसर पहुंचीं। अधिकारियों ने जब भीड़ से इसकी वजह जानने की कोशिश की तो कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि जिलाधिकारी भूमिहीन परिवारों को पर्चा देने वाले हैं।
कम समय में महिलाओं की संख्या बढ़कर सैकड़ों में पहुंच गई। इससे प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और समाहरणालय परिसर में सामान्य व्यवस्था बहाल करने की कार्रवाई की।
अनधिकृत जमावड़े पर प्रशासन ने जताई सख्ती
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यालय परिसर की गरिमा और प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन को प्रभावित करने वाला अनधिकृत जमावड़ा स्वीकार्य नहीं है। बिना सक्षम अनुमति के धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी या बड़ी संख्या में लोगों को सरकारी कार्यालय परिसर में जुटाना विधि-व्यवस्था की स्थिति पैदा कर सकता है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपनी शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए निर्धारित प्रशासनिक एवं कानूनी माध्यमों का इस्तेमाल करें। साथ ही सरकारी योजनाओं से जुड़ी किसी भी सूचना को आगे बढ़ाने से पहले उसकी पुष्टि संबंधित अंचल कार्यालय या सक्षम प्रशासनिक अधिकारी से करने को कहा गया है।
Disclaimer – प्राथमिकी में नामजद किए गए लोगों पर लगाए गए आरोप अभी जांच के विषय हैं। केवल FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति को दोषी सिद्ध नहीं करता। मामले में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
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