Jammu Kashmir Rajya Sabha Election 2025: Special Report
भाग 1: निर्णायक जीत और तात्कालिक राजनीतिक भूकंप
370 के बाद की पहली बड़ी प्रतीकात्मक जीत
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हालिया राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने एक नया और निर्णायक अध्याय लिख दिया है। लंबे इंतजार के बाद केंद्र शासित प्रदेश की चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव संपन्न हुए, जिसने क्षेत्र की उभरती हुई राजनीतिक गतिशीलता को स्पष्ट कर दिया है। इन चार सीटों में से भले ही नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने तीन सीटों पर जीत दर्ज करके अपना प्रभुत्व बनाए रखा, लेकिन चौथी सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार और प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा की जीत ने पूरे राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा भूचाल ला दिया है।
यह जीत महज़ एक सीट हासिल करने तक सीमित नहीं है। इसका महत्व इस तथ्य में निहित है कि यह अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद और 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद गठित नई विधानसभा द्वारा आयोजित किया गया पहला उच्च सदन चुनाव था। यह परिणाम भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक प्रमाण के रूप में सामने आया है, जो दर्शाता है कि पार्टी केंद्र शासित प्रदेश में अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रही है। यह चुनाव, जो जम्मू-कश्मीर के लिए उच्च सदन में प्रतिनिधित्व की बहाली का प्रतीक था, अब विपक्षी एकता के भीतर मौजूद दरारों को उजागर करने का माध्यम बन गया है।
चुनाव परिणाम की घोषणा और सत शर्मा का प्रोफाइल
जम्मू-कश्मीर की चार सीटों के लिए हुए मतदान में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार चौधरी मोहम्मद रमजान ने 58 वोट, सज्जाद किचलू ने 56 वोट और गुरविंदर सिंह ओबेरॉय उर्फ शम्मी ओबेरॉय ने 31 वोट हासिल कर तीन सीटों पर निर्णायक जीत दर्ज की। हालाँकि, चौथी सीट के लिए मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहाँ भाजपा के दिग्गज नेता सत शर्मा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार इमरान नबी डार को पराजित किया।
सत शर्मा 32 वोट पाकर चौथे और अंतिम विजेता बने, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी इमरान नबी डार को केवल 21 वोट ही मिल पाए। यह जीत शर्मा के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। वह जम्मू-कश्मीर भाजपा इकाई के एक अनुभवी और कद्दावर नेता हैं, जिन्होंने 2014 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी और कुछ समय के लिए आवास एवं विकास मंत्री के रूप में भी कार्य किया था। वर्तमान में वह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व करते हैं।