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Navratri 2026: दोनों पति-पत्नी नौकरी करते हैं तो कैसे करें कलश स्थापना? जानें जरूरी बातें

दिनभर ऑफिस में रहने के कारण नवरात्रि की पूजा को लेकर परेशान हैं? जानें सुबह-शाम पूजा की योजना, अखंड ज्योति की सुरक्षा और व्रत से जुड़े जरूरी पहलू।
Ravi Prakash Jha Friday, 9 October 2026, 10:10 AM
Navratri 2026: दोनों पति-पत्नी नौकरी करते हैं तो कैसे करें कलश स्थापना? जानें जरूरी बातें
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धर्म डेस्क। शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना के लिए घरों में कलश स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है। लेकिन जिन घरों में पति-पत्नी दोनों नौकरी करते हैं या परिवार के सदस्य दिनभर काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं, उनके मन में सवाल रहता है कि घर बंद रहने पर पूजा कैसे होगी और रोज सुबह-शाम का नियम कैसे निभाया जाए। ऐसे में पूजा की तैयारी, समय का सही बंटवारा और अग्नि सुरक्षा जैसी बातों का ध्यान रखकर नवरात्रि की पूजा की जा सकती है।

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की घटस्थापना 11 अक्टूबर 2026 को होगी। कलश स्थापना पहले दिन निर्धारित शुभ मुहूर्त में की जाती है। इसके बाद नौ दिनों तक नियमित पूजा अपनी दिनचर्या और उपलब्ध समय के अनुसार की जा सकती है। नौकरी या दिनभर घर से बाहर रहने की मजबूरी को पूजा छोड़ने का कारण मानने के बजाय अपनी परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्था बनाना उपयोगी हो सकता है।

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सुबह ऑफिस जाने से पहले कैसे करें पूजा?

जिन लोगों को सुबह जल्दी कार्यालय निकलना होता है, वे पूजा की जरूरी सामग्री रात में ही एक जगह रख सकते हैं। इससे सुबह तैयारी में लगने वाला समय बचेगा। स्नान के बाद कुछ समय शांत मन से कलश पूजन, देवी को भोग अर्पित करने और प्रार्थना के लिए निकाला जा सकता है। शाम को घर लौटने के बाद हाथ-मुंह धोकर आरती की जा सकती है।

यदि पति-पत्नी दोनों नौकरी करते हैं, तो पूजा की जिम्मेदारी आपस में बांटना भी एक व्यावहारिक विकल्प है। एक व्यक्ति सुबह पूजा कर सकता है और दूसरा शाम को आरती कर सकता है। इससे व्यस्त दिनचर्या के बीच भी नियमित उपासना के लिए समय निकालना आसान हो सकता है।

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क्या कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति जलाना जरूरी है?

कलश स्थापना और अखंड ज्योति दो अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान हैं। सामान्य घटस्थापना के साथ अखंड ज्योति जलाना अनिवार्य नहीं माना जाता। इसलिए जो लोग दिनभर घर से बाहर रहते हैं, उन्हें अपनी सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही ज्योति जलाने का संकल्प लेना चाहिए।

घर में कोई मौजूद न हो तो जलता हुआ दीपक या अखंड ज्योति छोड़कर बाहर जाना आग लगने का जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में सुरक्षा को प्राथमिकता दें। पूजा के समय अपनी निगरानी में दीपक जलाना अधिक सुरक्षित विकल्प है। धार्मिक अनुष्ठान करते समय घर की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखना जरूरी है।

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बदलती शिफ्ट में पूजा का समय कैसे तय करें?

कई नौकरीपेशा लोगों की ड्यूटी का समय रोज एक जैसा नहीं होता। किसी दिन सुबह की शिफ्ट होती है, तो किसी दिन शाम या रात की। ऐसी स्थिति में अपनी उपलब्धता के अनुसार पूजा का समय तय किया जा सकता है। सुबह समय मिलने पर ड्यूटी से पहले और शाम को समय मिलने पर काम से लौटने के बाद प्रार्थना की जा सकती है।

यदि किसी दिन समय कम हो, तो लंबी पूजा या पाठ के बजाय अपनी श्रद्धा के अनुसार दुर्गा चालीसा, संक्षिप्त प्रार्थना या देवी के नाम का स्मरण किया जा सकता है। पूजा की दिनचर्या ऐसी रखना बेहतर है जिसे व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों के साथ नियमित रूप से निभा सके।

व्रत नहीं रख सकते तो क्या कलश स्थापना कर सकते हैं?

व्रत रखना और कलश स्थापना करना अलग-अलग धार्मिक अभ्यास हैं। स्वास्थ्य, दवा, काम या दूसरी व्यावहारिक मजबूरियों के कारण व्रत नहीं रख पाने वाले लोग भी अपनी आस्था के अनुसार कलश स्थापना और पूजा कर सकते हैं। भोजन और व्रत से जुड़े नियम अपनी स्वास्थ्य स्थिति तथा पारिवारिक-धार्मिक परंपराओं के अनुसार तय करना उचित है।

नवरात्रि में पूजा का संकल्प लेते समय अपनी दिनचर्या, उपलब्ध समय और क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए। नौकरीपेशा परिवारों के लिए पहले से तैयारी करना, सुबह-शाम की जिम्मेदारी बांटना और सुरक्षा का ध्यान रखना पूजा को सहज बनाने में मदद कर सकता है।

पूजा की तैयारी में इन बातों का रखें ध्यान

  • घटस्थापना के पहले दिन के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त देख लें।
  • पूजा सामग्री रात में ही व्यवस्थित कर लें, ताकि सुबह जल्दबाजी न हो।
  • घर खाली रहने पर जलती हुई ज्योति को बिना निगरानी न छोड़ें।
  • बदलती ड्यूटी के अनुसार पूजा का व्यावहारिक समय तय करें।
  • व्रत या खानपान के नियम अपनी सेहत और क्षमता के अनुसार अपनाएं।

नवरात्रि में नियमित पूजा की योजना बनाते समय धार्मिक परंपराओं के साथ सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। घटस्थापना के मुहूर्त और विधि को लेकर अपने स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय धार्मिक जानकार से पुष्टि कर सकते हैं।

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Ravi Prakash Jha Editor

Ravi Prakash Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो राजनीति, सरकारी नीतियों, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वे तथ्य-आधारित पत्रकारिता और विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि के बाद समाचार प्रकाशित करने के लिए जाने जाते हैं।समसामयिक घटनाओं की गहरी समझ के साथ Ravi Prakash Jha महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और क्षेत्रीय विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, जिनका उद्देश्य पाठकों तक स्पष्ट, सटीक और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हुए हैं और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सार्वजनिक नीति, सामाजिक बदलाव और डिजिटल ट्रेंड्स से संबंधित विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग करते हैं।

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