Purnia जिले से एक बेहद खौफनाक मामला प्रकाश में आया है, जहां एक नाबालिग छात्रा के सपनों को उसी के प्रेमी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर बेरहमी से रौंद डाला। दरिंदों ने पहले मक्के के खेत में शराब की पार्टी की और फिर साज़िश के तहत लड़की को वहां बुलाकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया।
अपराध यहीं खत्म नहीं हुआ। जब पीड़िता ने इस हैवानियत की शिकायत अपने परिजनों से करने की बात कही, तो आरोपियों ने निर्ममता से उसकी हत्या कर दी। खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए इन दरिंदों ने शव को फंदे से लटकाकर इसे आत्महत्या का रूप देने की खौफनाक कोशिश भी की।
इस घटना ने Purnia के स्थानीय प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब मुख्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गया।
यह रूह कंपा देने वाली घटना अमौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बकेनिया गांव की है। मृतका की उम्र महज 16 वर्ष थी और वह आठवीं कक्षा की होनहार छात्रा थी।
परिजनों के अनुसार, घर में होली के त्योहार की जोर-शोर से तैयारियां चल रही थीं। बेटी भी त्योहार को लेकर काफी उत्साहित थी और उसने घर के लिए जरूरी राशन और सामान की पूरी सूची भी लिखवाई थी।
लेकिन किसे पता था कि यह खुशियां चंद घंटों की ही मेहमान हैं। इसी बीच वह किसी जरूरी काम का बहाना बनाकर घर से बाहर निकली, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटी।
जब वह देर रात तक घर नहीं आई, तो परिवार वालों की चिंता बढ़ने लगी। परिजनों ने तुरंत उसकी सहेलियों और आसपास के सभी गांवों में उसकी तलाश शुरू कर दी। पिछले दो दिनों से पूरा परिवार दर-दर भटक रहा था, लेकिन लड़की का कहीं कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
कॉल डिटेल्स (Call Details) ने खोला हैवानियत का राज
थक-हारकर जब परिजनों को कोई रास्ता नहीं सूझा, तो उन्होंने अपनी बेटी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स निकलवाने का फैसला किया। इसी एक कदम से इस पूरी खौफनाक वारदात के राज से पर्दा उठना शुरू हो गया।
कॉल डिटेल्स की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि लापता होने से ठीक पहले उसकी आखिरी बार बात उसके ही सहपाठी और प्रेमी करण विश्वास से हुई थी। शक की सूई सीधे करण की ओर घूम गई।
इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों और मृतका के परिजनों ने करण को पकड़ लिया और उस पर सच उगलने का दबाव बनाया। जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो आरोपी करण ने जो खौफनाक सच बताया, उसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स के पैरों तले जमीन खिसक गई।
मक्के के खेत में शराब पार्टी और दरिंदगी की खौफनाक साजिश
मुख्य आरोपी करण विश्वास ने ग्रामीणों के सामने अपना गुनाह कुबूल करते हुए पूरी साजिश का खुलासा किया। उसने बताया कि उसने अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव के ही एक मक्के के खेत में शराब की पार्टी रखी थी।
पार्टी के दौरान ही उसने धोखे से अपनी प्रेमिका को उस सुनसान खेत में बुला लिया। लड़की के वहां पहुंचते ही शराब के नशे में धुत उसके दोस्तों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
- शराब के नशे में धुत दरिंदों ने नाबालिग के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।
- जब पीड़िता ने इस दरिंदगी की बात अपने परिवार को बताने की धमकी दी, तो आरोपियों के मन में खौफ पैदा हो गया।
- अपने जुर्म को छिपाने के लिए सभी ने मिलकर लड़की के ही दुपट्टे से उसका गला घोंटकर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।
- इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को पास की ही बांस की झाड़ी में लटका दिया, ताकि यह आत्महत्या का मामला लगे।
पुलिस की भारी लापरवाही और मुख्य आरोपी का शर्मनाक ‘एस्केप’
करण का खौफनाक कुबूलनामा सुनने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने तुरंत मुख्य आरोपी को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और स्थानीय पुलिस को इस जघन्य हत्याकांड की सूचना दी।
सूचना मिलते ही Purnia पुलिस की टीम दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत बांस की झाड़ी से लटकते शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लेकिन इसी बीच एक ऐसी अविश्वसनीय और शर्मनाक घटना घटी, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। जिस कमरे में ग्रामीणों ने मुख्य आरोपी करण को बंद किया था, वह पुलिस की मौजूदगी के बावजूद सीढ़ी के सहारे वहां से भाग निकलने में कामयाब हो गया।
ग्रामीणों का कड़ा आरोप है कि इतनी भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में एक हत्यारे का इस तरह चकमा देकर फरार हो जाना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
गांव में भारी तनाव, विशेष टीमों का गठन
हालांकि, फरार होने से पहले मुख्य आरोपी करण ने इस घिनौने अपराध में शामिल अपने सभी दरिंदे साथियों के नाम उगल दिए थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद नाबालिग का शव उसके बिलखते परिजनों को सौंप दिया है।
इस घटना के बाद से बकेनिया गांव समेत पूरे इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। वारदात को अंजाम देने वाले सभी नामजद आरोपी फिलहाल अपने घरों से फरार बताए जा रहे हैं।
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Purnia पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीमों (SIT) का गठन कर दिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
हमारा निष्कर्ष
अमौर थाना क्षेत्र में घटी यह घटना समाज के गिरते नैतिक मूल्यों और कानून के प्रति खत्म होते खौफ का एक बेहद डरावना उदाहरण है। एक नाबालिग के साथ ऐसा जघन्य अपराध और फिर पुलिस की कस्टडी (या मौजूदगी) से मुख्य आरोपी का फरार हो जाना, सीधे तौर पर सिस्टम की भारी विफलता को उजागर करता है। जब रक्षक ही इतने लापरवाह हों, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे?
‘Khabar Aangan’ पुलिस प्रशासन से यह सख्त मांग करता है कि फरार आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मियों पर भी विभागीय कार्रवाई हो। अपराधियों को स्पीडी ट्रायल के जरिए सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई Purnia की बेटियों की तरफ आंख उठाने की जुर्रत न कर सके।
Disclaimer: यह खबर स्थानीय ग्रामीणों के बयानों, पुलिस की प्रारंभिक जांच और घटनास्थल के प्रत्यक्ष विवरण पर आधारित है। ‘Khabar Aangan’ न्यूज़ डेस्क इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करता है और पीड़िता के परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील करता है।