हैदराबाद, 22 अगस्त 2026: तेलंगाना के यादाद्रि भुवनगिरी जिले में शुक्रवार रात एक फार्मास्युटिकल यूनिट में रिएक्टर फटने से बड़ा हादसा हो गया। धमाके के बाद यूनिट में आग लग गई, जिसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हुए। पुलिस के मुताबिक, घटना पोचमपल्ली मंडल की एक फार्मा यूनिट में उस समय हुई, जब कर्मचारियों की शिफ्ट बदल रही थी। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
शिफ्ट बदलते समय अचानक हुआ रिएक्टर ब्लास्ट
तेलंगाना फार्मा यूनिट ब्लास्ट की यह घटना शुक्रवार देर रात पोचमपल्ली मंडल के डोटिगुडेम गांव के पास स्थित औद्योगिक इकाई में हुई। पुलिस के अनुसार, रिएक्टर में विस्फोट के बाद तेज आग और धुआं फैल गया। आसपास मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए यूनिट से बाहर निकल आए। दमकल विभाग को सूचना मिलते ही टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आग रात करीब 10:10 बजे लगी और दमकल कर्मियों ने लगभग 20 मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया। मौके पर करीब 12 कर्मचारी मौजूद थे। घटना के बाद पुलिस और राहत टीमों ने पूरे परिसर की जांच की तथा घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। हालांकि रिएक्टर में विस्फोट की वास्तविक तकनीकी वजह अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है।
दो कर्मचारियों की मौत, नौ घायल
पुलिस के अनुसार, इस तेलंगाना फार्मा यूनिट ब्लास्ट में दो कर्मचारियों की जान चली गई, जबकि नौ अन्य घायल हुए हैं। घायलों में दो लोगों को 50 प्रतिशत से ज्यादा जलने की चोटें आई हैं, जबकि सात लोगों को अपेक्षाकृत मामूली चोटें बताई गई हैं। सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारियों का इलाज चल रहा है।
हादसे के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन विस्फोट की तीव्रता से यूनिट में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच काफी दहशत फैल गई। पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रिएक्टर में आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे अचानक विस्फोट हुआ और आग भड़क गई।
क्या पहली बार हुआ है ऐसा हादसा?
इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ाई है क्योंकि इसी यूनिट में इससे पहले भी एक कर्मचारी की मौत की घटना सामने आ चुकी है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, जुलाई में भी इस फार्मा यूनिट में एक कर्मचारी की मौत हुई थी। लगातार दूसरी घटना सामने आने के बाद अब जांच सिर्फ शुक्रवार रात हुए विस्फोट तक सीमित नहीं रहने की संभावना है, बल्कि यूनिट में सुरक्षा व्यवस्था और पहले हुए हादसे की परिस्थितियों को भी देखा जा सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह पुष्टि नहीं हुई है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं। इसलिए किसी तरह की लापरवाही या सुरक्षा चूक को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा। पुलिस की जांच और संबंधित विभागों की रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि यूनिट में सुरक्षा मानकों का पालन किस तरह किया जा रहा था और शुक्रवार रात रिएक्टर में विस्फोट की वजह क्या बनी।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
तेलंगाना फार्मा यूनिट ब्लास्ट के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अधिकारियों की ओर से विस्फोट के पीछे किसी खास तकनीकी कारण की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे औद्योगिक हादसे में रिएक्टर की स्थिति, संचालन प्रक्रिया, तापमान और दबाव जैसी परिस्थितियों के साथ-साथ सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच महत्वपूर्ण होती है। हालांकि इन पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
इस हादसे में दो कर्मचारियों की मौत और नौ लोगों के घायल होने से एक बार फिर फार्मास्युटिकल और केमिकल इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। फिलहाल सबसे अहम प्राथमिकता घायलों का इलाज और घटना की निष्पक्ष जांच है। अगर जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तभी यह तय हो सकेगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम जरूरी होंगे।
Disclaimer: यह रिपोर्ट पुलिस के शुरुआती बयान और उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। विस्फोट की वास्तविक वजह और किसी संभावित लापरवाही की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही मानी जानी चाहिए।
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