वैशाली, 18 सितंबर 2026। वैशाली महिला थाना कांड संख्या 64/25 से जुड़े एक वायरल ऑडियो की जांच के बाद महिला थानाध्यक्ष पूर्णिमा कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई कि प्राथमिकी अभियुक्त सिपाही नवलेश कुमार के भाई विमलेश कुमार का नाम केस से हटाने के बदले एक लाख रुपये मांगने की बात सामने आई। इसी आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक, वैशाली ने कार्रवाई की।
मामला उस समय सामने आया जब वायरल रिकॉर्डेड ऑडियो को जांच के लिए वैशाली एसएसपी के पास भेजा गया। इसके बाद सदर-02, लालगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को मामले की जांच सौंपी गई। जांच में उपलब्ध तथ्यों, पूछताछ और ऑडियो से जुड़े बिंदुओं की पड़ताल की गई।
22 अगस्त की रिकॉर्डिंग की हुई जांच
जांच के अनुसार संबंधित ऑडियो 22 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे से 1:30 बजे के बीच रिकॉर्ड किया गया था। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि उपलब्ध तथ्यों और पूछताछ के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि महिला थानाध्यक्ष ने प्राथमिकी अभियुक्त सिपाही नवलेश कुमार से उसके भाई विमलेश कुमार का नाम केस से हटाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की।
जांच अधिकारी ने पूर्णिमा कुमारी के आचरण को प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया।
ऑडियो की जांच के बाद हुई कार्रवाई
मामला महिला थाना कांड संख्या 64/25 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार वायरल ऑडियो को तिरहुत क्षेत्र के डीआईजी कार्यालय से 16 सितंबर को जांच के लिए वैशाली एसएसपी के पास भेजा गया था। इसके बाद पूरे मामले की विभागीय जांच कराई गई।
ताजा जांच में कार्रवाई का आधार केवल सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो होना नहीं रहा, बल्कि उसके साथ उपलब्ध तथ्यों और संबंधित लोगों से की गई पूछताछ को भी जांच में शामिल किया गया।
रीडर से रुपये के लेन-देन का आरोप पुष्ट नहीं
जांच के दौरान पुलिस कार्यालय के रीडर पर लगाए गए रुपये के लेन-देन संबंधी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। रिपोर्ट के मुताबिक इस संबंध में कोई मैनुअल या तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया और पूछताछ के दौरान भी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई।
वहीं सिपाही नवलेश कुमार ने उक्त रिकॉर्डेड ऑडियो तैयार करने की बात स्वीकार नहीं की है। पुलिस अब ऑडियो के मूल स्रोत की भी जांच कर रही है।
निलंबन के बाद मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई जारी है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
Disclaimer – महिला थानाध्यक्ष पर एक लाख रुपये मांगने का आरोप जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया सामने आने के बाद निलंबन की कार्रवाई हुई है। निलंबन या जांच रिपोर्ट अपने आप में आपराधिक दोषसिद्धि नहीं है। मामले में अंतिम स्थिति संबंधित विभागीय या न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
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