बेनीपुर से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मौजूदा विधायक विनय कुमार चौधरी ने अपनी राजनीतिक और सामाजिक छवि खराब किए जाने को लेकर एक बेहद सख्त कदम उठाया है। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक स्थानीय नेता के खिलाफ न्यायालय में आपराधिक मुकदमा दर्ज करा दिया है।
विधायक का सीधा आरोप है कि चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की एक गहरी साजिश के तहत सोशल मीडिया और यूट्यूब का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ भ्रामक और झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं।
इस पूरे कानूनी विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई, जब जेडीयू विधायक विनय कुमार चौधरी ने न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णकुमार मिश्रा के माध्यम से मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (CJM) की अदालत में यह मुकदमा संस्थित कराया है।
विधायक विनय चौधरी की ओर से दायर किए गए इस परिवाद पत्र में बेनीपुर के मौजूदा प्रखंड राजद (RJD) अध्यक्ष नीलाम्बर यादव को मुख्य और एकमात्र आरोपी बनाया गया है। उन पर विधायक की विकासात्मक छवि को जानबूझकर धूमिल करने का संगीन आरोप है।

अधिवक्ता कृष्ण कुमार मिश्रा के साथ न्यायालय से बाहर जाते विधायक विनय कुमार चौधरी
यूट्यूब चैनलों के जरिए रची गई छवि खराब करने की साजिश
अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों और परिवाद पत्र के अनुसार, राजद नेता नीलाम्बर यादव पर जनमानस में क्षेत्रीय विद्वेष और नफरत फैलाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
विधायक का दावा है कि उनके खिलाफ पूरी तरह से असत्य, बेबुनियाद, भ्रामक, आधारहीन और कलंकित करने वाली बयानबाजी की गई है। इस कुत्सित साजिश को अंजाम देने के लिए क्षेत्रीय यूट्यूब चैनलों का जमकर सहारा लिया गया है।
आरोप है कि राजद नेता ने “बेनीपुर न्यूज” (Benipur News) और “जागु मैथिल” (Jagu Maithil) नामक यूट्यूब चैनलों को दिए गए अपने साक्षात्कार (Interview) में विधायक के खिलाफ सफेद झूठ बोला और असत्य कथन प्रसारित करवाए।
इस भ्रामक प्रसारण का मुख्य उद्देश्य बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र के आम मतदाताओं के मन में अपने स्थानीय विधायक के प्रति भारी असंतोष और जनाक्रोश पैदा करना था, ताकि आगामी चुनावों में इसका सीधा राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।
लीगल नोटिस को किया नजरअंदाज, अब कोर्ट करेगी फैसला
विधायक विनय कुमार चौधरी ने अदालत को बताया है कि इन मनगढ़ंत और झूठे साक्षात्कारों से उनकी दशकों पुरानी साफ-सुथरी राजनीतिक छवि पर गहरा कुठाराघात हुआ है। इससे उन्हें भारी शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचा है।
कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए, विधायक ने सीधे कोर्ट जाने से पहले अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी राजद नेता नीलाम्बर यादव को दो बार आधिकारिक ‘लीगल नोटिस’ (Legal Notice) भी भेजा था।
इन लीगल नोटिसों में स्पष्ट रूप से मांग की गई थी कि आरोपी नेता अपने इस आपराधिक कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और यूट्यूब पर प्रसारित की गई उस असत्य और भ्रामक खबर का तुरंत खंडन (Retraction) करें।
लेकिन, आरोपी राजद नेता ने इन कानूनी नोटिसों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया और लगातार टाल-मटोल का रवैया अपनाए रखा। जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तो लाचारी और न्याय की आस में विधायक को सीजेएम कोर्ट में यह आपराधिक मुकदमा ठोंकना पड़ा।
13 मार्च को होगी इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई
न्यायालय ने विधायक के अधिवक्ता की दलीलों और परिवाद पत्र के तथ्यों को गंभीरता से सुना है। Darbhanga सीजेएम कोर्ट ने इस मामले को परिवाद पत्र संख्या 230/26 (Complaint Case No. 230/26) के तहत विधिवत रूप से पंजीकृत (Register) कर लिया है।
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मामले की संवेदनशीलता और राजनीतिक अहमियत को देखते हुए, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने इस मुकदमे में अग्रेत्तर सुनवाई (Further Hearing) के लिए 13 मार्च की तिथि निर्धारित की है। अब सबकी निगाहें 13 मार्च को होने वाली अदालती कार्यवाही पर टिकी हैं।
- मुख्य शिकायतकर्ता: जेडीयू विधायक विनय कुमार चौधरी
- मुख्य आरोपी: राजद प्रखंड अध्यक्ष नीलाम्बर यादव
- आरोप: झूठी खबर फैलाना, मानहानि और चुनाव को प्रभावित करने की साजिश।
- संबंधित माध्यम: यूट्यूब चैनल (बेनीपुर न्यूज एवं जागु मैथिल)
सोशल मीडिया का राजनीतिकरण और भ्रामक खबरें
यह मामला आज के आधुनिक राजनीतिक दौर की एक बहुत बड़ी सच्चाई और खतरे को भी उजागर करता है। चुनाव आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और क्षेत्रीय यूट्यूब चैनल्स पर बिना किसी ‘फैक्ट-चेक’ (Fact-check) के अनर्गल बयानबाजी शुरू हो जाती है।
अक्सर देखा जाता है कि राजनीतिक दल अपने विरोधियों को नीचा दिखाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग ‘प्रोपगैंडा टूल’ (Propaganda Tool) के रूप में करते हैं। बेनीपुर का यह ताजा मामला इस बात का सटीक उदाहरण है कि कैसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में डिजिटल मानहानि एक नया और खतरनाक हथियार बन गई है।
कानून के जानकारों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ इस तरह के आधारहीन आरोप लगाना आईटी एक्ट (IT Act) और मानहानि कानून (Defamation Law) के तहत गंभीर दंडनीय अपराध है। अगर राजद नेता पर अदालत में आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो उन्हें भारी कानूनी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।