स्थानीय सांसद (MP) गोपाल जी ठाकुर के नाम और उनकी तस्वीर का इस्तेमाल कर इंटरनेट मीडिया पर एक पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक पोस्ट तेजी से वायरल कर दी गई। इस पोस्ट के जरिए आम जनता को सस्ते दामों पर गैस सिलेंडर बांटने का झूठा प्रलोभन दिया गया था।
इस भ्रामक पोस्ट का मुख्य उद्देश्य गैस संकट से परेशान आम जनता को उकसाना और सांसद के निजी आवास पर भारी भीड़ जमा कर एक बड़ा हंगामा खड़ा करना था। हालांकि, पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण यह साजिश पूरी तरह से नाकाम हो गई है।
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (विशेषकर व्हाट्सएप और फेसबुक) पर वायरल की गई इस फर्जी पोस्ट को बहुत ही शातिर तरीके से डिजाइन किया गया था। पोस्ट में सांसद गोपाल जी ठाकुर की हाथ जोड़े हुए एक तस्वीर लगाई गई थी।
इस तस्वीर के ठीक बगल में गैस सिलेंडरों से लदे हुए एक बड़े ट्रक की फोटो भी जोड़ी गई थी, ताकि लोगों को यह सूचना बिल्कुल असली और प्रामाणिक लगे। पोस्ट में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया था कि 12 मार्च को सांसद के बलभद्रपुर स्थित निजी आवास पर एलपीजी गैस सिलेंडर के दो ट्रक पहुंच रहे हैं।
पोस्ट में यह भी झूठा दावा किया गया था कि सांसद महोदय द्वारा इन सिलेंडरों को आम लोगों के बीच ‘उचित मूल्य’ पर वितरित किया जाएगा। वर्तमान में जब लोग गैस के लिए परेशान हैं, तो ऐसी खबर आग की तरह फैलने लगी।
खाली सिलेंडर लेकर पहुंचने की अपील से मची अफरातफरी
इस भ्रामक पोस्ट में सबसे खतरनाक बात यह लिखी गई थी कि आम जनता अपना ‘खाली गैस सिलेंडर’ लेकर सीधे सांसद के आवास पर पहुंचे। इस अपील का सीधा मतलब था कि शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग गैस की आस में एक ही जगह पर एकत्रित हो जाएं।
गैस किल्लत के इस दौर में अगर हजारों की संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर किसी नेता के घर पहुंच जाते, तो वहां भारी अफरातफरी और भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। पुलिस का मानना है कि यह भीड़ को बेकाबू करने और प्रशासन के लिए मुसीबत खड़ी करने की एक सोची-समझी राजनीतिक या आपराधिक साजिश थी।
जैसे ही यह पोस्ट स्थानीय लोगों के मोबाइल स्क्रीन पर पहुंचने लगी, इलाके में भ्रम और बेचैनी की स्थिति पैदा हो गई। कई लोग इस खबर की सच्चाई जानने के लिए एक-दूसरे को फोन करने लगे।
लहेरियासराय पुलिस ने संभाला मोर्चा, बढ़ाई गई सुरक्षा
सांसद के नाम पर वायरल हो रही इस अफवाह की भनक जैसे ही स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग को लगी, प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। लहेरियासराय थाना की पुलिस टीम दलबल के साथ तुरंत सांसद गोपाल जी ठाकुर के बलभद्रपुर स्थित निजी आवास पर पहुंच गई।
थानाध्यक्ष (SHO) अमित कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मोर्चा संभाला। पुलिस ने आवास के आसपास बैरिकेडिंग कर दी और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को एहतियात के तौर पर काफी बढ़ा दिया।
थानाध्यक्ष अमित कुमार ने आधिकारिक रूप से बताया कि अफवाह की गंभीर जानकारी मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया था। राहत की बात यह रही कि पुलिस की मुस्तैदी और समय पर की गई कार्रवाई के कारण वहां सिलेंडर वितरण की इस झूठी खबर पर बड़ी संख्या में लोग नहीं पहुंचे।
सांसद गोपाल जी ठाकुर ने जनता को किया सचेत
इस पूरी घटना और अपने नाम के दुरुपयोग पर सांसद गोपाल जी ठाकुर ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने तुरंत अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से क्षेत्र की जनता को इस फर्जी पोस्ट के प्रति सचेत किया।
सांसद ने स्पष्ट किया कि उनके आवास पर गैस वितरण का कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है और वायरल हो रही पोस्ट पूरी तरह से फर्जी, भ्रामक और राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसी किसी भी अफवाह से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि कुछ असामाजिक लोग समाज में डर, भ्रम और अराजकता फैलाने की जानबूझकर कोशिश कर रहे हैं, जिनके खिलाफ प्रशासन को सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
साइबर थाने से लेकर लहेरियासराय थाने तक दर्ज हुई FIR
सांसद की छवि धूमिल करने और समाज में अशांति फैलाने के इस मामले को लेकर पुलिस ने अब अपना कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता कन्हाई पासवान ने इस मामले में पुलिस के समक्ष एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता ने पहले साइबर थाना में लिखित आवेदन देकर उन दो अज्ञात सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ शिकायत की थी, जहां से इस पोस्ट को सबसे पहले वायरल किया गया था। शुरुआत में साइबर थाने में इस मामले का ‘सनहा’ (Station Diary Entry) दर्ज किया गया था।
लेकिन मामले की गंभीरता और कानून-व्यवस्था से जुड़े होने के कारण, जिले के वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने कड़े निर्देश जारी किए। वरीय अधिकारियों के निर्देश के आलोक में अब लहेरियासराय थाना में इस पूरी साजिश के खिलाफ विधिवत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर यह भ्रामक पोस्ट वायरल करने वाले दो लोगों की पहचान कर ली गई है। इन दोनों आरोपितों के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) और सार्वजनिक शांति भंग करने की कई गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की सघन जांच शुरू कर दी गई है।