किशनगंज | 5 अप्रैल 2026: बिहार के सीमांचल क्षेत्र से अपराध जगत की एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आई है। किशनगंज पुलिस ने एक ऐसे शातिर और हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो देश की अहम सुरक्षा व्यवस्था से सीधे तौर पर खिलवाड़ कर रहा था।
जिले के टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र में एक साधारण सी किराना दुकान की आड़ में फर्जी आधार और अन्य अवैध दस्तावेज बनाने का एक बहुत बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था। पुलिस की एक विशेष टीम ने इस गोरखधंधे का पर्दाफाश करते हुए इसके मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है।
‘खबर आंगन’ की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क ने पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई और अपराधियों के इस खतरनाक डिजिटल जाल की पूरी जानकारी जुटाई है। आइए आपको तफ्सील से बताते हैं कि कैसे राशन के सामान के बीच यह खौफनाक साजिश रची जा रही थी।
किराना दुकान की आड़ में चल रहा था हाईटेक गोरखधंधा
स्थानीय लोगों के लिए बुलजागिर वार्ड नंबर पांच में स्थित यह दुकान महज रोजमर्रा का सामान खरीदने की एक आम जगह थी। बाहर से देखने में यह एक बिल्कुल सीधी-सादी किराने की दुकान लगती थी लेकिन अंदर एक हाईटेक साइबर लैब चल रही थी।
पुलिस की विशेष टीम ने जब पुख्ता और गुप्त सूचना के आधार पर वहां अचानक दबिश दी तो इस काले कारनामे का भंडाफोड़ हुआ। मौके से इस अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना मनोहर कुमार शर्मा को रंगे हाथों धर दबोचा गया जो लंबे समय से यह खेल चला रहा था।

