मुजफ्फरपुर, 25 सितंबर 2026। जिले में अपराध पर लगाम लगाने और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अब पुलिस के साथ सिविल प्रशासन के अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में संयुक्त गश्ती करेंगे। रात के समय भी निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने विधि-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए साफ किया कि अपराध नियंत्रण में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में दोनों अधिकारियों ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मौजूदगी केवल थानों और कार्यालयों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्रों में निकलें, लोगों से बातचीत करें और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनका फीडबैक लें। किसी घटना की सूचना मिलने पर समय से कार्रवाई करने के साथ ऐसी घटनाओं को पहले ही रोकने पर जोर दिया गया।
कॉलेज, कोचिंग और छात्रावासों के आसपास बढ़ेगी निगरानी
छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बैठक में विशेष निर्देश दिए गए। डीएम और एसएसपी ने अनुमंडल पदाधिकारियों तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को छात्रावासों, कॉलेजों, आवासीय विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों के आसपास संयुक्त गश्ती करने को कहा। इन स्थानों के आसपास घूमने वाले मनचलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सहित हर वर्ग के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

गश्ती की जिम्मेदारी केवल पुलिस तक सीमित नहीं रहेगी। अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और थानाध्यक्षों को भी एक साथ अपने क्षेत्रों में निकलने का निर्देश दिया गया है। रात में गश्ती करने के साथ अधिकारियों से कहा गया कि वे स्थानीय लोगों से संवाद बनाए रखें। प्रशासन का उद्देश्य क्षेत्र की गतिविधियों की समय रहते जानकारी हासिल करना और किसी अप्रिय घटना की आशंका होने पर पहले से आवश्यक कदम उठाना है।
सोशल मीडिया की निगरानी, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई
बैठक में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क किया गया। डीएम और एसएसपी ने स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत रखने, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करने और सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। किसी अफवाह के सामने आने पर उसका तत्काल खंडन करने तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। साइबर अपराध से जुड़े मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
आदतन अपराधियों और पुराने मामलों में फरार वारंटियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करने, पूर्ण शराबबंदी लागू कराने और नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश मिला है। रात में तय सीमा से अधिक आवाज में संगीत बजाने और अश्लील गाने चलाने वालों के खिलाफ भी नियमों के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
दुर्गा पूजा से छठ तक सुरक्षा की तैयारी
आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ को देखते हुए जिला प्रशासन ने अधिकारियों को अभी से तैयारियां पूरी करने को कहा है। पूजा और अन्य आयोजनों के दौरान निकलने वाले जुलूसों के मार्ग का पहले से सत्यापन करने तथा समय पर शांति समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आयोजन से जुड़े लोगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी समस्या की जानकारी समय रहते प्रशासन तक पहुंच सके।
अधिकारियों ने त्योहारों के दौरान बाहर से बड़ी संख्या में लोगों के घर लौटने का भी जिक्र किया। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तथा सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक में बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर लागू आदर्श आचार संहिता की भी समीक्षा हुई। सभी अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का निष्पक्षता से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
डीएम कुमार गौरव और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ निभाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था या दिए गए निर्देशों के पालन में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी विभागों को आपसी तालमेल बनाए रखने और किसी भी सूचना पर समय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर जिला दंडाधिकारी, अपर समाहर्ता सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और थानाध्यक्ष शामिल हुए।
Disclaimer – यह खबर उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। गश्ती, प्रतिबंध और कार्रवाई से संबंधित निर्देशों का अनुपालन लागू कानूनों तथा स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक आदेशों के अनुसार किया जाएगा।
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