सीतामढ़ी, 22 सितंबर 2026। सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले ऋण की मंजूरी और राशि जारी करने में हो रही देरी पर जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने बैंकों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। डीएम ने जिले में कारोबार, छोटे उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बैंक ऋण की रफ्तार बढ़ाने और सीडी रेशियो में सुधार पर भी जोर दिया।
समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिला परामर्शदात्री समिति, जिला स्तरीय समीक्षा समिति और जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में विभिन्न बैंकों की ओर से ऋण स्वीकृति, ऋण राशि जारी करने और सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान कई योजनाओं में लंबित आवेदनों और ऋण प्रक्रिया में हो रही देरी का मुद्दा सामने आया।
समीक्षा के दौरान बैंकों के प्रदर्शन और लंबित आवेदनों की स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन लाभुकों के आवेदन नियमों के मुताबिक पात्र हैं, उन्हें ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। आवेदन की जांच और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋण स्वीकृति तथा राशि जारी करने में तेजी लाने को कहा गया।
डीएम ने कहा कि जिले में उद्योग, छोटे कारोबार, सेवा आधारित उद्यम और रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में बैंक ऋण की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। उन्होंने बैंकों से ऋण प्रवाह बढ़ाने के साथ जिले के सीडी रेशियो में भी सुधार लाने को कहा, ताकि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके।
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना यानी पीएमएफएमई और पीएम विश्वकर्मा योजना के लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पात्र आवेदकों के मामलों को जल्द आगे बढ़ाने और उन्हें समय पर ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। पीएम विश्वकर्मा योजना में कारीगरों और शिल्पकारों को ऋण सहायता समेत कौशल और बाजार से जुड़ी सुविधाएं दी जाती हैं।
डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों के ऋण आवेदनों पर भी डीएम ने तेजी से कार्रवाई करने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि जिन क्षेत्रों में ऋण के जरिए रोजगार और आय बढ़ाने की संभावना है, वहां बैंक स्तर पर प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
बैठक में नीलाम पत्र से जुड़े मामलों को लेकर भी बैंकों को निर्देश दिए गए। सभी बैंकों को हर महीने नीलाम पत्र कार्यालय जाकर पंजी-9 और पंजी-10 का मिलान करने को कहा गया। इसके अलावा प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर भी समय पर मिलान की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया, ताकि लंबित मामलों की स्थिति स्पष्ट रहे और संबंधित कार्रवाई में देरी न हो।
बैठक में डीडीसी श्वेता भारती, एलडीएम अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ कमल सिंह, बैंकिंग प्रभारी अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव, जीएम-डीआईसी प्रिया भारती, रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि समेत विभिन्न प्रमुख बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।
आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।



