शुक्रवार का दिन अमूमन शांति और इबादत का दिन माना जाता है। लेकिन Darbhanga के नगर थाना क्षेत्र स्थित सेनापत मुहल्ले में यही जुमे का दिन एक खूनी खेल में तब्दील हो गया।
यहाँ महज गाड़ी लगाने (पार्किंग) को लेकर हुए एक मामूली से विवाद ने इतना भयंकर रूप ले लिया कि सरेआम गोलियां चल गईं। इस खौफनाक वारदात में शहर के जाने-माने व्यवसायी और ‘वाव रेस्टोरेंट’ (Wow Restaurant) व ‘वाव वाटर पार्क’ के मालिक अनवर कमाल उर्फ लड्डू (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि अनवर कमाल इस विवाद का हिस्सा भी नहीं थे। वे तो बस एक जिम्मेदार नागरिक की तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने गए थे, लेकिन अपराधियों ने उन्हें ही अपना निशाना बना लिया।
जानकारी के अनुसार, यह पूरी दिल दहला देने वाली घटना सेनापत मुहल्ले की एक मस्जिद के ठीक बाहर घटी। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर अनवर कमाल शांति से जुमे की नमाज अदा करने के बाद मस्जिद से बाहर निकल रहे थे।
तभी उन्होंने देखा कि मस्जिद के बाहर सड़क पर दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक हो रही है। यह पूरा विवाद महज एक गाड़ी खड़ी करने (पार्किंग) की जगह को लेकर शुरू हुआ था। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और हाथापाई की नौबत आ गई।
शहर के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी और जिम्मेदार व्यक्ति होने के नाते, अनवर कमाल उर्फ लड्डू से यह सब देखा नहीं गया। वे दोनों गुटों को समझाने और मामले को शांत कराने के इरादे से उनके बीच पहुंच गए।
लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि गाड़ी लगाने जैसी छोटी सी बात पर कोई अपनी जेब में मौत का सामान (पिस्तौल) लेकर घूम रहा होगा।
बीच-बचाव के दौरान अचानक चली गोली और मची चीख-पुकार
जैसे ही अनवर कमाल ने दोनों पक्षों को अलग करने और समझाने की कोशिश की, विवाद कर रहे लोगों में से एक ने अचानक अपना आपा खो दिया।
आरोपी ने आव देखा न ताव, सरेआम पिस्तौल निकाली और फायरिंग कर दी। गोली सीधे अनवर कमाल के पेट के निचले हिस्से में जा लगी। गोली लगते ही वे खून से लथपथ होकर वहीं सड़क पर गिर पड़े।
गोली की तेज आवाज गूंजते ही पूरे इलाके में भारी दहशत और अफरा-तफरी मच गई। जो लोग नमाज पढ़कर शांति से अपने घर लौट रहे थे, वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मस्जिद के बाहर का पवित्र और शांत माहौल पल भर में चीख-पुकार में बदल गया।
गोली चलाने वाले अपराधी इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
डीएमसीएच (DMCH) से निजी अस्पताल रेफर, हालत बेहद गंभीर
खून से लथपथ अनवर कमाल को जमीन पर गिरता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत हिम्मत दिखाई। बिना एक भी पल गंवाए, लोग उन्हें आनन-फानन में Darbhanga मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) लेकर भागे।
डीएमसीएच के आपातकालीन विभाग में डॉक्टरों ने तुरंत उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। लेकिन पेट के निचले हिस्से में गोली लगने के कारण उनका काफी खून बह चुका था और उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी।
चोट की गंभीरता और अंदरूनी अंगों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए, डीएमसीएच के वरिष्ठ चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर और एडवांस सर्जरी के लिए शहर के एक बड़े निजी अस्पताल (Private Hospital) में रेफर कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल आईसीयू (ICU) में उनका गहन इलाज चल रहा है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी जान बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उनकी स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ इलाका, छानबीन तेज
दिनदहाड़े और वह भी मस्जिद के पास एक नामी व्यवसायी को गोली मारे जाने की खबर से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल की घेराबंदी कर ली और वहां से सबूत इकट्ठा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।
पुलिस की कई टीमें आसपास मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही हैं ताकि गोली चलाने वाले मुख्य आरोपी की सटीक पहचान की जा सके। इसके अलावा, पुलिस मस्जिद और आसपास की सड़कों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है।
सदर एसडीपीओ ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
इस सनसनीखेज वारदात के बाद प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ (SDPO) राजीव कुमार ने खुद मोर्चे पर आकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
एसडीपीओ राजीव कुमार ने आधिकारिक बयान देते हुए स्पष्ट किया कि, “यह पूरा विवाद गाड़ी लगाने (पार्किंग) को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ था। उसी दौरान आवेश में आकर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया, जिसमें बीच-बचाव कर रहे एक व्यक्ति को गोली लगी है।”
आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।
उन्होंने आगे कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “पुलिस की कई टीमें पूरे मामले की सघन जांच कर रही हैं। अपराधियों की पहचान के लिए छापेमारी जारी है। जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। शहर की कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
हमारा निष्कर्ष
Darbhanga के सेनापत मुहल्ले में हुई यह वारदात समाज के गिरते हुए सहनशीलता स्तर का एक बहुत ही डरावना उदाहरण है। महज एक गाड़ी पार्क करने की बात पर सरेआम गोलियां चला देना यह साबित करता है कि लोगों में कानून और पुलिस का खौफ किस कदर खत्म होता जा रहा है।
एक प्रतिष्ठित व्यवसायी, जो केवल झगड़ा शांत कराने गया था, आज जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। यह घटना आम नागरिकों को भी डराती है कि क्या अब सड़क पर किसी की मदद करना या सही बात बोलना भी जानलेवा हो सकता है?
प्रशासन को अब अवैध हथियारों की खुलेआम हो रही तस्करी पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनानी ही होगी। केवल घटना के बाद जांच करना काफी नहीं है; पुलिस को शहर में नियमित गश्त और सघन चेकिंग अभियान चलाना चाहिए।
‘Khabar Aangan’ डेस्क Darbhanga पुलिस से अपील करता है कि वह जल्द से जल्द इन बेलगाम अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेले और शहर के व्यापारियों व आम जनता में सुरक्षा का एक मजबूत विश्वास फिर से कायम करे।
Disclaimer: यह खबर स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों, पुलिस अधिकारियों (SDPO) के आधिकारिक बयानों और प्राथमिक जांच रिपोर्टों पर आधारित है। ‘Khabar Aangan’ न्यूज़ डेस्क शहर में बढ़ रहे ऐसे अपराधों की निंदा करता है और अपने पाठकों तक बिना किसी पक्षपात के रियल-टाइम और सटीक जानकारी पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है।