दरभंगा, 22 अगस्त 2026: जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने बड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले के निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए कई कड़े निर्देश भी जारी किए गए हैं।
निजी अस्पतालों की होगी नियमित जांच, मरीजों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण सेवा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निजी अस्पतालों को योजना के तहत सूचीबद्ध करने की पूरी प्रक्रिया की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। डीएम ने सिविल सर्जन को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी अस्पतालों की नियमित रूप से जांच की जाए। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सूचीबद्ध अस्पतालों में योजना के निर्धारित प्रावधानों और मानकों का पूरी तरह से पालन हो रहा है या नहीं।
प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की भी लगातार निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे प्राइवेट अस्पतालों के कामकाज पर पैनी नजर रखें ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
गंगवाड़ा सदर अस्पताल में जल्द शुरू होगी सिजेरियन और सामान्य सर्जरी
जिले के मरीजों के लिए एक और बड़ी राहत की खबर है। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को गंगवाड़ा स्थित सदर अस्पताल में सर्जरी की आधुनिक सुविधाएं जल्द से जल्द शुरू करने का सख्त निर्देश दिया है। अब तक गंभीर मामलों या सर्जरी के लिए मरीजों को बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। लेकिन अब सदर अस्पताल में ही मरीजों को बेहतर और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जरूरी मशीनरी और मानव संसाधन की व्यवस्था की जा रही है।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से आदेश दिया है कि सदर अस्पताल, गंगवाड़ा में सिजेरियन डिलीवरी (प्रसव), ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग) और सामान्य सर्जरी सहित अन्य सभी आवश्यक सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तत्काल प्रभाव से काम शुरू किया जाए। प्रशासन के इस बड़े कदम से अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को अपने ही जिले और स्थानीय स्तर पर बेहतरीन उपचार की सुविधा मिल सकेगी, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय बढ़ाने का सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक के अंतिम चरण में डीएम कौशल कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय (कोऑर्डिनेशन) के साथ काम करने की नसीहत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय तालमेल से ही अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में निरंतर सुधार लाया जा सकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी मुस्तैदी से निर्वहन करना होगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार मिश्रा, एनसीडीओ सत्येंद्र कुमार, डीपीएम स्वास्थ्य प्रभात कुमार राजू, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशिष अमन और डीसीएम रवि कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को आम जनमानस के लिए और अधिक सुलभ बनाने का संकल्प लिया।
Disclaimer: यह रिपोर्ट दरभंगा जिला प्रशासन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DPRO) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार की गई है। सरकारी योजनाओं और अस्पतालों की सूची से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का संदर्भ लें।
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