सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली इस पीड़ित युवती ने अब न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। उसने अपने प्रेमी आदर्श कुमार उर्फ आदर्श सिंह के खिलाफ महिला थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।
‘खबर आंगन’ की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क इस दिल दहला देने वाले मामले की पूरी सच्चाई आपके सामने ला रही है। इस घटना ने लिव-इन रिलेशनशिप की आड़ में महिलाओं के साथ हो रहे धोखे और अवैध भ्रूण हत्या की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है।
यह पूरी खौफनाक दास्तान वर्ष 2019 में शुरू हुई थी। पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, वह उस समय एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में महिला गार्ड के रूप में काम करती थी।
उसी परीक्षा केंद्र में आरोपी आदर्श कुमार भी गार्ड की ही नौकरी करता था। एक साथ ड्यूटी करने के दौरान दोनों के बीच पहले सामान्य बातचीत शुरू हुई, जो जल्द ही एक गहरे प्रेम संबंध में बदल गई।
आरोपी आदर्श ने युवती को शादी का पक्का भरोसा दिया और उसे अपने साथ रहने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद दोनों Darbhanga शहर में अलग-अलग किराये के कमरे लेकर पति-पत्नी की तरह लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) में रहने लगे थे।
हैवानियत की हदें: 4 बार अल्ट्रासाउंड और जबरन गर्भपात
सात साल के इस लंबे अरसे के दौरान आरोपी ने युवती के शरीर और भावनाओं के साथ जमकर क्रूर खिलवाड़ किया। पीड़िता का बेहद संगीन आरोप है कि इस पूरे लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान वह चार बार गर्भवती हुई।
लेकिन हर बार आरोपी आदर्श उसे किसी अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर ले जाता। वहां लड़की होने की आशंका जताते हुए वह युवती पर गर्भपात (Abortion) कराने का भारी दबाव बनाता।
जब युवती इसका विरोध करती, तो वह उसे जान से मारने की धमकियां देता। इसी डर और शादी टूट जाने के खौफ से आरोपी ने चार अलग-अलग बार उसका जबरन गर्भपात करवा दिया। यह कृत्य न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि कानूनी रूप से भ्रूण हत्या की श्रेणी में आता है।
5वीं बार गर्भवती होने पर दरिंदे ने घर से निकाला
अत्याचार की इंतहा तब हो गई जब पीड़िता हाल ही में पांचवीं बार गर्भवती हुई। इस बार युवती का सब्र टूट गया और उसने गर्भपात कराने से साफ इनकार करते हुए बच्चे को जन्म देने की जिद ठान ली।
इस बात पर आरोपी आदर्श कुमार बुरी तरह भड़क गया और उसने युवती के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। 22 फरवरी की रात को आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और किराये के कमरे से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया।
जब युवती कुछ समय बाद अपना सामान लेने कमरे पर लौटी, तो उसने देखा कि मकान मालिक ने भी आरोपी के इशारे पर वहां बड़ा सा ताला जड़ दिया था। गर्भवती हालत में युवती रात के अंधेरे में सड़क पर दर-दर भटकने को मजबूर हो गई।
जाति की दीवार और परिवार का क्रूर बर्ताव
पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब आदर्श ने अपनी बहन की शादी के बाद भी उससे विवाह करने की बात टालनी शुरू की, तो वह न्याय की आस में उसके माता-पिता के पास उनके घर गई थी।
लेकिन लड़के के परिजनों ने जातिगत भेदभाव (Caste Discrimination) का हवाला देते हुए उसे अपनी बहू मानने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों ने भी उसके साथ क्रूर बर्ताव किया और मारपीट कर उसे जलील करते हुए घर से भगा दिया।
एसएसपी के दखल के बाद महिला थाने में दर्ज हुई FIR
इस पूरी दर्दनाक घटना के बाद पीड़िता न्याय पाने के लिए कई बार Darbhanga महिला थाने के चक्कर काटती रही। लेकिन शुरुआत में पुलिस ने उसकी फरियाद को गंभीरता से नहीं लिया और उसे थाने से टरका दिया गया।
हार मानकर और न्याय की अंतिम आस लेकर पीड़िता ने जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के दरबार में अपनी पीड़ा रखी। एसएसपी के सख्त निर्देश के बाद हरकत में आई महिला थाना पुलिस ने अंततः आरोपी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मामले की पुष्टि करते हुए महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। युवती का सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों की भूमिका पर उठते गंभीर सवाल
इस सनसनीखेज मामले ने जिले में बेखौफ चल रहे अवैध अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों की कार्यप्रणाली पर भी एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। बिना डॉक्टर की पर्ची के अवैध रूप से भ्रूण की जांच करना पीसी एंड पीएनडीटी (PC-PNDT) एक्ट का सीधा उल्लंघन है।
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पुलिस को अब इस बात की भी गहन जांच करनी होगी कि आरोपी आदर्श कुमार ने किस अस्पताल या क्लीनिक में मिलीभगत कर युवती का चार बार गर्भपात करवाया था। इस जघन्य अपराध में शामिल उन डॉक्टरों और क्लीनिक संचालकों की गिरफ्तारी भी उतनी ही जरूरी है।
हमारा निष्कर्ष
शादी का झांसा देकर सात साल तक शारीरिक शोषण करना और बार-बार जबरन गर्भपात कराना मानवता और कानून दोनों के मुंह पर एक करारा तमाचा है। यह मामला सिर्फ बलात्कार का नहीं, बल्कि अवैध लिंग परीक्षण और सुनियोजित भ्रूण हत्या जैसे संगीन अपराधों का भी है।
‘खबर आंगन’ पुलिस प्रशासन से यह मांग करता है कि आरोपी आदर्श और उसका साथ देने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटर्स के खिलाफ त्वरित और बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। लिव-इन रिलेशनशिप की आड़ में महिलाओं की जिंदगी तबाह करने वाले ऐसे अपराधियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जा सके।
Disclaimer: यह एक्सक्लूसिव क्राइम इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट ‘खबर आंगन’ की न्यूज़ डेस्क द्वारा महिला थाना पुलिस की आधिकारिक प्राथमिकी (FIR) और पीड़िता के बयानों के आधार पर संकलित की गई है। हम महिलाओं के खिलाफ होने वाले किसी भी प्रकार के अपराध का कड़ाई से खंडन करते हैं और महिला सशक्तिकरण का पूर्ण समर्थन करते हैं।