G20 में PM Modi क्या नया Global Game पलट देंगे? जानकर चौंक जाओगे!
दक्षिण अफ्रीका में होने जा रहा G20 शिखर सम्मेलन वैश्विक राजनीति का बड़ा मंच बनने वाला है, जहां भारत की भूमिका खास रहेगी। G20 Summit India के तहत पीएम मोदी कई अहम मुद्दों को लेकर दुनिया के नेताओं के साथ बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते दक्षिण अफ्रीका की राजधानी जोहांसबर्ग में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह सम्मेलन 2025 की वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के बीच एक अहम बैठक मानी जा रही है, जिसमें विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता एक मंच पर इकट्ठा होंगे। इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, वैश्विक व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, और सतत विकास जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी।
G20 शिखर सम्मेलन का महत्व
G20 यानी ग्रुप ऑफ ट्वेंटी, 20 प्रमुख विकसित और विकासशील देशों का समूह है जो वैश्विक आर्थिक नीतियों, व्यापार, वित्तीय स्थिरता, और सतत विकास पर चर्चा करता है। इन देशों का विश्व अर्थव्यवस्था में लगभग 85 प्रतिशत योगदान है, दुनिया की दो-तिहाई आबादी इन्हीं देशों में निवास करती है और वैश्विक व्यापार का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा इन देशों से जुड़ा है।यह समूह हर साल किसी एक सदस्य देश में शिखर सम्मेलन आयोजित करता है, जिसमें राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख मिलकर वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। इस साल दक्षिण अफ्रीका G20 की अध्यक्षता कर रहा है और उसका प्रमुख फोकस “विकास में साझेदारी और समावेशी विकास” पर रहेगा।
भारत की भूमिका और अपेक्षाएँ
पिछले साल भारत ने G20 की अध्यक्षता बड़ी सफलता के साथ पूरी की थी। नई दिल्ली में हुआ G20 सम्मेलन इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ क्योंकि यह पहली बार था जब सभी सदस्य देशों ने एकमत से ‘दिल्ली घोषणा पत्र’ को अपनाया। इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि पीएम मोदी दक्षिण अफ्रीका में भारत के अनुभवों और सफल पहलों को साझा करेंगे, साथ ही ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों के हितों पर जोर देंगे।भारत के लिए यह सम्मेलन इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री मोदी जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल नवाचार और वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भारत की सक्रिय भूमिका को सामने रखेंगे।
पिछले दशक में भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा है। भारत की जनसंख्या शक्ति, तकनीकी क्षमता, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक व्यापार में बढ़ते योगदान के कारण उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि और प्रभाव दोनों ही बढ़े हैं। G20 जैसे मंच पर भारत का नेतृत्व दुनिया के कई देशों के लिए दिशा तय करता है।
भारत की भूमिका इसलिए भी अहम है क्योंकि—
•भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है
•आज भारत वैश्विक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का नेतृत्व कर रहा है
•भारत जलवायु, ऊर्जा और विकास संवादों का केंद्र बन चुका है
•भारत गरीब और विकासशील देशों की आवाज़ बनकर उभरा है
इन सभी कारणों से इस बार भी उम्मीद है कि पीएम मोदी सम्मेलन में एक बार फिर भारत के दृष्टिकोण को व्यापक स्तर पर रखेंगे।
दक्षिण अफ्रीका की थीम और एजेंडा
इस बार दक्षिण अफ्रीका ने G20 शिखर सम्मेलन की थीम रखी है — “एक स्थायी, समावेशी और सहयोगी भविष्य की दिशा में साथ कदम”। सम्मेलन में डिजिटल ट्रांजिशन, हरित ऊर्जा, जलवायु वित्त, और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नए मॉडल पर चर्चा की जाएगी।इसके अलावा अफ्रीकी महाद्वीप की अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक ढांचे में बेहतर ढंग से जोड़ने पर भी जोर रहेगा। भारत पहले ही अफ्रीकी देशों के साथ विकासात्मक सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और शिक्षा परियोजनाओं में भागीदार रहा है। ऐसे में पीएम मोदी की उपस्थिति अफ्रीका-भारत संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जा सकती है।
G20 सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, जर्मनी के चांसलर ओलाफ शॉल्त्स, और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा सहित कई शीर्ष नेता भाग लेंगे। इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र महासचिव, विश्व बैंक और IMF के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।सम्मेलन में वैश्विक चुनौतियों जैसे महंगाई, युद्ध-प्रभावित अर्थव्यवस्थाएँ, और जलवायु संकट पर सामूहिक रणनीतियों पर चर्चा होगी। उम्मीद है कि इस साल की बैठक एक साझा कार्ययोजना को परिभाषित करेगी जो दुनिया को सतत विकास की दिशा में ले जाए।
डिजिटल भारत और नवाचार
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने डिजिटल पेमेंट, फिनटेक, और डेटा गवर्नेंस के क्षेत्रों में कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। पीएम मोदी दक्षिण अफ्रीका में इस मॉडल को साझा करते हुए विकासशील देशों के लिए ‘डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर’ (DPI) के उपयोग पर जोर देंगे।‘आधार’, ‘यूपीआई’, और ‘डिजिलॉकर’ जैसी पहलें विश्व के कई देशों में प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। भारत ने विकसित देशों को भी इस दिशा में साझेदारी के अवसर प्रदान किए हैं ताकि डिजिटल अर्थव्यवस्था को अधिक समावेशी बनाया जा सके।
जलवायु संकट और हरित अर्थव्यवस्था
पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन G20 के मुख्य मुद्दों में से एक हैं। भारत ने अपने “पंचामृत लक्ष्यों” और “जीवनशैली फॉर एन्वायरमेंट (LiFE)” अभियान के जरिये वैश्विक जलवायु नीति में अग्रणी भूमिका निभाई है। पीएम मोदी सम्मेलन में यह संदेश देंगे कि हर देश को जलवायु न्याय की भावना से काम करना चाहिए ताकि विकासशील देशों पर अधिक बोझ न पड़े।भारत की ‘नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’, सौर ऊर्जा कार्यक्रम, और इलेक्ट्रिक वाहन नीति को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
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भारत-अफ्रीका सहभागिता
भारत और अफ्रीका के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में दोनों क्षेत्रों ने मिलकर कई प्रगति की हैं। G20 मंच पर पीएम मोदी अफ्रीकी देशों को भारत के दीर्घकालीन साझेदारी कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी देंगे।‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ दृष्टिकोण के तहत भारत अफ्रीकी देशों के छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को भी प्रोत्साहन देने की दिशा में काम कर रहा है। इसके साथ ही, अफ्रीका में कौशल विकास और शिक्षा परियोजनाओं में भारत की भूमिका को भी विस्तार दिया जा सकता है।वैश्विक अर्थव्यवस्था पर फोकसG20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। वैश्विक मंदी, आपूर्ति श्रृंखला में अव्यवस्था, और युद्धों के आर्थिक प्रभाव जैसे विषयों पर चर्चा होगी।पीएम मोदी के लिए यह मंच भारत को एक स्थिर, भरोसेमंद और उभरती शक्ति के रूप में प्रस्तुत करने का मौका देगा। भारत का ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान भी वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
G20 सदस्यों में दुनिया की 80% अर्थव्यवस्था शामिल है, इसलिए हर साल होने वाला यह सम्मेलन दुनिया की दिशा तय करने वाला साबित होता है। इस बार खास ध्यान होगा—
•रूस-यूक्रेन तनाव
•पश्चिम एशिया संकट
•वैश्विक व्यापार संघर्ष
•खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा
•डिजिटल भविष्य की रूपरेखा
भारत इन मुद्दों पर एक संतुलित और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है।
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निष्कर्ष
दक्षिण अफ्रीका में होने वाला यह G20 शिखर सम्मेलन वैश्विक नीति निर्माण का एक निर्णायक मंच बनेगा। भारत के लिए यह अवसर केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व को पुनर्परिभाषित करने का एक मौका होगा। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति और विचार इस बात को फिर से रेखांकित करेंगे कि भारत आज विश्व मंच पर केवल एक सहभागी नहीं, बल्कि एक अग्रणी नीति-निर्माता देश है।G20 के इस मंच पर भारत वैश्विक स्थिरता, समावेशी विकास और सतत समाधान के अपने दृष्टिकोण को साझा करेगा, जिससे विश्व एक अधिक संतुलित और शांतिपूर्ण दिशा में आगे बढ़ सके।
Ravi Prakash Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो राजनीति, सरकारी नीतियों, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वे तथ्य-आधारित पत्रकारिता और विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि के बाद समाचार प्रकाशित करने के लिए जाने जाते हैं।समसामयिक घटनाओं की गहरी समझ के साथ Ravi Prakash Jha महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और क्षेत्रीय विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, जिनका उद्देश्य पाठकों तक स्पष्ट, सटीक और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हुए हैं और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सार्वजनिक नीति, सामाजिक बदलाव और डिजिटल ट्रेंड्स से संबंधित विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग करते हैं।